फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   चिकित्सकों की भारी कमी से जूझ रहा स्वास्थ्य विभाग

चिकित्सकों की भारी कमी से जूझ रहा स्वास्थ्य विभाग

Thu, 09 Nov 2017 12:47 AM IST
Updated Thu, 09 Nov 2017 12:47 AM IST
विज्ञापन
चिकित्सकों की भारी कमी से जूझ रहा स्वास्थ्य विभाग
सहारनपुर। सरकारों की अनदेखी या लापरवाही के कारण जिले की स्वास्थ्य सेवाएं लचर हैं। जनपद में चिकित्सकों के 200 से अधिक पद रिक्त चल रहे हैं, जबकि इनसे अधिक पद स्टाफ नर्स और अन्य स्टाफ के खाली हैं। यही वजह है कि मरीजों को ठीक से इलाज नहीं मिल पाता है और उन्हें मजबूरन प्राइवेट अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
विज्ञापन

जिला अस्पताल में चिकित्सकों के 61 पद स्वीकृत हैं, जिनके सापेक्ष 28 चिकित्सक ही तैनात हैं। जानकार हैरानी होगी कि कई गंभीर रोगों का एक भी चिकित्सक जिला अस्पताल में तैनात नहीं है। इसकी वजह से मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है, जबकि अति गंभीर मरीजों के पास देहरादून, मेरठ, चंडीगढ़ या दिल्ली जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता है। दूरी की वजह से कई बार मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। ऐसी ही हालत महिला जिला अस्पताल की भी है, जहां बेहोशी का एक भी डॉक्टर नहीं है। गायनोकोलॉजिस्ट के पद भी खाली पड़े हैं। इसके अलावा नर्स भी एक तिहाई हैं। इसकी वजह से चिकित्सा अधिकारियों और मौजूदा चिकित्सकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। आलम यह है कि कई चिकित्सकों को ओपीडी के बाद इमरजेंसी और अन्य काम भी देखने होते हैं। इसकी वजह से चिकित्सकों पर काम का बोझ है, जो आठ की बजाय 16 और 18 घंटे तक भी कई बार काम करते हैं। वहीं दूसरी ओर फार्मासिस्ट के स्वीकृत चार पदों के सापेक्ष 12 फार्मासिस्ट तैनात हैं। यानी आठ फार्मासिस्ट अतिरिक्त हैं।
विज्ञापन

-------------------------------
जिला अस्पताल में चिकित्सकों की स्थिति
पद स्वीकृत खाली
ईएमओ 13 08
सर्जरी 07 05
एनेस्थरेटिस्ट 05 04
रोडियोलॉजिस्ट 03 02
पैथोलॉजिस्ट 03 02
आर्थोपेडिक सर्जन 05 02
कार्डियोलॉजिस्ट 02 02
चेस्ट फिजीशियन 03 01
बाल रोग विशेषज्ञ 03 01
प्लास्टिक सर्जन 01 01
दंत रोग विशेषज्ञ 01 01
मनोरोग विशेषज्ञ 01 01
यूरो सर्जन 01 01
न्यूरो सर्जन 01 01
न्यूरो फिजीशियन 01 01
नैफ्रोलॉजिस्ट 01 01
अधीक्षक स्टोर प्रभारी 01 01
----------------------------------
इन रोगों का एक भी चिकित्सक नहीं
जिला अस्पताल में प्लास्टिक सर्जन, दंत रोग विशेषज्ञ, मनोरोग विशेषज्ञ, यूरो सर्जन, न्यूरो सर्जन, न्यूरो फिजीशियन, नैफ्रोलॉजिस्ट और अधीक्षक स्टोर प्रभारी का एक-एक पद स्वीकृत है। जानकर हैरानी होगी कि इनका एक भी चिकित्सक तैनात नहीं है। ऐसे में मरीजों को प्राइवेट चिकित्सकों के पास जाना पड़ता है। वहीं आंखों के चिकित्सकों के तीन पद स्वीकृत हैं, मगर तीन के सापेक्ष चार चिकित्सक तैनात हैं। यानी एक चिकित्सक अतिरिक्त है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----------------------------------
सीएचसी और पीएचसी की स्थिति
- बड़गांव पीएचसी पिछले एक साल से फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है।
- रामपुर मनिहारान सीएचसी में चिकित्सकों के आठ पद स्वीकृत हैं, मगर तीन ही चिकित्सक तैनात हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ, सर्जन, फिजीशियन, डेंटिस्ट, बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है।
- नानौता सीएचसी में चिकित्सकों के आठ पद स्वीकृत हैं, मगर एक ही चिकित्सक तैनात है। स्त्री रोग विशेषज्ञ, सर्जन, फिजीशियन, डेंटिस्ट, बाल रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं है।
- गागलहेड़ी में खरखड़ी सीएचसी में मात्र एक चिकित्सक तैनात है, जबकि पांच पद खाली हैं। एनएमओ, बाल रोग विशेषज्ञ और सर्जन नहीं है।
- नकुड़ सीएचसी में एमडी स्तर के चार पद हैं और चारों खाली हैं। महिला चिकित्सकों के दो पद हैं, जिनमें से एक खाली है। लैब टेक्नीशियन के दो पद हैं, जिनमें से एक खाली है तथा दूसरे पर संविदाकर्मी तैनात हैं।
-चिलकाना सीएचसी में चिकित्सकों के पांच पद स्वीकृत हैं। संविदा पर दो चिकित्सक रखे गए हैं।
-गंगोह सीएचसी में चिकित्सकों के आठ पद स्वीकृत हैं, मगर मात्र एक चिकित्सक के भरोसे अस्पताल चल रहा है। महिला चिकित्सक, सर्जन, फिजीशियन, डेंटिस्ट, बाल रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। फार्मासिस्ट के छह पद स्वीकृत हैं, मगर केवल दो तैनात हैं। 40 उपकेंद्रों पर 40 एएनएम के सापेक्ष 37, 18 स्टाफ नर्स के सापेक्ष छह, छह वार्ड ब्वॉय के सापेक्ष मात्र एक तथा चार चौकीदार के सापेक्ष मात्र एक चौकीदार है। स्वीपर के आठों पद खाली हैं। चपरासी भी नहीं है।
- सरसावा सीएचसी में चिकित्सकों के पांच पद के सापेक्ष एक चिकित्सक तैनात है। एक महिला चिकित्सक, दो फार्मासिस्ट, तीन वार्ड ब्वॉय, दो वार्ड आया और एक संविदा चिकित्सक है। कोई विशेषज्ञ चिकित्सक या सर्जन नहीं है।
-हरोड़ा सीएचसी में एक महिला और तीन पुरुष चिकित्सक तैनात हैं। तीनों स्थाई हैं। इनसे अलग दो चिकित्सक संविदा पर लगे हैं।
-------------------------------
सीएचसी और पीएचसी पर करीब 177 चिकित्सकों की कमी है। इसके अलावा जिला अस्पताल में भी करीब 35 चिकित्सक और चाहिए। चिकित्सकों की भारी कमी की वजह से कई मुश्किलें रहती हैं। फिर भी हम मौजूदा चिकित्सकों से काम चला रहे हैं, मगर यह समस्या का समाधान नहीं है।

डॉ. बीएस सोढ़ी, सीएमओ।
--------------------------------
महिला अस्पताल में बेहोशी का चिकित्सक नहीं है, गायनोकॉलॉजिस्ट के पद खाली पड़े हैं। नर्सों की बात करें तो केवल एक तिहाई नर्स हमारे पास हैं। कम चिकित्सकों और सीमित संसाधनों के बावजूद हम अच्छा काम कर पा रहे हैं।
डॉ. अनीता जोशी, सीएमएस, महिला अस्पताल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed