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Saharanpur News: बिजली पर 119 करोड़ खर्च, फिर भी हो रहे फॉल्ट, लग रहे अघोषित कट
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देहरादून रोड पर फॉल्ट को ठीक करते विद्युत निगम के कर्मी। स्रोत विभाग
- तापमान के 40 पार पहुंचते ही गड़बड़ाने लगती है जिलेभर की बिजली
- विद्युत निगम ने बिजनेस प्लान 2024-25 में 62, 2025-26 में 57 करोड़ खर्चे
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। गर्मी से पहले विद्युत निगम तमाम दावे करता है कि बिजली की किल्लत नहीं होगी। इसके लिए कहीं क्षमता बढ़ाई जाती है तो कहीं लाइनों को ठीक किया जाता है। पिछले दो साल में विद्युत निगम ने इन व्यवस्थाओं को बनाने के लिए करीब 119 कराेड़ रुपये खर्च किए, लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात वाला है। फॉल्ट भी हो रहे हैं और लोग अघोषित कट की मार भी झेल रहे हैं।
विद्युत निगम ने बिजनेस प्लान 2024-25 के तहत करीब 62 करोड़ रुपये से काम कराए। इसमें 19 फीडरों का विभाजन किया गया। करीब 3500 नए खंभे लगाए। 84 किलोमीटर लंबी नई लाइनें डाली गईं। 16 फीडरों में 890 नए खंभे लगाए गए। बिजली चोरी और लाइन लॉस कम करने के लिए 50 किलोमीटर लंबी नई लाइन को भी बिछाया गया। इसके साथ ही कुल 69 ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की गई। इसी के तहत बिजनेस प्लान 2025-26 के तहत भी नया दस एमवीए का नया बिजली घर तैयार कराया जा रहा है। इससे आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने में मदद मिलेगी। नौ उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि कराई। पांच विद्युत केंद्रों पर लोड फैक्टर को कम करने के लिए उन्हें अलग-अलग किया गया। साथ ही नई लाइनें, जर्जर तारों को बदलने आदि का काम किया गया।
- तापमान 40 पार जाते ही लगने लगते हैं कट, आंधी में हो जाता है अंधेरा
महानगर से लेकर देहात क्षेत्र में पारा बढ़ने के साथ ही कट लगने शुरू हो जाते हैं। साथ ही आंधी आने के बाद महानगर में आठ घंटे तक आपूर्ति बाधित रहती है, जबकि देहात क्षेत्रों में आपूर्ति 24 घंटे तक बाधित रहती है। फिलहाल बेहट देहात उपकेंद्र से छह घंटे का कट लग रहा है। शाकंभरी फीडर से जुड़े नौगांवा आदि में रात में दो से तीन घंटे कटौती झेलनी पड़ रही है। चिलकाना के ग्रामीण क्षेत्रों में आठ से दस घंटे की आपूर्ति हो रही है। देवबंद में सुबह साढ़े पांच से साढ़े सात बजे तक कट लगता है। इसके अलावा दिन के समय भी गर्मी के दिनों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। देहात में 12 से 14 घंटे की आपूर्ति मिल रही है। गंगोह में नगर और देहात में औसतन 16 घंटे आपूर्ति हो रही है। पुंवारका में किसानों को सिंचाई के लिए छह घंटे आपूर्ति मिल रही है। बड़गांव में भी पांच से छह घंटे का कट है। छुटमलपुर देहात में 12 से 14 घंटे आपूर्ति हो रही है।
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- वर्जन
जिलेभर में बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए बिजनेस प्लान एवं योजनाओं के तहत कार्य कराए जा रहे हैं। आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए निगम कर्मी और अधिकारी सक्रिय रहते हैं। उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति मिल सके। इसके लिए नए कार्य भी कराए जा रहे हैं। साथ ही व्यवस्था में भी निरंतर सुधार किया जा रहा है। - राजेश कुमार, मुख्य अभियंता विद्युत निगम
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- विद्युत निगम ने बिजनेस प्लान 2024-25 में 62, 2025-26 में 57 करोड़ खर्चे
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। गर्मी से पहले विद्युत निगम तमाम दावे करता है कि बिजली की किल्लत नहीं होगी। इसके लिए कहीं क्षमता बढ़ाई जाती है तो कहीं लाइनों को ठीक किया जाता है। पिछले दो साल में विद्युत निगम ने इन व्यवस्थाओं को बनाने के लिए करीब 119 कराेड़ रुपये खर्च किए, लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात वाला है। फॉल्ट भी हो रहे हैं और लोग अघोषित कट की मार भी झेल रहे हैं।
विद्युत निगम ने बिजनेस प्लान 2024-25 के तहत करीब 62 करोड़ रुपये से काम कराए। इसमें 19 फीडरों का विभाजन किया गया। करीब 3500 नए खंभे लगाए। 84 किलोमीटर लंबी नई लाइनें डाली गईं। 16 फीडरों में 890 नए खंभे लगाए गए। बिजली चोरी और लाइन लॉस कम करने के लिए 50 किलोमीटर लंबी नई लाइन को भी बिछाया गया। इसके साथ ही कुल 69 ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की गई। इसी के तहत बिजनेस प्लान 2025-26 के तहत भी नया दस एमवीए का नया बिजली घर तैयार कराया जा रहा है। इससे आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने में मदद मिलेगी। नौ उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि कराई। पांच विद्युत केंद्रों पर लोड फैक्टर को कम करने के लिए उन्हें अलग-अलग किया गया। साथ ही नई लाइनें, जर्जर तारों को बदलने आदि का काम किया गया।
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- तापमान 40 पार जाते ही लगने लगते हैं कट, आंधी में हो जाता है अंधेरा
महानगर से लेकर देहात क्षेत्र में पारा बढ़ने के साथ ही कट लगने शुरू हो जाते हैं। साथ ही आंधी आने के बाद महानगर में आठ घंटे तक आपूर्ति बाधित रहती है, जबकि देहात क्षेत्रों में आपूर्ति 24 घंटे तक बाधित रहती है। फिलहाल बेहट देहात उपकेंद्र से छह घंटे का कट लग रहा है। शाकंभरी फीडर से जुड़े नौगांवा आदि में रात में दो से तीन घंटे कटौती झेलनी पड़ रही है। चिलकाना के ग्रामीण क्षेत्रों में आठ से दस घंटे की आपूर्ति हो रही है। देवबंद में सुबह साढ़े पांच से साढ़े सात बजे तक कट लगता है। इसके अलावा दिन के समय भी गर्मी के दिनों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। देहात में 12 से 14 घंटे की आपूर्ति मिल रही है। गंगोह में नगर और देहात में औसतन 16 घंटे आपूर्ति हो रही है। पुंवारका में किसानों को सिंचाई के लिए छह घंटे आपूर्ति मिल रही है। बड़गांव में भी पांच से छह घंटे का कट है। छुटमलपुर देहात में 12 से 14 घंटे आपूर्ति हो रही है।
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- वर्जन
जिलेभर में बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए बिजनेस प्लान एवं योजनाओं के तहत कार्य कराए जा रहे हैं। आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए निगम कर्मी और अधिकारी सक्रिय रहते हैं। उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति मिल सके। इसके लिए नए कार्य भी कराए जा रहे हैं। साथ ही व्यवस्था में भी निरंतर सुधार किया जा रहा है। - राजेश कुमार, मुख्य अभियंता विद्युत निगम