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Saharanpur News: वीबी जीरामजी के तहत 1.17 लाख मानव दिवस हुए सृजित
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। वीबी जीरामजी योजना के तहत जनपद में अभी तक 1.17 लाख मानव दिवस सृजित हुए हैं। जिले में 2,183 कार्य शुरू हुए हैं। अभी तक 3.30 करोड़ रुपये के भुगतान डीबीटी के जरिए किया जा चुका है।
केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई नई योजना में 260 के बजाए 320 तरह के कार्य कराए जा सकते हैं। एक ओर जहां मनरेगा में मुख्य रूप से अकुशल शारीरिक श्रम, गड्ढे खोदने, कच्ची सड़कें बनाने, पौधरोपण और तालाब खोदाई आदि कार्य कराए जाते थे। तो वहीं नई योजना में कृषि एवं भूमि सुधार कार्य, पौधरोपण, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, कौशल विकास, स्वरोजगार गतिविधियां आधारभूत संरचना, ग्रामीण संपर्क मार्ग आदि के कार्य कराए जा सकते हैं। नई योजना में जल प्रबंधन सरकार का मुख्य उद्देश्य हैं। वहीं योजना में काम के दिन भी 100 के बजाए 125 दिन किए गए हैं।
जिले में करीब एक लाख जॉब कार्ड धारक योजना के तहत पंजीकृत हैं। योजना के तहत अभी तक 13,510 श्रमिकों ने कार्य किया है। इसके साथ ही पंजीकृत मजदूरों को 15 दिन में भुगतान का प्रावधान है। समय पर भुगतान न होने पर प्रतिकर की भी सुविधा है। यदि समय पर भुगतान नहीं होता है तो श्रमिक को प्रति दिन 0.05 फीसदी की दर से प्रतिकर दिया जाएगा। इसकी गणना भुगतान में हुई देरी की अवधि से की जाएगी। इसके साथ पारदर्शिता के लिए जीपीएस टैग फोटो भी पोर्टल पर अपलोड होंगे।
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- वर्जन
वीबी जीरामजी योजना जिलेभर में क्रियान्वयन किया जा रहा है। श्रमिकों को भुगतान भी किया जा रहा है। योजना के तहत जारी कार्य विभिन्न विकासखंडों में प्रगतिशील हैं।
- प्रणय कृष्ण, प्रभारी वीबी जीरामजी
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सहारनपुर। वीबी जीरामजी योजना के तहत जनपद में अभी तक 1.17 लाख मानव दिवस सृजित हुए हैं। जिले में 2,183 कार्य शुरू हुए हैं। अभी तक 3.30 करोड़ रुपये के भुगतान डीबीटी के जरिए किया जा चुका है।
केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई नई योजना में 260 के बजाए 320 तरह के कार्य कराए जा सकते हैं। एक ओर जहां मनरेगा में मुख्य रूप से अकुशल शारीरिक श्रम, गड्ढे खोदने, कच्ची सड़कें बनाने, पौधरोपण और तालाब खोदाई आदि कार्य कराए जाते थे। तो वहीं नई योजना में कृषि एवं भूमि सुधार कार्य, पौधरोपण, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, कौशल विकास, स्वरोजगार गतिविधियां आधारभूत संरचना, ग्रामीण संपर्क मार्ग आदि के कार्य कराए जा सकते हैं। नई योजना में जल प्रबंधन सरकार का मुख्य उद्देश्य हैं। वहीं योजना में काम के दिन भी 100 के बजाए 125 दिन किए गए हैं।
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जिले में करीब एक लाख जॉब कार्ड धारक योजना के तहत पंजीकृत हैं। योजना के तहत अभी तक 13,510 श्रमिकों ने कार्य किया है। इसके साथ ही पंजीकृत मजदूरों को 15 दिन में भुगतान का प्रावधान है। समय पर भुगतान न होने पर प्रतिकर की भी सुविधा है। यदि समय पर भुगतान नहीं होता है तो श्रमिक को प्रति दिन 0.05 फीसदी की दर से प्रतिकर दिया जाएगा। इसकी गणना भुगतान में हुई देरी की अवधि से की जाएगी। इसके साथ पारदर्शिता के लिए जीपीएस टैग फोटो भी पोर्टल पर अपलोड होंगे।
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- वर्जन
वीबी जीरामजी योजना जिलेभर में क्रियान्वयन किया जा रहा है। श्रमिकों को भुगतान भी किया जा रहा है। योजना के तहत जारी कार्य विभिन्न विकासखंडों में प्रगतिशील हैं।
- प्रणय कृष्ण, प्रभारी वीबी जीरामजी