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रोगों से बर्बाद हो रही धान की फसल, सदमे में आए किसान
Updated Sun, 16 Sep 2018 12:28 AM IST
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गंगोह (सहारनपुर)। बारिश थमने के बाद धान की फसल में आए अनेक रोगों से तैयार फसल बर्बाद हो रही है। इसे देखकर किसान एक बार फिर सदमे की हालत में है। किसानों का आरोप है कि कृषि विभाग किसानों की समस्याओं के प्रति उदासीन बना है। उन्होंने डीएम से प्रत्येक गांव में किसान गोष्ठी आयोजित करवाने की मांग की है।
बता दें कि बारिश रुकने के बाद धान की फसलों में झुलसा रोग, कीट एवं मोटे धान में हल्दी गोली जैसा रोग आ गया है। गांव दूधला के किसान रामपाल के 10 बीघा खेत में हल्दी रोग आने से धान के दाने पीली हल्दी में तब्दील हो गये है। खेत में घुसने पर कपड़े भी पीले हो जाते है। प्रधान महक सिंह, बलजीत सिंह, बलबीर सिंह, सुखदेव सिंह, सरवन, संदीप आदि किसानों के खेतों में भी मोटे धान में हल्दी जैसा रोग आ गया है। किसानों को कम उत्पादन के साथ ही दामों में भारी कमी की आशंका है। तुड़ल बासमती में झुलसा रोग एवं मच्छर का प्रकोप बढ़ गया है। जिसके लिए किसान पेस्टीसाइड का स्प्रे कर बीमारी को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। किसानों को कहना है, कि कृषि विभाग की तरफ बीमारियों की रोकथाम के लिए किसान गोष्ठी का आयोजन किया जाना चाहिए। मगर कृषि विभाग उदासीनता बरत रहा है। किसान गोष्ठी से किसान को फसल में किस बीमारी में क्या दवाई देनी है। और कितनी मात्रा में देनी है। उसकी जानकारी हो जाती हैं।
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बता दें कि बारिश रुकने के बाद धान की फसलों में झुलसा रोग, कीट एवं मोटे धान में हल्दी गोली जैसा रोग आ गया है। गांव दूधला के किसान रामपाल के 10 बीघा खेत में हल्दी रोग आने से धान के दाने पीली हल्दी में तब्दील हो गये है। खेत में घुसने पर कपड़े भी पीले हो जाते है। प्रधान महक सिंह, बलजीत सिंह, बलबीर सिंह, सुखदेव सिंह, सरवन, संदीप आदि किसानों के खेतों में भी मोटे धान में हल्दी जैसा रोग आ गया है। किसानों को कम उत्पादन के साथ ही दामों में भारी कमी की आशंका है। तुड़ल बासमती में झुलसा रोग एवं मच्छर का प्रकोप बढ़ गया है। जिसके लिए किसान पेस्टीसाइड का स्प्रे कर बीमारी को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। किसानों को कहना है, कि कृषि विभाग की तरफ बीमारियों की रोकथाम के लिए किसान गोष्ठी का आयोजन किया जाना चाहिए। मगर कृषि विभाग उदासीनता बरत रहा है। किसान गोष्ठी से किसान को फसल में किस बीमारी में क्या दवाई देनी है। और कितनी मात्रा में देनी है। उसकी जानकारी हो जाती हैं।
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