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विदेशों में योग गुरु बने हैं भायला योग महाविद्यालय के साधक
Updated Thu, 21 Jun 2018 12:40 AM IST
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सहारनपुर। भायला योग महाविद्यालय ने भायला गांव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दी है। यहां से योग सीखकर निकले 40 से अधिक साधक दुनिया के कई देशों में योग सिखा रहे हैं। योग की दुनिया में भायला को चीन का कुनबा कहा जाता है। चीन से ही सबसे अधिक लोग यहां योग करने आते हैं। चीन के अलावा जर्मनी, कनाडा, इंग्लैंड और इस्रराइल के योग प्रेमियों का यहां से जुड़ाव है। भायला में पिछले 50 साल से योग सिखा या जा रहा है। दावा है कि पतंजलि योगपीठ में इसी तर्ज पर योग सिखाया जाता है।
भायला महाविद्यालय के योगाचार्य राजपाल सिंह 1968 से योग सिखा रहे है। गर्मी की अपेक्षा सर्दियों के महीनों जैसे जनवरी और फरवरी में योग सीखने वालों की संख्या अधिक रहती है। महाविद्यालय में देश के कोने-कोने से ही नहीं बल्कि विदेशों तक से लोग आकर योग करते हैं। विदेशी मेहमानों में चीन के मेहमानों की संख्या सर्वाधिक होती है। चीन के लोग योग में ज्यादा रुचि लेते हैं। उनके 40 से अधिक साधक ऐसे हैं जो विदेशों में योग सिखा रहे हैं। दरअसल चीन, इंडोनेशिया, इंग्लैड, वियतनाम, जर्मनी, कनाडा, सऊदी अरब, रूस से लोग यहां योग दर्शन करने के लिए आते हैं। बाद में यहां के साधकों को अनुबंध के आधार पर अपने देश ले जाते हैं। इनमें जसंवत सिंह राणा का नाम सबसे ऊपर है, जो फिलहाल चीन में योग गुुरु बने हैं। योगाचार्य के मुताबिक निरोगी काया रखने के लिए योग बेहद जरूरी है। गंभीर बीमारियां पर योग के माध्यम से दूर की जा सकती है। इसलिए लोगों को अपनी दिनचर्या में योग को भी शामिल करना चाहिए। योग क्रियाएं करने से जहां शरीर स्वस्थ रहता है वहीं मनुष्य को तनाव से भी मुक्ति मिलती है।
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भायला महाविद्यालय के योगाचार्य राजपाल सिंह 1968 से योग सिखा रहे है। गर्मी की अपेक्षा सर्दियों के महीनों जैसे जनवरी और फरवरी में योग सीखने वालों की संख्या अधिक रहती है। महाविद्यालय में देश के कोने-कोने से ही नहीं बल्कि विदेशों तक से लोग आकर योग करते हैं। विदेशी मेहमानों में चीन के मेहमानों की संख्या सर्वाधिक होती है। चीन के लोग योग में ज्यादा रुचि लेते हैं। उनके 40 से अधिक साधक ऐसे हैं जो विदेशों में योग सिखा रहे हैं। दरअसल चीन, इंडोनेशिया, इंग्लैड, वियतनाम, जर्मनी, कनाडा, सऊदी अरब, रूस से लोग यहां योग दर्शन करने के लिए आते हैं। बाद में यहां के साधकों को अनुबंध के आधार पर अपने देश ले जाते हैं। इनमें जसंवत सिंह राणा का नाम सबसे ऊपर है, जो फिलहाल चीन में योग गुुरु बने हैं। योगाचार्य के मुताबिक निरोगी काया रखने के लिए योग बेहद जरूरी है। गंभीर बीमारियां पर योग के माध्यम से दूर की जा सकती है। इसलिए लोगों को अपनी दिनचर्या में योग को भी शामिल करना चाहिए। योग क्रियाएं करने से जहां शरीर स्वस्थ रहता है वहीं मनुष्य को तनाव से भी मुक्ति मिलती है।
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