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बदहाल दून हाईवे पर सफर करना बना मुसीबत
Updated Fri, 14 Sep 2018 12:30 AM IST
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बिहारीगढ़ (सहारनपुर)। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर सफर करना दूभर हो गया हैं। दून हाईवे पूरी तरह गड्ढों में तब्दील है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। जिले की सीमा में आने वाले डाट काली मंदिर तक गड्ढों में सड़क है। इस मार्ग से आए दिन अधिकारियों और नेताओं का आवागमन भी होता है, लेकिन इसके बावजूद गड्ढों को भरने तक की कोशिश नहीं की गई हैं।
सहारनपुर से लेकर मोहंड तक हर तरफ गड्ढे ही गड्ढे हैं। दून हाईवे पर रोजमर्रा लाखों लोग सफर करते हैं। डाट काली मंदिर तक जिले की सीमा है। मंदिर के पार उत्तराखंड की सीमा में सड़क चकाचक है। बरसात के बाद सड़क पूरी गड्ढों में तब्दील हो गई है। इस मार्ग पर आवागमन करना किसी मुसीबत से कम नहीं है। एनएच अथवा प्रशासन की तरफ से सड़कों में बन गए जानलेवा गड्ढों को भरने की कोशिश तक नहीं की गई है। यात्री विनोद सैनी, राजकिशोर, रिजवान, फुरकान सड़क में गड्ढों के कारण चलना मुश्किल हो गया है। सड़क को ठीक कराए जाने को वह प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार पत्र लिख चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने सड़क को दुरुस्त कराने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। सड़क टूटी होने के कारण रोजमर्रा हादसे हो रहे है। सफर भी एक घंटे से अधिक बढ़ गया है। दूसरी तरफ टूटी सड़कों पर चलने के कारण वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।
मरीजों को होती है दिक्कत
बिहारीगढ़। सहारनपुर से रेफर किए गए मरीज देहरादून और ऋषिकेश के अस्पतालों में समय से नहीं पहुंच पाते हैं। सहारनपुर से एंबुलेंस पहले 90 से 95 मिनट में देहरादून पहुंच जाती थी, लेकिन अब तीन घंटे से अधिक का समय लग रहा है। इस वजह से मरीजों को समय से उपचार नहीं मिल पाता है।
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सहारनपुर से लेकर मोहंड तक हर तरफ गड्ढे ही गड्ढे हैं। दून हाईवे पर रोजमर्रा लाखों लोग सफर करते हैं। डाट काली मंदिर तक जिले की सीमा है। मंदिर के पार उत्तराखंड की सीमा में सड़क चकाचक है। बरसात के बाद सड़क पूरी गड्ढों में तब्दील हो गई है। इस मार्ग पर आवागमन करना किसी मुसीबत से कम नहीं है। एनएच अथवा प्रशासन की तरफ से सड़कों में बन गए जानलेवा गड्ढों को भरने की कोशिश तक नहीं की गई है। यात्री विनोद सैनी, राजकिशोर, रिजवान, फुरकान सड़क में गड्ढों के कारण चलना मुश्किल हो गया है। सड़क को ठीक कराए जाने को वह प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार पत्र लिख चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने सड़क को दुरुस्त कराने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। सड़क टूटी होने के कारण रोजमर्रा हादसे हो रहे है। सफर भी एक घंटे से अधिक बढ़ गया है। दूसरी तरफ टूटी सड़कों पर चलने के कारण वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।
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मरीजों को होती है दिक्कत
बिहारीगढ़। सहारनपुर से रेफर किए गए मरीज देहरादून और ऋषिकेश के अस्पतालों में समय से नहीं पहुंच पाते हैं। सहारनपुर से एंबुलेंस पहले 90 से 95 मिनट में देहरादून पहुंच जाती थी, लेकिन अब तीन घंटे से अधिक का समय लग रहा है। इस वजह से मरीजों को समय से उपचार नहीं मिल पाता है।
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