{"_id":"5b2d499c4f1c1bc2378b5537","slug":"111529694620-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिडवी शुगर मिल ने दिया मिल नहीं चलाने का नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिडवी शुगर मिल ने दिया मिल नहीं चलाने का नोटिस
Updated Sat, 23 Jun 2018 12:40 AM IST
विज्ञापन
सहारनपुर। बिजनौर और चांदपुर के बाद अब वेव ग्रुप की बिड़वी शुगर मिल ने भी मिल चलाने से हाथ खडे़ कर दिया। प्रबंधन ने जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडे और जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी के यहां नोटिस भेजकर अवगत कराया है।
सीबीआई की जांच शुरू होने के बाद बसपा शासन काल में खरीदी गई शुगर मिलों के संचालन से वेव ग्रुप ने हाथ खडे कर दिए है। शुक्रवार को जिला गन्ना अधिकारी को भेजे पत्र में बेव ग्रुप ने कहा कि सीबीआई जांच से ग्रुप और मिलों की छवि को नुकसान हुआ है। इसके चलते बैंक भी मिलों को सपोर्ट नहीं कर रहे हैं। जिससे मिल का चलाया जाना संभव नहीं है। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि नोटिस द्वारा भेजा गया नोटिस उन्हें शुक्रवार को मिला है। बता दें कि बसपा शासन काल में बिड़वी शुगर मिल को 31 करोड़ 62 लाख में वेव ग्रुप ने खरीदा था। इसके बाद ग्रुप ने कर्मचारियों की वीआरएस पर भी करीब 15 करोड से अधिक धनराशि खर्च की थी।
किसानों की उम्मीदों को लगा झटका
सहारनपुर। बिड़वी शुगर मिल को चलाने की मांग को लेकर क्षेत्रीय किसान लंबे समय से संघर्षरत रहे हैं। इसको लेकर किसानों ने मिल गेट पर धरना प्रदर्शन से लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन तक सौंपा गया है। हालांकि आगामी सीजन में मिल चलाने के लिए बिड़वी शुगर मिल में रिपेयरिंग का काम भी शुरू करा दिया गया था। लेकिन बाद में मिल बेचने को लेकर सीबीआई की जांच की घोषणा के बाद से मिल के चलने पर आशंका पैदा हो गई । किसान हित संघर्ष समिति के अध्यक्ष बिट्टू नंबरदार का कहना है कि मिल को चलाए बिना क्षेत्रीय किसानों को भला नहीं हो सकता। किसानों का संघर्ष मिल चलाने को लेकर है वेव ग्रुप चलाए या फिर सरकार।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीबीआई की जांच शुरू होने के बाद बसपा शासन काल में खरीदी गई शुगर मिलों के संचालन से वेव ग्रुप ने हाथ खडे कर दिए है। शुक्रवार को जिला गन्ना अधिकारी को भेजे पत्र में बेव ग्रुप ने कहा कि सीबीआई जांच से ग्रुप और मिलों की छवि को नुकसान हुआ है। इसके चलते बैंक भी मिलों को सपोर्ट नहीं कर रहे हैं। जिससे मिल का चलाया जाना संभव नहीं है। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि नोटिस द्वारा भेजा गया नोटिस उन्हें शुक्रवार को मिला है। बता दें कि बसपा शासन काल में बिड़वी शुगर मिल को 31 करोड़ 62 लाख में वेव ग्रुप ने खरीदा था। इसके बाद ग्रुप ने कर्मचारियों की वीआरएस पर भी करीब 15 करोड से अधिक धनराशि खर्च की थी।
विज्ञापन
किसानों की उम्मीदों को लगा झटका
सहारनपुर। बिड़वी शुगर मिल को चलाने की मांग को लेकर क्षेत्रीय किसान लंबे समय से संघर्षरत रहे हैं। इसको लेकर किसानों ने मिल गेट पर धरना प्रदर्शन से लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन तक सौंपा गया है। हालांकि आगामी सीजन में मिल चलाने के लिए बिड़वी शुगर मिल में रिपेयरिंग का काम भी शुरू करा दिया गया था। लेकिन बाद में मिल बेचने को लेकर सीबीआई की जांच की घोषणा के बाद से मिल के चलने पर आशंका पैदा हो गई । किसान हित संघर्ष समिति के अध्यक्ष बिट्टू नंबरदार का कहना है कि मिल को चलाए बिना क्षेत्रीय किसानों को भला नहीं हो सकता। किसानों का संघर्ष मिल चलाने को लेकर है वेव ग्रुप चलाए या फिर सरकार।
विज्ञापन