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तीन तलाक का कानून मुस्लिम महिलाओं के लिए अच्छा कदम
Updated Sun, 31 Dec 2017 12:17 AM IST
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सहारनपुर। राज्य हज समिति के पूर्व सदस्य राशिद अंसारी ने कहा है कि तीन तलाक पर केंद्र सरकार ने जो बिल पास किया है वह मुस्लिम महिलाओं के लिए मजबूत पहल एवं अच्छा कदम है। मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से मुक्ति मिलेगी।
राशि अंसारी ने कहा कि कुछ मुसलमान शरीयत के हिसाब से काम नहीं कर रहे हैं। शरीयत के मुताबिक मुसलमान अपने जीवन का रास्ता अपना लें तो कोई काम मुश्किल नहीं हो सकता। छोटी-छोटी बातों पर पत्नी को एक साथ तीन तलाक देकर घर से बाहर निकालना बिल्कुल गलत है। शरीयत में इस तरह के तीन तलाक देने की कोई गुंजाइश नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद तीन तलाक की घटना से महिलाओं को जूझना पड़ रहा है। इसलिए केंद्र सरकार द्वारा सजा का बिल पास कराया जाना बिल्कुल सही है। राशिद अंसारी ने कहा कि तीन तलाक के कारण मुस्लिम समाज की महिलाएं बेघर हो रहीं हैं एवं परिवार टूट चुके हैं। अब तीन तलाक के कानून से मुस्लिम महिलाओं के घर बर्बाद होने से बच जाएंगे।
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राशि अंसारी ने कहा कि कुछ मुसलमान शरीयत के हिसाब से काम नहीं कर रहे हैं। शरीयत के मुताबिक मुसलमान अपने जीवन का रास्ता अपना लें तो कोई काम मुश्किल नहीं हो सकता। छोटी-छोटी बातों पर पत्नी को एक साथ तीन तलाक देकर घर से बाहर निकालना बिल्कुल गलत है। शरीयत में इस तरह के तीन तलाक देने की कोई गुंजाइश नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद तीन तलाक की घटना से महिलाओं को जूझना पड़ रहा है। इसलिए केंद्र सरकार द्वारा सजा का बिल पास कराया जाना बिल्कुल सही है। राशिद अंसारी ने कहा कि तीन तलाक के कारण मुस्लिम समाज की महिलाएं बेघर हो रहीं हैं एवं परिवार टूट चुके हैं। अब तीन तलाक के कानून से मुस्लिम महिलाओं के घर बर्बाद होने से बच जाएंगे।
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