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विश्व में मौत का नंबर एक कारण है ह्दय रोग
Updated Fri, 29 Sep 2017 12:49 AM IST
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सहारनपुर। आज विश्व हृदय दिवस है। आपको बता दें कि हृदय रोग वर्तमान में पूरी दुनिया में मौत का नंबर एक कारण बन चुका है। दुनिया में हर चौथा व्यक्ति दिल की बीमारी से घिरा है। यदि यही स्थिति रही तो 2020 तक हर तीसरा व्यक्ति दिल का मरीज होगा। चिकित्सकों की मानें तो हम अपने खानपान और दिनचर्या में बदलाव कर इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आने से खुद को बचा सकते हैं।
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी और डॉ. कुनाल जैन बताते हैं कि भारत में करीब 30 मिलियन लोग दिल के मरीज हैं, जिनमें से 16 मिलियन ग्रामीण और 14 मिलियन शहरी क्षेत्र में रहते हैं। विश्व में प्रति वर्ष 177 मिलियन लोगों की मौत हृदय रोग के कारण होती है और यह आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है, जो सोचनीय है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर लोग खराब दिनचर्या और गलत खानपान की वजह से हृदय रोग की चपेट में आते हैं। यदि वह संतुलित आहार लें और नुकसान देने वाली चीजों से परहेज करें तो हृदय रोग की चपेट में आने से बच सकते हैं। साथ ही दिनचर्या यानी आप दिनभर में कैसा काम करते हैं, कितने घंटे काम करते हैं, व्यायाम करते हैं पर भी निर्भर करता है। उनकी सलाह है कि यदि किसी व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ा है तो उसे तुरंत डिस्प्रीन और सॉर्बीट्रेट टेबलेट देनी चाहिए और तुरंत योग्य चिकित्सक के पास जाना चाहिए। आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. कलीम का कहना है कि दिल की बीमारी से बचने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। लापरवाह जीवनशैली वाले इसके जल्द शिकार होते हैं।
दिल के दौरा पड़ने के मुख्य कारण
- धूम्रपान करना (दिन में दस से अधिक सिगरेट पीना)।
- हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप।
- मोटापा और अधिक शराब पीना।
- खून में वसायुक्त पदार्थ की मात्रा का बढ़ना।
- अधिक गुस्सा और चिंता करना।
- अनुवांशिक यानी पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाने वाली बीमारी।
दिल का दौरा पड़ने के लक्षण
- छाती के बीचोंबीच दर्द होना और दर्द का बाएं और दाएं हाथ में जाना।
- छाती के दर्द का गले में जाना।
- छाती के दर्द के साथ पसीना और उल्टी आना।
- सांस फूलना।
इनसे करें परहेज
- वनस्पति घी, तली चीजें जैसे समोसा, पूरी, पिज्जा, चाऊमीन, बर्गर, मोमोज, बकरे का मीट, अंडे का पीला भाग, अचार, मक्खन, मैदा, मलाई वाला दूध हृदय रोगी के लिए नुकसानदायक है। इन्हें खाने से बचना चाहिए।
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लाभदायक आहार
- हरी पत्तेदार सब्जियां।
- सलाद और ताजे फल।
- साबुत और छिलके वाली दालें।
- ब्राउन ब्रेड और ब्राउन राइस।
- गेहूं के आटे के साथ चना और जौ का आटा मिलाएं।
- प्याज और लहसुन।
दिल के मरीजों के लिए सावधानी
- भारी काम नहीं करना चाहिए।
- सीधी सीढ़ियां नहीं चढ़ना चाहिए।
- भोजन करने के बाद आराम करना चाहिए।
- अधिक सर्दी से बचना चाहिए।
- गुस्सा करने से बचना चाहिए।
- शराब और धूम्रपान त्याग देना चाहिए।
- अपनी मर्जी से दवा घटानी या बढ़ानी नहीं चाहिए।
- मोटापा है तो उसको दूर करना चाहिए।
- बासी सब्जी खाने से बचना चाहिए।
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वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी और डॉ. कुनाल जैन बताते हैं कि भारत में करीब 30 मिलियन लोग दिल के मरीज हैं, जिनमें से 16 मिलियन ग्रामीण और 14 मिलियन शहरी क्षेत्र में रहते हैं। विश्व में प्रति वर्ष 177 मिलियन लोगों की मौत हृदय रोग के कारण होती है और यह आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है, जो सोचनीय है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर लोग खराब दिनचर्या और गलत खानपान की वजह से हृदय रोग की चपेट में आते हैं। यदि वह संतुलित आहार लें और नुकसान देने वाली चीजों से परहेज करें तो हृदय रोग की चपेट में आने से बच सकते हैं। साथ ही दिनचर्या यानी आप दिनभर में कैसा काम करते हैं, कितने घंटे काम करते हैं, व्यायाम करते हैं पर भी निर्भर करता है। उनकी सलाह है कि यदि किसी व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ा है तो उसे तुरंत डिस्प्रीन और सॉर्बीट्रेट टेबलेट देनी चाहिए और तुरंत योग्य चिकित्सक के पास जाना चाहिए। आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. कलीम का कहना है कि दिल की बीमारी से बचने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। लापरवाह जीवनशैली वाले इसके जल्द शिकार होते हैं।
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दिल के दौरा पड़ने के मुख्य कारण
- धूम्रपान करना (दिन में दस से अधिक सिगरेट पीना)।
- हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप।
- मोटापा और अधिक शराब पीना।
- खून में वसायुक्त पदार्थ की मात्रा का बढ़ना।
- अधिक गुस्सा और चिंता करना।
- अनुवांशिक यानी पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाने वाली बीमारी।
दिल का दौरा पड़ने के लक्षण
- छाती के बीचोंबीच दर्द होना और दर्द का बाएं और दाएं हाथ में जाना।
- छाती के दर्द का गले में जाना।
- छाती के दर्द के साथ पसीना और उल्टी आना।
- सांस फूलना।
इनसे करें परहेज
- वनस्पति घी, तली चीजें जैसे समोसा, पूरी, पिज्जा, चाऊमीन, बर्गर, मोमोज, बकरे का मीट, अंडे का पीला भाग, अचार, मक्खन, मैदा, मलाई वाला दूध हृदय रोगी के लिए नुकसानदायक है। इन्हें खाने से बचना चाहिए।
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लाभदायक आहार
- हरी पत्तेदार सब्जियां।
- सलाद और ताजे फल।
- साबुत और छिलके वाली दालें।
- ब्राउन ब्रेड और ब्राउन राइस।
- गेहूं के आटे के साथ चना और जौ का आटा मिलाएं।
- प्याज और लहसुन।
दिल के मरीजों के लिए सावधानी
- भारी काम नहीं करना चाहिए।
- सीधी सीढ़ियां नहीं चढ़ना चाहिए।
- भोजन करने के बाद आराम करना चाहिए।
- अधिक सर्दी से बचना चाहिए।
- गुस्सा करने से बचना चाहिए।
- शराब और धूम्रपान त्याग देना चाहिए।
- अपनी मर्जी से दवा घटानी या बढ़ानी नहीं चाहिए।
- मोटापा है तो उसको दूर करना चाहिए।
- बासी सब्जी खाने से बचना चाहिए।