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Saharanpur News: जनपद में 1050 कारीगरों को बनाया जाएगा आत्मनिर्भर
Fri, 24 Mar 2023 12:01 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 24 Mar 2023 12:01 AM IST
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सहारनपुर। उद्योग विभाग कारीगरों को स्वरोजगार करने के लिए प्रोत्साहित करने में जुटा है। इसके लिए कारीगरों को न सिर्फ प्रशिक्षित किया जा रहा है बल्कि उन्हें टूलकिट भी निशुल्क दिए जाएंगे। जनपद में 1050 कारीगरों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है।
अधिकांश कारीगर दूसरों के प्रतिष्ठानों पर काम कर अपना जीवन यापन करते हैं। उद्योग विभाग कारीगरों को स्वरोजगार करने के लिए प्रेरित कर रहा है। जिससे वे अपने हुनर का अधिकतम लाभ उठा सकें। इसके लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत कारीगरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। छह दिवसीय प्रशिक्षण में कारीगरों के हुनर को न सिर्फ निखारा जाएगा बल्कि उनके विपणन के गुर में सिखाए जाएंगे, साथ ही उनके उत्पादों के विपणन की रणनीति के बारे में अवगत कराया जाएगा। जिससे वे अपने उत्पादों एवं सेवाओं से अच्छा लाभ प्राप्त कर सकें। छह दिवसीय प्रशिक्षण के बाद कारीगरों को 1500 रुपये मानदेय और संबंधित ट्रेड का टूलकिट भी दिए जाएंगे। विश्वकर्मा श्रम सम्मान निधि योजना में बढ़ई, मोची, दर्जी, नाई, सुनार, टोकरी बुनकर, कुम्हार, हलवाई और राजमिस्त्री आदि कारीगर शामिल हैं।
उद्योग विभाग का उद्देश्य कारीगरों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्रेरित करना है। इसके लिए प्रशिक्षण देकर उनके हुनर को निखारा जाएगा, साथ ही उन्हें संबंधित ट्रेड की टूलकिट भी निशुल्क दी जाएगी। जिससे वे प्रशिक्षण के बाद उनका रोजगार स्थापित कर सकें।
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-- सिद्धार्थ यादव, उपायुक्त उद्योग।
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अधिकांश कारीगर दूसरों के प्रतिष्ठानों पर काम कर अपना जीवन यापन करते हैं। उद्योग विभाग कारीगरों को स्वरोजगार करने के लिए प्रेरित कर रहा है। जिससे वे अपने हुनर का अधिकतम लाभ उठा सकें। इसके लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत कारीगरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। छह दिवसीय प्रशिक्षण में कारीगरों के हुनर को न सिर्फ निखारा जाएगा बल्कि उनके विपणन के गुर में सिखाए जाएंगे, साथ ही उनके उत्पादों के विपणन की रणनीति के बारे में अवगत कराया जाएगा। जिससे वे अपने उत्पादों एवं सेवाओं से अच्छा लाभ प्राप्त कर सकें। छह दिवसीय प्रशिक्षण के बाद कारीगरों को 1500 रुपये मानदेय और संबंधित ट्रेड का टूलकिट भी दिए जाएंगे। विश्वकर्मा श्रम सम्मान निधि योजना में बढ़ई, मोची, दर्जी, नाई, सुनार, टोकरी बुनकर, कुम्हार, हलवाई और राजमिस्त्री आदि कारीगर शामिल हैं।
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उद्योग विभाग का उद्देश्य कारीगरों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्रेरित करना है। इसके लिए प्रशिक्षण देकर उनके हुनर को निखारा जाएगा, साथ ही उन्हें संबंधित ट्रेड की टूलकिट भी निशुल्क दी जाएगी। जिससे वे प्रशिक्षण के बाद उनका रोजगार स्थापित कर सकें।
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