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नसबंदी के बावजूद बढ़ गई कुतो की संख्या
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सहारनपुर। नगर निगम ने पिछले वर्ष कुत्तों की नसबंदी पर नौ लाख रुपये खर्च किए, मगर कुत्तों की संख्या घटने के बजाए और बढ़ गई है। इसका बेहतर उदाहरण नगर निगम परिसर खुद है, जहां बड़ी संख्या में कुत्ते मंडराते रहते हैं, जिनकी वजह से निगम कर्मचारी खुद परेशान हैं। इतना ही नहीं, महापौर और नगरायुक्त के कार्यालयों के बाद 24 घंटे कुत्तों का जमावड़ा देखा जा सकता है।
नगर में आवारा कुत्तों का आतंक है। कई बार कुत्ते हिंसक होकर लोगों को नुकसान पहुंचा चुके हैं। करीब आठ महीने पहले शहर से सटे शेखपुरा कदीम में कुत्तों के झुंड ने छह वर्ष के बच्चे को नोंचकर मार डाला था। लोगों को आवारा कुत्तों से निजात दिलाने के नाम पर नगर निगम ने आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए अभियान चलाया, जिसपर नौ लाख रुपये खर्च हुए थे। मगर नसबंदी के बावजूद नगर में कुत्तों की संख्या बढ़ रही है। दिन भर नगर निगम कार्यालयों में कुत्ते और उनके बच्चे मंडराते हैं, जिससे कर्मचारी भी परेशान हैं। महापौर संजीव वालिया और नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह के दफ्तरों के बाहर भी कुत्तों का जमावड़ा रहता है।
कुत्तों के आतंक से लोग परेशान
आवारा कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हैं। मंगलवार को भी बड़ी संख्या में लोग नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह और नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गीताराम से मिले। उक्त लोगों ने बताया कि उनकी कॉलोनी में बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते रहते हैं, जो गंदगी फैलाने के साथ ही लोगों पर हमला भी कर रहे हैं। उन्होंने कुत्तों से निजात दिलाने की मांग नगरायुक्त से की। नगरायुक्त ने इस संबंध में कदम उठाने के लिए नगर स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया है।
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कुत्ते रखने को बाड़ा बनाने की तैयारी
नगर निगम शहर में आवारा कुत्तों को कम करने के लिए बाड़े बनाने की तैयारी में है। पिछले दिनों हुई नगर निगम बोर्ड की बैठक में पार्षदों ने यह मामला उठाया था, जिसके बाद कुत्तों से निपटने के लिए एक प्रस्ताव भी लाया गया। पहले कुत्तों को पकड़कर शहर से बाहर छोड़ने की बात कही जा रही थी, मगर बाद में कुत्तों के लिए शहर में ही बाड़े बनाने का प्रस्ताव लाया गया, जो विचाराधीन है।
कुत्ते ने गंदा किया तो मालिक भरेगा जुर्माना
शहर में बड़ी संख्या में लोगों ने अलग-अलग नस्ल के कुत्ते पाले हुए हैं। अक्सर देखा गया है कि लोग कुत्तों को टहलाने के बहाने घरों से बाहर लेकर निकलते हैं। ज्यादातर कुत्ते घर के बाहर आकर ही गंदगी करते हैं। नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने शहर में गंदगी फैलाने वाले पालतू कुत्तों को चिह्नित कर उनके मालिकों पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाने के निर्देश नगर स्वास्थ्य अधिकारी को दिए हैं।
नसबंदी के बाद कुत्तों की संख्या में काफी कमी आई है। फिर भी नगर निगम लोगों को आवारा कुत्तों से निजात दिलाने के लिए बाड़े बनाने की सोच रहा है। शहर को साफ सुथरा बनाने के लिए नगर निगम हर तरह के कदम उठा रहा है। खुले में लघुशंका करने वालों पर जुर्माना लगाया जा रहा है। पालतू कुत्तों द्वारा शहर में गंदगी करने पर उनके मालिकों पर जुर्माना लगाने को कहा गया है।
- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
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नगर में आवारा कुत्तों का आतंक है। कई बार कुत्ते हिंसक होकर लोगों को नुकसान पहुंचा चुके हैं। करीब आठ महीने पहले शहर से सटे शेखपुरा कदीम में कुत्तों के झुंड ने छह वर्ष के बच्चे को नोंचकर मार डाला था। लोगों को आवारा कुत्तों से निजात दिलाने के नाम पर नगर निगम ने आवारा कुत्तों की नसबंदी के लिए अभियान चलाया, जिसपर नौ लाख रुपये खर्च हुए थे। मगर नसबंदी के बावजूद नगर में कुत्तों की संख्या बढ़ रही है। दिन भर नगर निगम कार्यालयों में कुत्ते और उनके बच्चे मंडराते हैं, जिससे कर्मचारी भी परेशान हैं। महापौर संजीव वालिया और नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह के दफ्तरों के बाहर भी कुत्तों का जमावड़ा रहता है।
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कुत्तों के आतंक से लोग परेशान
आवारा कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हैं। मंगलवार को भी बड़ी संख्या में लोग नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह और नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गीताराम से मिले। उक्त लोगों ने बताया कि उनकी कॉलोनी में बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते रहते हैं, जो गंदगी फैलाने के साथ ही लोगों पर हमला भी कर रहे हैं। उन्होंने कुत्तों से निजात दिलाने की मांग नगरायुक्त से की। नगरायुक्त ने इस संबंध में कदम उठाने के लिए नगर स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया है।
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कुत्ते रखने को बाड़ा बनाने की तैयारी
नगर निगम शहर में आवारा कुत्तों को कम करने के लिए बाड़े बनाने की तैयारी में है। पिछले दिनों हुई नगर निगम बोर्ड की बैठक में पार्षदों ने यह मामला उठाया था, जिसके बाद कुत्तों से निपटने के लिए एक प्रस्ताव भी लाया गया। पहले कुत्तों को पकड़कर शहर से बाहर छोड़ने की बात कही जा रही थी, मगर बाद में कुत्तों के लिए शहर में ही बाड़े बनाने का प्रस्ताव लाया गया, जो विचाराधीन है।
कुत्ते ने गंदा किया तो मालिक भरेगा जुर्माना
शहर में बड़ी संख्या में लोगों ने अलग-अलग नस्ल के कुत्ते पाले हुए हैं। अक्सर देखा गया है कि लोग कुत्तों को टहलाने के बहाने घरों से बाहर लेकर निकलते हैं। ज्यादातर कुत्ते घर के बाहर आकर ही गंदगी करते हैं। नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने शहर में गंदगी फैलाने वाले पालतू कुत्तों को चिह्नित कर उनके मालिकों पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाने के निर्देश नगर स्वास्थ्य अधिकारी को दिए हैं।
नसबंदी के बाद कुत्तों की संख्या में काफी कमी आई है। फिर भी नगर निगम लोगों को आवारा कुत्तों से निजात दिलाने के लिए बाड़े बनाने की सोच रहा है। शहर को साफ सुथरा बनाने के लिए नगर निगम हर तरह के कदम उठा रहा है। खुले में लघुशंका करने वालों पर जुर्माना लगाया जा रहा है। पालतू कुत्तों द्वारा शहर में गंदगी करने पर उनके मालिकों पर जुर्माना लगाने को कहा गया है।
- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।