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बंदी के साथ मारपीट करने का आरोप
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बंदी के साथ मारपीट करने का आरोप
सहारनपुर। तीतरो के मोहल्ला अफगान नूर मस्जिद निवासी शबनम ने जेल में बंद पति को पिटाई कर घायल करने का आरोप लगाया है। वहीं, जेल अधिकारियों का कहना है कि बंदी के पास से चेकिंग में आपत्तिजनक सामग्री मिली थी। इसके बाद बंदी से मुलाकात करानी बंद कर दी गई थी, इसलिए बंदी के परिजन निराधार आरोप लगा रहे हैं।
शबनम का कहना है कि उसका पति नन्हा जिला कारागार में काफी समय से बंद है। आरोप है कि उसके पति की किसी अन्य बंदी से कहासुनी हो गई थी। जिस पर एक डिप्टी जेलर ने नंबरदार केे साथ मिलकर उसके पति को पीटा। उसके पति को प्रताड़ित किया जा रहा है तथा तन्हाई में डाल दिया गया है। परिवार वाले मिलने जाते हैं तो मुलाकात भी नहीं कराई जाती है। इस मामले में शबनम ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष को शिकायतीपत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
आरोप निराधार हैं
वरिष्ठ जेल अधीक्षक डाक्टर वीरेश राज शर्मा का कहना है कि आरोप निराधार हैं। आरोपी बंदी पर बिजनौर जेल से फरार होने का आरोप है, जो बाद में सहारनपुर में पेश हो गया था। उसके पास से 24 दिसंबर को नशीली गोलियां एवं चरस बरामद हुईं थी। माना गया था कि किसी मुलाकाती ने ही उसे नशीले पदार्थ उपलब्ध कराए थे। इसी कारण तीन महीने के लिए बंदी से मुलाकात बंद करा दी गई थी। हालांकि अब उसने लिखित में माफी मांग ली है। जिससे उसकी मुलाकात पर पाबंदी हटाए जाने पर विचार किया जा रहा है।
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सहारनपुर। तीतरो के मोहल्ला अफगान नूर मस्जिद निवासी शबनम ने जेल में बंद पति को पिटाई कर घायल करने का आरोप लगाया है। वहीं, जेल अधिकारियों का कहना है कि बंदी के पास से चेकिंग में आपत्तिजनक सामग्री मिली थी। इसके बाद बंदी से मुलाकात करानी बंद कर दी गई थी, इसलिए बंदी के परिजन निराधार आरोप लगा रहे हैं।
शबनम का कहना है कि उसका पति नन्हा जिला कारागार में काफी समय से बंद है। आरोप है कि उसके पति की किसी अन्य बंदी से कहासुनी हो गई थी। जिस पर एक डिप्टी जेलर ने नंबरदार केे साथ मिलकर उसके पति को पीटा। उसके पति को प्रताड़ित किया जा रहा है तथा तन्हाई में डाल दिया गया है। परिवार वाले मिलने जाते हैं तो मुलाकात भी नहीं कराई जाती है। इस मामले में शबनम ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष को शिकायतीपत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
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आरोप निराधार हैं
वरिष्ठ जेल अधीक्षक डाक्टर वीरेश राज शर्मा का कहना है कि आरोप निराधार हैं। आरोपी बंदी पर बिजनौर जेल से फरार होने का आरोप है, जो बाद में सहारनपुर में पेश हो गया था। उसके पास से 24 दिसंबर को नशीली गोलियां एवं चरस बरामद हुईं थी। माना गया था कि किसी मुलाकाती ने ही उसे नशीले पदार्थ उपलब्ध कराए थे। इसी कारण तीन महीने के लिए बंदी से मुलाकात बंद करा दी गई थी। हालांकि अब उसने लिखित में माफी मांग ली है। जिससे उसकी मुलाकात पर पाबंदी हटाए जाने पर विचार किया जा रहा है।
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