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किसानों ने जलुसू निकाल शुगर मिल पर धरना दिया
Updated Tue, 23 Oct 2018 12:14 AM IST
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किसानों ने जुलूस निकाल शुगर मिल पर धरना दिया
देवबंद (सहारनपुर)। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान समेत अन्य मांगों को लेकर पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा ने जुलूस निकालने के बाद शुगर मिल के बाहर धरना प्रदर्शन किया। बाद में एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित 18 सूत्रीय मांग पत्र भी भेजा गया।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत ट्रैक्टर-ट्रालियों से किसान जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए शुगर मिल पहुंचे। मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार किसान विरोधी है। किसानों से सरकार का कोई वास्ता नहीं है। जिसका जवाब किसान 2019 के लोकसभा चुनाव में देंगे। उन्होंने चेतावनी दी यदि चीनी मिलों ने शीघ्र भुगतान नहीं किया तो किसान रेल चक्काजाम करने से पीछे नहीं हटेंगे। राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी ने कहा कि इस बार चीनी मिलों में घटतौली को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की 119 चीनी मिलों पर किसानों का दस हजार करोड़ रुपये बकाया है। इसमें जनपद की चीनी मिलों पर 400 करोड़ का बकाया है। जीएम केन अनिल त्यागी ने किसानों के बीच आकर जल्द गन्ना भुगतान कराने और घटतौली रोकने का आश्वासन दिलाया। प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में किसानों के सभी प्रकार के कर्ज माफ करने, फसलों का लाभकारी मूल्य दिलाने, राष्ट्रीय किसान आय आयोग का गठन करने, बकाया गन्ना मूल्य का ब्याज सहित भुगतान कराने, गन्ने का लाभकारी मूल्य 550 रुपये कुंतल घोषित करने, किसानों को खेती के लिए बिजली व मैली (खाद) दिलाने, मनरेगा योजना को सीधे खेती से जोड़ने, हाईवे से टोल टैक्स समाप्त कराने आदि मांग शामिल रही। धरना प्रदर्शन में हाजी मुर्तजा त्यागी, विनोद सैनी, गुलविंदर सिंह, मौ. वसीम, रियासत पहलवान, दिनेश जायसवाल, प्रदीप चौधरी, हरपाल सिंह, महबूब हसन, अहतेशाम आदि मौजूद रहे।
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देवबंद (सहारनपुर)। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान समेत अन्य मांगों को लेकर पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा ने जुलूस निकालने के बाद शुगर मिल के बाहर धरना प्रदर्शन किया। बाद में एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित 18 सूत्रीय मांग पत्र भी भेजा गया।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत ट्रैक्टर-ट्रालियों से किसान जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए शुगर मिल पहुंचे। मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार किसान विरोधी है। किसानों से सरकार का कोई वास्ता नहीं है। जिसका जवाब किसान 2019 के लोकसभा चुनाव में देंगे। उन्होंने चेतावनी दी यदि चीनी मिलों ने शीघ्र भुगतान नहीं किया तो किसान रेल चक्काजाम करने से पीछे नहीं हटेंगे। राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी ने कहा कि इस बार चीनी मिलों में घटतौली को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की 119 चीनी मिलों पर किसानों का दस हजार करोड़ रुपये बकाया है। इसमें जनपद की चीनी मिलों पर 400 करोड़ का बकाया है। जीएम केन अनिल त्यागी ने किसानों के बीच आकर जल्द गन्ना भुगतान कराने और घटतौली रोकने का आश्वासन दिलाया। प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में किसानों के सभी प्रकार के कर्ज माफ करने, फसलों का लाभकारी मूल्य दिलाने, राष्ट्रीय किसान आय आयोग का गठन करने, बकाया गन्ना मूल्य का ब्याज सहित भुगतान कराने, गन्ने का लाभकारी मूल्य 550 रुपये कुंतल घोषित करने, किसानों को खेती के लिए बिजली व मैली (खाद) दिलाने, मनरेगा योजना को सीधे खेती से जोड़ने, हाईवे से टोल टैक्स समाप्त कराने आदि मांग शामिल रही। धरना प्रदर्शन में हाजी मुर्तजा त्यागी, विनोद सैनी, गुलविंदर सिंह, मौ. वसीम, रियासत पहलवान, दिनेश जायसवाल, प्रदीप चौधरी, हरपाल सिंह, महबूब हसन, अहतेशाम आदि मौजूद रहे।
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