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सीवरेज सिस्टम को 16.45 करोड़ ऊंट के मुंह में जीरा

Sat, 23 Jun 2018 12:28 AM IST
Updated Sat, 23 Jun 2018 12:28 AM IST
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सीवरेज सिस्टम को 16.45 करोड़ ऊंट के मुंह में जीरा
सहारनपुर। जल निगम ने नगर में सीवरेज परियोजनाओं के लिए सौ करोड़ रुपये का बजट बनाकर शासन को भेजा था, मगर दो वर्ष बाद भी शासन ने कंजूसी करते हुए मात्र 16.45 करोड़ रुपये ही स्वीकृत किए हैं। इसे लेकर अधिकारी हैरान हैं। अधिकारियों की मानें तो 16.45 करोड़ रुपये से नगर के डेढ़ प्रतिशत हिस्से में ही सीवर लाइन डाली जा सकती है। अधिकारियों की मानें तो नगर क्षेत्र में सीवरेज परियोजनाओं के लिए कम से कम 1500 करोड़ रुपये चाहिए।
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शहर में 32 गांवों को शामिल करने के बाद से शहर के क्षेत्रफल में करीब सौ फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। जल निगम ने करीब दो वर्ष पहले जोन-1 और सब जोन-1 में सीवरेज परियोजनाओं के लिए सौ करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। तब से निगम पैसा जारी होने का इंतजार कर रहा है। अब शासन ने दो वर्ष बाद सौ करोड़ रुपये के सापेक्ष मात्र 16.45 करोड़ रुपये को स्वीकृति दी है। इसे लेकर विभागीय अधिकारी हैरान हैं। अधिकारियों का कहना है कि 16.45 करोड़ रुपये में शहर के कुल क्षेत्रफल के मात्र डेढ़ प्रतिशत क्षेत्र में सीवर लाइन डाली जा सकती है। अधिकारियों की मानें तो पूरे शहर में सीवरेज परियोजनाओं के लिए कम से कम 1500 करोड़ रुपये चाहिए।
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दस ही फीसदी क्षेत्र में है सीवर लाइन
शहर को नगर निगम बने नौ वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है। मगर यहां का सीवरेज सिस्टम अन्य नगर निगमों की तुलना में काफी कमजोर है। विभागीय सूत्रों की मानें तो शहर के मात्र दस फीसदी क्षेत्र में ही सीवर लाइनें डली हुई हैं। शहर के खास क्षेत्रों में भी सीवरेज सिस्टम बनाने के लिए बड़ी रकम चाहिए, जिसे देने में शासन लगातार कंजूसी करता रहा है।
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सीवर लाइन डालने में लापरवाही
पुराना कलसिया रोड पर सीवर लाइन डालने का काम कई महीने से चल रहा है। कार्य की गति धीमी होने की वजह से स्थानीय लोग परेशान हैं। अशोक जैन के मुताबिक बाबा लाल दास मार्ग पर सीवर लाइन डले कई महीने बीत चुके हैं, मगर सड़क को दोबारा बनाया नहीं गया है। अग्रवाल धर्मशाला के सामने गउशाला रोड पर भी यही स्थिति है। करीब आठ महीने पहले सीवर लाइन डाली गई थी, मगर सड़क टूटी ही पड़ी है। इसे लेकर राहगीरों को खासी परेशानी रहती है।
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शहर में जगह-जगह खुले पड़े हैं मैनहोल
नगर निगम सीवर लाइनों को दुरुस्त नहीं रख पा रहा है। पिछले करीब दो महीने से कोर्ट रोड पर सीवर के मैनहोल का ढक्कन खड़ा रहा। दिन रात भारी यातायात चलने के बावजूद किसी ने सुध नहीं ली। अब जबकि सड़क बनाई जा रही है तो ढक्कन ठीक किया गया है। नवीन नगर में जगह-जगह ढक्कन टूटे पड़े हैं। सोफिया स्कूल के गेट के ठीक सामने सीवर के मैनहोल पर ढक्कन नहीं है। यहां लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। संजीव और मुकेश का कहना है कि वह कई बार शिकायत कर चुके हैं, मगर सुनवाई नहीं होती है।

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सीवरेज परियोजना के लिए जल निगम ने करीब दो वर्ष पहले सौ करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। शासन धीरे-धीरे पैसा रिलीज कर रहा है। हाल ही में 16.45 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। पूरे शहर की बात करें तो कम से कम 1500 करोड़ रुपये सीवरेज परियोजनाओं के लिए चाहिए।
रविंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम।
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