फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की समस्या बढ़ी

महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की समस्या बढ़ी

Sun, 04 Feb 2018 02:04 AM IST
Updated Sun, 04 Feb 2018 02:04 AM IST
विज्ञापन
महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की समस्या बढ़ी
महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की समस्या बढ़ी
विज्ञापन


सहारनपुर। आज विश्व कैंसर दिवस है। ऐसे में जरूरी है कि इस बीमारी पर चर्चा की जाए। साथ ही सबसे जरूरी है कि लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जाए। डब्ल्यूएचओ के सर्वे चौकाने वाले हैं, जिनके अनुसार अकेले भारत में प्रति वर्ष करीब 13 लाख लोग कैंसर की वजह से जान गंवाते हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख संख्या स्तन कैंसर से मरने वाली महिलाओं की है। चिकित्सकों की मानें तो पिछले कुछ समय से महिलाओं में स्तन और सर्वाइकल कैंसर की समस्या बढ़ी है।
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. नैना मिगलानी बताती हैं कि महिलाओं के गलत खानपान और गलत लाइफ स्टाइल की वजह से भारत में स्तन यानी ब्रेस्ट और योनि यानी सर्वाइकल कैंसर की समस्या बढ़ी है। प्रत्येक वर्ष करीब सवा लाख महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की पुष्टि होती है। इसकी वजह से हर आठवें मिनट में एक महिला की जान चली जाती है। स्तन कैंसर भी महिलाओं के लिए बड़ी समस्या है। जिससे बचने के लिए महिलाओं को अपनी दिनचर्या और खानपान में तो बदलाव करना ही होगा। साथ ही जन जागरूकता के लिए व्यापक स्तर पर देश ही नहीं, दुनिया भर में अभियान चलाया जाना बेहद जरूरी है।
विज्ञापन

---------------------------------
स्तन कैंसर के लक्षण
- स्तन में गांठ का होना।
- निप्पल से खून या किसी तरल पदार्थ का निकलना।
- स्तन की बनावट में बदलाव आना।
---------------------------------
स्तन कैंसर होने पर इनको है अधिक खतरा
-30 साल से अधिक आयु के बाद बच्चे होना।
-जिन महिलाओं के बच्चे नहीं होते।
-बच्चों को स्तनपान न कराने वाली महिलाएं।
-12 साल से पहले पीरियड का होना।
-55 साल की आयु के बाद पीरियड का होते रहना।
-----------------------------------
सर्वाइकल कैंसर के लक्षण
- पीरियड का गड़बड़ाना।
- पेट में दर्द होना।
---------------------------------
इनको है अधिक खतरा
-अधिक बच्चे पैदा करने वाली महिलाएं।
-16 साल से पहले या 40 साल के बाद शादी करने वाली महिलाएं।
-धूम्रपान करने वाली महिलाएं।
-ह्यूमन पेपिलोमा वायरस का इंफेक्शन होना।
---------------------------------
कैंसर से बचाव के तरीके
-धूम्रपान व शराब का सेवन न करें।
-रेड मीट ना खाएं और नियमित व्यायाम करें।
-डिब्बे बंद रेडीमेड भोजन न खाएं।
-समय से शादी करें और अधिक बच्चे पैदा न करें।
-नियमित रूप से संबंधित अंगों की सफाई रखें।
-----------------------------------
कैंसर से बचाव को यह करें
- हरी और पत्तेदार सब्जियां खाएं और खाने में सलाद का इस्तेमाल करें।
- ताजे फल, साबुत अनाज और दालों का प्रचुर मात्रा में इस्तेमाल करें।
- मूंगफली और बादाम नियमित रूप से खाएं।
- विटामिन सी युक्त फल जैसे संतरा, मौसमी, नींबू, अंगूर, आंवला खाएं।
- नियमित रूप से व्यायाम करें।
---------------------------------------
यह हकीकत है कि वर्तमान में कैंसर एक बड़ी समस्या है। पिछले कुछ समय से दुनिया में मुंह के कैंसर, फेफड़ों के कैंसर, लीवर कैंसर और ब्लड कैंसर की समस्या बढ़ी है। विभागीय स्तर पर इलाज की सुविधा होने के साथ ही जन जागरूकता के लिए भी कदम उठाए जाते रहे हैं। लोगों को भी चाहिए कि वह नियमित रूप से या शक होने पर अपने शरीर की जांच कराएं और उपचार पाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. बीएस सोढी, सीएमओ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed