{"_id":"59b2e38d4f1c1be57f8b52a5","slug":"101504895885-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुनाफे के चक्कर में नहीं रुक रहा अवैध खनन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुनाफे के चक्कर में नहीं रुक रहा अवैध खनन
Updated Sat, 09 Sep 2017 12:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नकुड़ (सहारनपुर)। एनजीटी के किसी भी तरह के अवैध खनन पर रोक के आदेशों के बावजूद क्षेत्र में यमुना नदी से अवैध रेत खनन रूकने का नाम नहीं ले रहा है। ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम के निर्देश के बाद पुलिस ने अवैध खनन करके लाए जा रहे चार रेहड़ों को पकड़ कर सीज किया है। पुलिस की कार्रवाई से अवैध खनन करने वालों में हड़कंप मच गया।
क्षेत्र के गांव नसरूल्लागढ़, टाबर, रानीपुर व धुंधमाजरा आदि गांवों के जंगल से यमुना नदी से अवैध रेत खनन लगातार जारी है। खनन करने वालों ने अब बाइकों को काटकर रेहड़े बनवा लिए हैं। इन रेहड़ों में सात-आठ कुंतल रेत आराम से आ जाता है तथा यह रेहड़े वाले दिन-रात में छह से आठ चक्कर लगा देते हैं और 90 से सौ रुपये प्रति कुंतल तक रेत की होम डिलीवरी कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सबसे ज्यादा अवैध रेत खनन गांव नसरूल्लागढ़ के जंगल से यमुना नदी से किया जा रहा है। नसरूल्लागढ़ में कुछ लोगों ने यमुना नदी में ज्यादा पानी आने की आशंका के चलते बरसात से पहले ही कई बीघा जमीन ठेके पर लेकर रेत के चट्टे लगा लिए थे। जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने तहसील दिवस व एसडीएम से की थी, परंतु विरुद्ध कोई कार्रवाई न होने के चलते खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। एसओ जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें क्षेत्र के लोगों से भैंसा बुग्गियों व अवैध जुगाड़ वाहनों से अवैध रेत खनन की शिकायतें मिल रहीं थी। जिसके बाद पुलिस ने शुक्रवार सुबह ईदगाह रोड़ से अवैध रेत खनन से लदे बाइकें काटकर बनाए गए चार जुगाड़ वाहनों को पकड़कर सीज करके संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। एसओ ने बताया कि ऐसे वाहनों में चोरी की बाइकें इस्तेमाल होने की भी जांच कराई जाएगी तथा क्षेत्र में अवैध रेत खनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
क्षेत्र के गांव नसरूल्लागढ़, टाबर, रानीपुर व धुंधमाजरा आदि गांवों के जंगल से यमुना नदी से अवैध रेत खनन लगातार जारी है। खनन करने वालों ने अब बाइकों को काटकर रेहड़े बनवा लिए हैं। इन रेहड़ों में सात-आठ कुंतल रेत आराम से आ जाता है तथा यह रेहड़े वाले दिन-रात में छह से आठ चक्कर लगा देते हैं और 90 से सौ रुपये प्रति कुंतल तक रेत की होम डिलीवरी कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सबसे ज्यादा अवैध रेत खनन गांव नसरूल्लागढ़ के जंगल से यमुना नदी से किया जा रहा है। नसरूल्लागढ़ में कुछ लोगों ने यमुना नदी में ज्यादा पानी आने की आशंका के चलते बरसात से पहले ही कई बीघा जमीन ठेके पर लेकर रेत के चट्टे लगा लिए थे। जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने तहसील दिवस व एसडीएम से की थी, परंतु विरुद्ध कोई कार्रवाई न होने के चलते खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। एसओ जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें क्षेत्र के लोगों से भैंसा बुग्गियों व अवैध जुगाड़ वाहनों से अवैध रेत खनन की शिकायतें मिल रहीं थी। जिसके बाद पुलिस ने शुक्रवार सुबह ईदगाह रोड़ से अवैध रेत खनन से लदे बाइकें काटकर बनाए गए चार जुगाड़ वाहनों को पकड़कर सीज करके संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। एसओ ने बताया कि ऐसे वाहनों में चोरी की बाइकें इस्तेमाल होने की भी जांच कराई जाएगी तथा क्षेत्र में अवैध रेत खनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन