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Saharanpur News: निवेश के नाम पर 10 लाख की ठगी, मदरसे में बंधक बनाने का आरोप
Sun, 23 Aug 2026 12:59 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 23 Aug 2026 12:59 AM IST
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सहारनपुर। कोतवाली मंडी क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने मदरसा संचालकों पर सऊदी अरब में होटल में निवेश के नाम पर 10 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया है। आरोप है कि बाद में रुपये मांगने पर मदरसे में बंधक बनाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। पुलिस ने तीन नामजद व दो अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
मदनपुरी कॉलोनी निवासी काशिफ सिद्दीकी ने तहरीर देकर बताया कि हिफजुर्रहमान से पुरानी जान पहचान है। हिफजुर्रहमान, उसके पिता मोहम्मद यूसुफ और चाचा मोहम्मद यूनूस इस्लाह-ए-मिल्लत मदरसे से जुड़े हैं। आरोप है कि मदरसे में अलहिजाज टूर एंड ट्रैवल्स नाम से ट्रैवल्स कंपनी का कार्यालय भी संचालित किया जा रहा है। कंपनी के माध्यम से लोगों को उमराह और हज के टूर पैकेज उपलब्ध कराने का काम किया जाता है। जनवरी 2026 में आरोपियों ने उसे सऊदी अरब में होटल किराये पर लेने या लीज पर लेने की जानकारी देकर 10 लाख रुपये निवेश करने का प्रस्ताव दिया। करीब पांच महीने बाद रुपये और मुनाफे का तकाजा करने पर आरोपी टालमटोल करने लगे।
19 मई 2026 को लिखित अनुबंध कर 13.50 लाख रुपये का भारतीय स्टेट बैंक का चेक दिया गया, जिस पर हिफजुर्रहमान के हस्ताक्षर बताए गए हैं। चेक की तारीख 19 जुलाई थी। आरोप है कि तारीख से पहले ही आरोपियों ने बैंक में पर्याप्त रकम नहीं होने की बात कहकर चेक लगाने से मना कर दिया। इसके बाद 25 जुलाई को मदरसे में बुलाकर बंधक बनाया और मारपीट की। जांच अधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि हिफजुर्रहमान, मोहम्मद यूसुफ, मोहम्मद यूनूस व दो अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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मदनपुरी कॉलोनी निवासी काशिफ सिद्दीकी ने तहरीर देकर बताया कि हिफजुर्रहमान से पुरानी जान पहचान है। हिफजुर्रहमान, उसके पिता मोहम्मद यूसुफ और चाचा मोहम्मद यूनूस इस्लाह-ए-मिल्लत मदरसे से जुड़े हैं। आरोप है कि मदरसे में अलहिजाज टूर एंड ट्रैवल्स नाम से ट्रैवल्स कंपनी का कार्यालय भी संचालित किया जा रहा है। कंपनी के माध्यम से लोगों को उमराह और हज के टूर पैकेज उपलब्ध कराने का काम किया जाता है। जनवरी 2026 में आरोपियों ने उसे सऊदी अरब में होटल किराये पर लेने या लीज पर लेने की जानकारी देकर 10 लाख रुपये निवेश करने का प्रस्ताव दिया। करीब पांच महीने बाद रुपये और मुनाफे का तकाजा करने पर आरोपी टालमटोल करने लगे।
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19 मई 2026 को लिखित अनुबंध कर 13.50 लाख रुपये का भारतीय स्टेट बैंक का चेक दिया गया, जिस पर हिफजुर्रहमान के हस्ताक्षर बताए गए हैं। चेक की तारीख 19 जुलाई थी। आरोप है कि तारीख से पहले ही आरोपियों ने बैंक में पर्याप्त रकम नहीं होने की बात कहकर चेक लगाने से मना कर दिया। इसके बाद 25 जुलाई को मदरसे में बुलाकर बंधक बनाया और मारपीट की। जांच अधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि हिफजुर्रहमान, मोहम्मद यूसुफ, मोहम्मद यूनूस व दो अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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