यतीमखाना प्रकरण: सपा नेता आजम खां के प्रार्थना पत्र पर अभियोजन ने दाखिल की आपत्ति, 23 मई को होगी अगली सुनवाई
साल 2019 में सपा नेता आजम खां, सेवानिवृत्त सीओ आलेहसन, सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल और इस्लाम ठेकेदार समेत 20-25 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। आरोप था कि सपा नेता आजम खां के इशारे पर यतीमखाना बस्ती में रह रहे लोगों के साथ मारपीट, लूटपाट की गई।
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यतीमखाना प्रकरण के 12 मुकदमों को समायोजित करने के मामले में कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान अभियोजन की ओर से आपत्ति दाखिल की गई। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 मई को होगी।
साल 2019 में सपा नेता आजम खां, सेवानिवृत्त सीओ आलेहसन, सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल और इस्लाम ठेकेदार समेत 20-25 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। आरोप था कि सपा नेता आजम खां के इशारे पर यतीमखाना बस्ती में रह रहे लोगों के साथ मारपीट, लूटपाट की गई। साथ ही उनके घरों को भी ध्वस्त कर दिया गया था।
इस मामले में ही आजम खां के खिलाफ भैंस चोरी तक के आरोप लगे थे। इस मामले में थाना कोतवाली में 12 मुकदमे दर्ज हुए थे। हालांकि, इन मामलों में आजम खां की जमानत मंजूर हो चुकी है।
छह मई को आजम खां के अधिवक्ता ने एमपी-एमएलए कोर्ट में थाना कोतवाली में दर्ज यतीमखाना प्रकरण के 12 मुकदमों को एक ही मुकदमे में समायोजित करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, जिस पर गुरुवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता कमल कुमार गुप्ता ने बचाव पक्ष के प्रार्थना पत्र पर आपत्ति दाखिल की।
उनका कहना है कि मुकदमे के वादी और घटना स्थल अलग-अलग हैं। लिहाजा, प्रार्थना पत्र निरस्त किया जाए। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 मई को होगी।