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महिला की गला दबने से हुई थी मौत, बालक का बिसरा किया गया सुरक्षित
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रामपुर। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में रविवार की रात एक बंद घर में मिले दोनों शवाें का पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबने से महिला की मौत होना बताया गया है। वहीं बालक की मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। इस पर बिसरा सुरक्षित कर लिया गया है, जिसे जांच के लिए लैब भेजा गया है।
घटना सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में ज्वालानगर मोहल्ले की है। एक बंद घर में पड़ोसियों को बदबू आ रही थी, जिस पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब घर खोला तो कमरे में दो शव पड़े थे। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। दो शवों में एक शव महिला का था जो कि फंदे पर झूल रहा था, वहीं एक बालक का शव बेड पर पड़ा था। सूचना पर एसपी अशोक कुमार और एएसपी डॉ. संसार सिंह भी पुलिस बल व फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंच गए थे। शवों की शिनाख्त अहरौला गांव निवासी सब्जी विक्रेता अनिल कुमार ने अपने बेटे शिवलेश (09) और सुनीता के रूप में की थी।
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया था। सोमवार शाम को आई पीएम रिपोर्ट में सुनीता की मौत गला दबने से होने की बात सामने आई है, जबकि, शिवलेश की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन पुलिस ने आशंका जताई है कि शिवलेश की मौत का कारण किसी जहरीले पदार्थ के सेवन हो सकता है। पुलिस ने शिवलेश के मौत का कारण जानने के लिए बिसरा सुरक्षित किया है, जिसे जांच के लिए लैब भेजा गया है। सिविल लाइंस थाना प्रभारी लव सिरोही ने बताया कि महिला की मौत गला दबने से होने की पुष्टि हुई है। वहीं, शिवलेश की मौत का कारण जानने के लिए बिसरा लैब भेजा गया है।
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रामपुर। पुलिस की पूछताछ में ये बात सामने आई है कि सुनीता करीब पांच साल से अनिल के साथ रह रही थी। सुनीता भी शादीशुदा थी और तीन बच्चे भी थे, लेकिन करीब पांच साल से वो अपने पति और बच्चों को छोड़कर अनिल कुमार के साथ रह रही थी। वहीं अनिल कुमार की पहली शादी साल 2010 में मालती से हुई थी। पूछताछ में अनिल ने बताया कि सुनीता का पहले नाम मालती ही था, लेकिन, बाद में उसने नाम बदलकर सुनीता कर दिया था। इसके बाद से उसको सुनीता के नाम से ही बुलाया जाता था।
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घटना सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में ज्वालानगर मोहल्ले की है। एक बंद घर में पड़ोसियों को बदबू आ रही थी, जिस पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब घर खोला तो कमरे में दो शव पड़े थे। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। दो शवों में एक शव महिला का था जो कि फंदे पर झूल रहा था, वहीं एक बालक का शव बेड पर पड़ा था। सूचना पर एसपी अशोक कुमार और एएसपी डॉ. संसार सिंह भी पुलिस बल व फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंच गए थे। शवों की शिनाख्त अहरौला गांव निवासी सब्जी विक्रेता अनिल कुमार ने अपने बेटे शिवलेश (09) और सुनीता के रूप में की थी।
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पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया था। सोमवार शाम को आई पीएम रिपोर्ट में सुनीता की मौत गला दबने से होने की बात सामने आई है, जबकि, शिवलेश की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन पुलिस ने आशंका जताई है कि शिवलेश की मौत का कारण किसी जहरीले पदार्थ के सेवन हो सकता है। पुलिस ने शिवलेश के मौत का कारण जानने के लिए बिसरा सुरक्षित किया है, जिसे जांच के लिए लैब भेजा गया है। सिविल लाइंस थाना प्रभारी लव सिरोही ने बताया कि महिला की मौत गला दबने से होने की पुष्टि हुई है। वहीं, शिवलेश की मौत का कारण जानने के लिए बिसरा लैब भेजा गया है।
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रामपुर। पुलिस की पूछताछ में ये बात सामने आई है कि सुनीता करीब पांच साल से अनिल के साथ रह रही थी। सुनीता भी शादीशुदा थी और तीन बच्चे भी थे, लेकिन करीब पांच साल से वो अपने पति और बच्चों को छोड़कर अनिल कुमार के साथ रह रही थी। वहीं अनिल कुमार की पहली शादी साल 2010 में मालती से हुई थी। पूछताछ में अनिल ने बताया कि सुनीता का पहले नाम मालती ही था, लेकिन, बाद में उसने नाम बदलकर सुनीता कर दिया था। इसके बाद से उसको सुनीता के नाम से ही बुलाया जाता था।
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