फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   water problem

30 लाख खर्च होने के बाद भी फौजियों का गांव प्यासा 

Mon, 10 Apr 2017 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो / बिलासपुर/  रामपुर
अमर उजाला ब्यूरो / बिलासपुर/  रामपुर Updated Mon, 10 Apr 2017 12:58 AM IST
विज्ञापन
water problem
बिलासपुर के चंदेला गांव में शोपीस बनीं पानी की टंकी।

विज्ञापन

वाटर प्रोब्लम ब्लेज घोषित हो चुके फौजियों के गांव चंदेला में जल निगम ने तीस लाख खर्च करके पूरे गांव के लोगों की प्यास बुझाने के लिए जो पानी का सिस्टम लगाया है, वह अब पूरी तरह से फेल हो चुका है। गर्मी के मौसम में ग्रामीण पेयजल के लिए तरसने लगे हैं। ग्रामीणों ने घपला करने वालों के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई की मांग की की है।

विकास खंड क्षेत्र में उत्तराखंड सीमा पर बसे फौजियों के गांव चंदेला की आबादी करीब तीन हजार से अधिक है। इस ग्राम पंचायत में पहाड़ी टोला की बस्ती भी आती है। गांव के लोग वर्तमान में पेयजल के लिए बेहद परेशान हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, वर्ष 2000 में उनके गांव का पानी बेहद पीला व खतरनाक था। पूर्व ब्लाक उप प्रमुख धर्मवीर मित्तल व पूर्व प्रधान कांतादेवी ने प्रदेश सरकार से पानी की जांच कराई तो बेहद हानिकारक तत्व पानी में पाए गए थे। जलनिगम ने पूरे गांव को वाटर प्राबलम वाला विलेज घोषित कर दिया था। 
विज्ञापन


प्रदेश सरकार ने जलनिगम के माध्यम से वर्ष 2007-08 में गांव में करीब तीस लाख रुपये अधिक खर्च करके एक ओवरहैड टैंक, एक नलकूप व पूरे गांव में पानी की पाइप लाइन बिछाकर पानी की आपूर्ति गांव के लिए दी थी। उस बक्त ग्रामीण बेहद खुश हुए थे। बाद में घटिया क्वालिटी के भूमिगत पाइप लाइन फटने लगीं और नलकूप का सामान भी चोर चुराकर ले गए। जिसके कारण पेयजल व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार ने पाइप लाइन सड़क के बीचोबीच बिछाई थी, जबकि, पाइप लाइन सड़क किनोर बिछानी चाहिए थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अब ग्रामीण केवल निजी हैंडपंपों पर ही निर्भर हैं। ग्राम प्रधान बेयंत कौर का कहना है कि पूर्व प्रधान ने उन्हें नलकूप का चार्ज ही नहीं दिया। अब खराब पाइप लाइन को ठीक कराने में करीब 15 लाख से उपर का खर्च है, वह कहां से मरम्मत कराएं। जबकि, जल निगम उनकी सुन ही नहीं रहा है। उधर, पूर्व प्रधान कांता देवी ने कहा कि उनके पास नलकूप का चार्ज देने के लिए कुछ था ही नहीं तो वह उन्हें कौन से अभिलेख देतीं। खंड विकास अधिकारी गुलाब चंद का कहना है कि उनके संज्ञान में कोई मामला नहीं है, फिर भी वह जांच कराकर पेयजल व्यवस्था को बेहतर कराएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed