रामपुर। जिले में बाढ़ आने के बाद गांवों में घुसे पानी ने ग्रामीण दहशत में हैं। इस कारण ग्रामीणों को रामभर नींद नहीं आई। देर रात जब कोसी नदी के पानी ने गांवों में प्रवेश किया, तो ग्रामीण अपने बचाव में परिजनों और बच्चों के साथ छतों पर पहुंच गए। इसके बाद तो जलस्तर लगातार बढ़ता रहा। ऐसे में ग्रामीणों को पीने के पानी का संकट हो गया है। इससे ग्रामीण परेशान हैं। हालांकि, ग्रामीणों को प्रशासन से मदद का इंतजार है।
रामनगर बैराज से कोसी नदी में पानी आने के बाद जिले में बाढ़ आ गई। आलम यह है कि रात में नदी का पानी गांवों में घुसना शुरू हो गया। हालांकि, ग्रामीणों को पहले से ही बाढ़ आने की सुगबुगाहट थी। लिहाजा, सतर्क ग्रामीण रात में बाढ़ की दहशत के कारण सो नहीं सके। जैसे ही पानी गांवों और घरों में दाखिल होना शुरू हो गया, तो ग्रामीण अपने परिवार और बच्चों के साथ घरों की छतों पर पहुंच गए। जिसकी खुद की छत पक्की नहीं थी, वे पड़ोसियों के मकानों में पहुंच गए। शहर से सटे घाटमपुर का भी यही हाल रहा। इसके अलावा सदर, शाहबाद, टांडा, स्वार, सैदनगर क्षेत्र के गांवों में भी यही हाल रहा। ऐसे में ग्रामीणों को सबसे अधिक दिक्कत पीने के पानी की आई। बाढ़ का पानी होने की वजह से उनके नल तक डूब गए हैं। साथ ही खाने पीने की चीजों की भी दिक्कतें हो रही हैं। हालांकि, ग्रामीणों को प्रशासन की मदद का इंतजार है।