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निजी हाथों में जाएगा वाहन फिटनेस का काम
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रामपुर। शोरूम संचालकों को वाहन पंजीकरण नंबर जारी करने का काम सौंपे जाने के बाद अब फिटनेस का काम भी निजी हाथों में जाएगा। फिटनेस सेंटर बनाने के लिए शासन द्वारा टेंडर उठाए जाएंगे। सेंटर में ऑनलाइन स्लॉट की बुकिंग की जाएगी। इसके बाद सेंसर युक्त मशीन से वाहन की फिटनेस जांची जाएगी और फिर प्रमाणपत्र जारी होगा।
आरटीओ कार्यालय में होने वाला वाहन फिटनेस का काम जल्द ही निजी हाथों में जाने वाला है। जिले में निजी फिटनेस सेंटर खुलेगा। इसके लिए परिवहन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। एक निजी कंपनी के साथ करार होने की बात भी हो गई है। हाईटेक मशीनों से वाहन की जांच होगी। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर ही परिवहन विभाग ऑनलाइन फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करेगा। हालांकि, वाहन स्वामियों को इस प्रक्रिया के लिए अब अधिक जेब ढीली करनी पड़ेगी। दरअसल, परिवहन विभाग की सरकारी फीस के साथ ही निजी कंपनी के फिटनेस सेंटर की भी फीस चुकानी होगी। जिले में करीब दो लाख निजी वाहन और 11 हजार व्यवसायिक वाहन पंजीकृत हैं। लेकिन, अभी तक जिले में फिटनेस को परखने के पुख्ता व्यवस्था नहीं हैं। फिटनेस सेंटर बनने के बाद लोगों को परिवहन विभाग कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पूरे जनपद के वाहनों की फिटनेस उन्हीं सेंटर पर जांची जाएगी।
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आरटीओ कार्यालय में होने वाला वाहन फिटनेस का काम जल्द ही निजी हाथों में जाने वाला है। जिले में निजी फिटनेस सेंटर खुलेगा। इसके लिए परिवहन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। एक निजी कंपनी के साथ करार होने की बात भी हो गई है। हाईटेक मशीनों से वाहन की जांच होगी। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर ही परिवहन विभाग ऑनलाइन फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करेगा। हालांकि, वाहन स्वामियों को इस प्रक्रिया के लिए अब अधिक जेब ढीली करनी पड़ेगी। दरअसल, परिवहन विभाग की सरकारी फीस के साथ ही निजी कंपनी के फिटनेस सेंटर की भी फीस चुकानी होगी। जिले में करीब दो लाख निजी वाहन और 11 हजार व्यवसायिक वाहन पंजीकृत हैं। लेकिन, अभी तक जिले में फिटनेस को परखने के पुख्ता व्यवस्था नहीं हैं। फिटनेस सेंटर बनने के बाद लोगों को परिवहन विभाग कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पूरे जनपद के वाहनों की फिटनेस उन्हीं सेंटर पर जांची जाएगी।
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