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Rampur News: खालिस्तान समर्थकों की तलाश में खुफिया अधिकारियों ने तराई में बिछाया अपना जाल
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बिलासपुर । खालिस्तान समर्थक अमृतपाल के पक्ष में उनके कुछ समर्थकों की ओर से नगर में जुलूस निकालने के पोस्टर लगाने के बाद सकते में आए पुलिस प्रशासन के साथ ही खुफिया विभाग ने पूरी तराई में अपना जाल बिछा दिया है। खुफिया विभाग की निगाहें उत्तराखंड के साथ ही नेपाल की ओर भी टिकी हुई हैं। खुफिया अधिकारी अमृतपाल के समर्थकों को खोजने में लगे हुए हैं, जबकि, पुलिस पोस्टर लगाने वालों की धरपकड़ करने में लगी है। वहीं, शनिवार को भी पूरे दिन खुफिया विभाग के अधिकारी अमृतपाल से जुड़े लोगों की महत्वपूर्ण जानकारियां एकत्र करने में जुटे रहे।
खालिस्तान समर्थक अमृतपाल के पक्ष में कुछ लोगों ने नगर में जगह-जगह पोस्टर लगाकर 26 मार्च को नगर की शिवबाग मंडी से रैली निकालने की अपील की थी। इतना ही नहीं समर्थकों ने सोशल मीडिया पर भी पोस्टर को वायरल किया था। मामला पुलिस प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद एक्टिव हुए पुलिस प्रशासन ने हालांकि पोस्टर हटाकर आमजन को मामला सामान्य व कुछ शरारती तत्वों की हरकत बताया। मगर, खुफिया विभाग ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि खुफिया विभाग की सभी एजेंसियों के आला अधिकारी अपनी-अपनी टीमों के साथ कोतवाली क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि पूरी तरह खासकर उत्तराखंड और नेपाल की तरफ भी अपना खुफिया जाल बिछा चुके हैं। अधिकारी अमृतपाल के समर्थकों की सारी डिटेल खंगालने में लगे हुए हैं। दिन रात खुफिया विभाग की टीमें अपने मकसद में कामयाब होने के लिए जी तोड़ मेहनत कर रही हैं। सूत्रों का कहना है कि खालिस्तान से संबंधित पोस्टर पहली दफा ही नहीं नगे हैं। इससे पहले भी पुलिस प्रशासन की नजर में ऐसा मामला आ चुका है। जानकारों के अनुसार इससे पहले किसान आंदोलन के दौरान जगह-जगह हुईं किसानों की पंचायतें व हाईवे पर धरना प्रदर्शन आदि के दौरान भी खुफिया विभाग के अधिकारियों ने कुछ लोगों के वाहनों पर खालिस्तान से संबंधित झंडे, पोस्टर आदि लगे हुए देखे थे। इसके अलावा पांच जनवरी को नगर में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान एक स्वागत स्थल पर भी खालिस्तान से संबंधित एक बैनर लगा हुआ देखा तो पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचगया। इतना ही नहीं पुलिस ने कुछ लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट भी दर्ज की थी। इस दौरान भी खुफिया विभाग के अधिकारियों ने नगर व क्षेत्र व सीमांत प्रदेश उत्तराखंड में काफी छानबीन कर खालिस्तान समर्थकों से जुड़े लोगों को तलाश किया था, मगर कोई भी मुख्य सूत्रधार पुलिस के हत्थे नहीं आया था। जानकार बताते हैं कि इस मर्तबा पुलिस ने छह सात लोगों को बेहद महत्वपूर्ण सुराग के साथ पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इसके अलावा पुलिस पोस्टर से जुड़े मुख्य सूत्रधार के करीब पहुंचने का प्रयास कर रही है, लेकिन वह पुलिस की नजर में भूमिगत प्रतीत हो रहा है। हालांकि, कोई भी अधिकारी आधिकारिक तौर पर उक्त मामले में कुछ भी बताने से कतरा रहे हैं। सभी अधिकारी मामले की जांच व तहकीकात करने की बात कहते नजर आ रहे हैं। फिलहाल पुलिस व खुफिया विभाग की नजरें पूरी तरह से सीमांत प्रदेश उत्तराखंड वा सीमांत देश नेपाल की ओर भी टिकी हुई हैं।
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खालिस्तान समर्थक अमृतपाल के पक्ष में कुछ लोगों ने नगर में जगह-जगह पोस्टर लगाकर 26 मार्च को नगर की शिवबाग मंडी से रैली निकालने की अपील की थी। इतना ही नहीं समर्थकों ने सोशल मीडिया पर भी पोस्टर को वायरल किया था। मामला पुलिस प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद एक्टिव हुए पुलिस प्रशासन ने हालांकि पोस्टर हटाकर आमजन को मामला सामान्य व कुछ शरारती तत्वों की हरकत बताया। मगर, खुफिया विभाग ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि खुफिया विभाग की सभी एजेंसियों के आला अधिकारी अपनी-अपनी टीमों के साथ कोतवाली क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि पूरी तरह खासकर उत्तराखंड और नेपाल की तरफ भी अपना खुफिया जाल बिछा चुके हैं। अधिकारी अमृतपाल के समर्थकों की सारी डिटेल खंगालने में लगे हुए हैं। दिन रात खुफिया विभाग की टीमें अपने मकसद में कामयाब होने के लिए जी तोड़ मेहनत कर रही हैं। सूत्रों का कहना है कि खालिस्तान से संबंधित पोस्टर पहली दफा ही नहीं नगे हैं। इससे पहले भी पुलिस प्रशासन की नजर में ऐसा मामला आ चुका है। जानकारों के अनुसार इससे पहले किसान आंदोलन के दौरान जगह-जगह हुईं किसानों की पंचायतें व हाईवे पर धरना प्रदर्शन आदि के दौरान भी खुफिया विभाग के अधिकारियों ने कुछ लोगों के वाहनों पर खालिस्तान से संबंधित झंडे, पोस्टर आदि लगे हुए देखे थे। इसके अलावा पांच जनवरी को नगर में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान एक स्वागत स्थल पर भी खालिस्तान से संबंधित एक बैनर लगा हुआ देखा तो पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचगया। इतना ही नहीं पुलिस ने कुछ लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट भी दर्ज की थी। इस दौरान भी खुफिया विभाग के अधिकारियों ने नगर व क्षेत्र व सीमांत प्रदेश उत्तराखंड में काफी छानबीन कर खालिस्तान समर्थकों से जुड़े लोगों को तलाश किया था, मगर कोई भी मुख्य सूत्रधार पुलिस के हत्थे नहीं आया था। जानकार बताते हैं कि इस मर्तबा पुलिस ने छह सात लोगों को बेहद महत्वपूर्ण सुराग के साथ पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इसके अलावा पुलिस पोस्टर से जुड़े मुख्य सूत्रधार के करीब पहुंचने का प्रयास कर रही है, लेकिन वह पुलिस की नजर में भूमिगत प्रतीत हो रहा है। हालांकि, कोई भी अधिकारी आधिकारिक तौर पर उक्त मामले में कुछ भी बताने से कतरा रहे हैं। सभी अधिकारी मामले की जांच व तहकीकात करने की बात कहते नजर आ रहे हैं। फिलहाल पुलिस व खुफिया विभाग की नजरें पूरी तरह से सीमांत प्रदेश उत्तराखंड वा सीमांत देश नेपाल की ओर भी टिकी हुई हैं।
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