रामपुर पहुंचे अखिलेश यादव पर जावड़ेकर का हमला, बोले- सवाल पसंद नहीं आने पर सपाईयों ने पत्रकार को पीटा
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को मिशन 2022 के तहत और आजम खां की यूनिवर्सिटी के सम्मान में रामपुर से साइकिल रैली का आगाज किया। इससे पहले उन्होंने रामपुर स्थित आजम खां के आवास पर जाकर उनकी पत्नी से मुलाकात की और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
इस दौरान सवाल-जवाब के क्रम में एक पत्रकार के साथ अखिलेश की झड़प हो गई। इसका वीडियो शेयर करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सपा प्रमुख और उनके कार्यकर्ताओं पर हमला बोला। उन्होंने ट्वीट किया कि मुरादाबाद में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के मौजूदगी में उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पत्रकार को बेरहमी से पीटा।
मुरादाबाद में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के मौजूदगी में उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पत्रकार को बेरहमी से पीटा,वजह थी कि पत्रकार ने ऐसे सवाल पूछ लिए जो अखिलेश को पसंद नही आये।
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निंदनीय, अभिव्यक्ति की आज़ादी भारत की लोकतांत्रिक परम्पराओं का मूल है,इसका हनन अस्वीकार्य है pic.twitter.com/IMXwc8TNLv— Prakash Javadekar (@PrakashJavdekar) March 12, 2021
इसकी वजह थी कि पत्रकार ने ऐसे सवाल पूछ लिए जो अखिलेश को पसंद नही आए। जावड़ेकर ने इस घटना को निंदनीय बताते हुए आगे लिखा कि अभिव्यक्ति की आजादी भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं का मूल है, इसका हनन अस्वीकार्य है।
बता दें कि जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी द्वारा लाल टोपी पर की गई टिप्पणी पर बोलते हुए सपा सुप्रीमो ने कहा कि समाजवादियों को कहा गया कि ये लाल टोपी वाले गुंडे हैं। कहना चाहता हूं कि ये जो लाल टोपी वाले हैं, वह लोकतंत्र को बचाने वाले हैं। योगी का नाम लिए बगैर अखिलेश ने कहा कि जो बिना बालों वाले हैं, वह लोकतंत्र को खत्म करने वाले हैं। यदि मुख्यमंत्री लाल टोपी लगा लें तो ज्यादा खूबसूरत दिखेंगे। यह भी कहा कि हमने कभी ये नहीं कहा कि काली टोपी वाले, काले दिल वाले हैं।
उन्होंने कहा कि आज सरकार को अगर कोई बात पसंद न आई तो वह चाहें पत्रकार हो, समाजसेवी हो या राजनेता हो उसे जेल जाना पड़ेगा। आज ऐसे कानून बनाए जा रहे हैं, जिससे हमें प्राइवेट कंपनियों के हाथ में सौंपा जा रहा है। पहले ईस्ट इंडिया कंपनी आई थी और हम गुलाम हो गए थे। उसी तरह लोकतंत्र पर संकट है। यदि लोकतंत्र को बचाना है तो पहले उत्तर प्रदेश को बचाना होगा और यह तभी होगा जब सरकार बदलेगी।