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उलेमाओं ने जिलाधिकारी से की मुलाकात
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जिलाधिकारी से मिले उलमा
रामपुर। दिसंबर माह में सीएए-एनआरसी के विरोध में हिंसा प्रकरण को लेकर शहर इनाम के नेतृत्व में उलमा ने डीएम से मुलाकात की। साथ ही ज्ञापन सौंपकर हिंसा मामले में गिरफ्तार हुए आरोपियों को रिहा कराने और धाराओं में रियायत देने की मांग की गई।
नगर में 21 दिसंबर को सीएए-एनआरसी के विरोध में बंद का आह्वान किया गया था। भीड़ को ईदगाह तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस द्वारा कई स्थानों पर बेरीकेडिंग की गई थी। इस दौरान हाथीखाना चौराहे के निकट भीड़ हिंसक हो गई और आगजनी और पथराव करना शुरू कर दिया गया। हिंसा के दौरान एक युवक फैज की मौत भी हुई थी। घटना में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने 34 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जिसके बाद 26 आरोपियों से गंभीर धाराएं हटा दी गई थीं। जिससे आरोपियों कोर्ट से जमानत मिल गई और 26 लोग जमानत पर रिहा हो गए। गुरुवार को शहर इमाम मुफ्ती महबूब अली के साथ उलमा ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर अन्य आरोपियों को रिहा कराने और धाराओं में रियायत देने की मांग की। इस दौरान आस्ताना आलिया जमालिया के सज्जादानशीन फरहद अहमद जमाली, असलम जावेद कासमी, मौलाना अंसार, मुकर्रम इनायती, असलम हसन खां आदि मौजूद रहे।
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रामपुर। दिसंबर माह में सीएए-एनआरसी के विरोध में हिंसा प्रकरण को लेकर शहर इनाम के नेतृत्व में उलमा ने डीएम से मुलाकात की। साथ ही ज्ञापन सौंपकर हिंसा मामले में गिरफ्तार हुए आरोपियों को रिहा कराने और धाराओं में रियायत देने की मांग की गई।
नगर में 21 दिसंबर को सीएए-एनआरसी के विरोध में बंद का आह्वान किया गया था। भीड़ को ईदगाह तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस द्वारा कई स्थानों पर बेरीकेडिंग की गई थी। इस दौरान हाथीखाना चौराहे के निकट भीड़ हिंसक हो गई और आगजनी और पथराव करना शुरू कर दिया गया। हिंसा के दौरान एक युवक फैज की मौत भी हुई थी। घटना में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने 34 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जिसके बाद 26 आरोपियों से गंभीर धाराएं हटा दी गई थीं। जिससे आरोपियों कोर्ट से जमानत मिल गई और 26 लोग जमानत पर रिहा हो गए। गुरुवार को शहर इमाम मुफ्ती महबूब अली के साथ उलमा ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर अन्य आरोपियों को रिहा कराने और धाराओं में रियायत देने की मांग की। इस दौरान आस्ताना आलिया जमालिया के सज्जादानशीन फरहद अहमद जमाली, असलम जावेद कासमी, मौलाना अंसार, मुकर्रम इनायती, असलम हसन खां आदि मौजूद रहे।
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