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अब मसवासी में बच्चे ने दम तोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो/रामपुर
Updated Mon, 15 Aug 2016 12:11 AM IST
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जिले में बुखार का प्रकोप थम नहीं रहा है। सबसे ज्यादा स्थिति गांवों में बिगड़ी हुई है। सैदनगर क्षेत्र में सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं। जबकि मसवासी क्षेत्र के बिजारखाता में भी एक बालक की बुखार की चपेट में आकर मौत हो गई है। सैकड़ों लोग पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं है। लोग निजी डाक्टरों की शरण ले रहे हैं।
बिजारखाता में मोहम्मद फारूक का सात साल का बेटा हस्सान कुछ दिन से बुखार से पीड़ित चल रहा था। परिवार के लोग उसका इलाज बाजपुर के एक चिकित्सक से करवा रहे थे। बाजपुर के एक लैब पर उसे खून टेस्ट में टाइफाइड की पुष्टि हुई थी ! पुष्टि के बाद उस का इलाज बाजपुर के एक डॉक्टर से चल रहा था। इलाज के दौरान बुखार से पीड़ित बालक ने शनिवार की शाम दम तोड़ दिया। बालक की मौत के बाद परिवार के लोगों में कोहराम मच गया।
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गांव के लोगों का कहना है कि इस बारे में र्क बार स्वास्थ्य विभाग को सूचना देकर मामले से अवगत कराया गया। बुखार की बीमारी को रोकने के लिए कोई स्वास्थ्य कोई प्रयास नहीं कर रहा है। जिससे ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आक्रोश है। सैदनगर प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के हरैटा गांव में भी टीम ने दवा भी बांटी।
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गांव में कैंप लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस दौरान काफी संख्या में मरीजों को देखा गया। बुखार पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पा रहा है। खौद मे भी तमाम मरीज हैं,जिनका इलाज चल रहा है। नगलिया आकिल, ढक्का, काशीपुर, सींगनखेड़ा, खौद व मिश्रीनगर में भी गांव का बुखार कहर जारी है। ग्रामीणों में मलेरिया की दवा छिड़कने की मांग रखी है।