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Rampur News: अनियमितता मिलने पर प्रशासक बर्खास्त, एडीओ पंचायत को चार्ज
Fri, 21 Aug 2026 11:43 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Fri, 21 Aug 2026 11:43 PM IST
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शाहबाद। ग्राम पंचायत मढ़ेया झाऊ में विकास कार्यों के नाम पर कथित अनियमितताओं की शिकायत जांच में सही पाए जाने के बाद डीएम ने पूर्व ग्राम प्रधान एवं प्रशासक के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। इन दिनों प्रधानों के पास प्रशासक की जिम्मेदारी है, इसलिए आदेश के क्रम में प्रधान को प्रशासक पद से बर्खास्त कर एडीओ (पंचायत) सुरेश कुमार को प्रशासक नामित किया गया है।
मढ़ेया झाऊ गांव निवासी शंकर सिंह, जाने आलम, रिजवान, गंभीर सिंह, धर्मपाल सिंह, महबूब समेत अन्य ग्रामीणों ने जिला पंचायत राज अधिकारी से शिकायत की थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि ग्राम पंचायत में कराए गए कई विकास कार्यों में नियमों की अनदेखी कर सरकारी धन का भुगतान कराया गया है।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि प्राथमिक विद्यालय में जिस शौचालय निर्माण को वर्तमान कार्य के रूप में दर्शाकर भुगतान कराया गया, वह वर्ष 2020 में तत्कालीन ग्राम प्रधान के कार्यकाल में बनवाया गया था। आरटीआई के जरिए भी इस मामले से संबंधित जानकारी सामने आने का दावा किया गया।
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इसके अलावा सीसी रोड और नालों की मरम्मत समेत कई कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाया गया। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान के सगे छोटे भाई के खाते में करीब दो लाख रुपये का भुगतान किए जाने पर भी सवाल उठाए थे। भुगतान में कॉमर्शियल ट्रैक्टर दर्शाया गया, जबकि शिकायतकर्ताओं के अनुसार संबंधित व्यक्ति के पास कृषि कार्य में इस्तेमाल होने वाला ट्रैक्टर है।
शिकायत में मनरेगा के जॉब कार्ड को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए। ग्रामीणों का कहना था कि गांव से बाहर रहकर मजदूरी करने वाले करीब 10 लोगों के कथित तौर पर फर्जी जॉब कार्ड बनाकर मनरेगा से भुगतान कराया गया। ग्रामीणों ने सभी मामलों की जांच कराकर सरकारी धन की रिकवरी कराने की मांग की थी।
शिकायत के आधार पर अधिकारियों ने जिला ग्रामोद्योग अधिकारी से जांच कराई। जांच में शिकायतों में लगाए गए आरोपों में तथ्य पाए जाने के बाद रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी गई। इसके बाद डीएम के आदेश पर 12 अगस्त को ग्राम प्रधान के अधिकार सीज कर दिए गए।
डीपीआरओ नत्थूलाल गंगवार ने बताया कि इन दिनों प्रधान नहीं बल्कि प्रशासक हैं, इसलिए उन्हें प्रशासक पद से हटाकर एडीओ (पंचायत) को प्रशासक बनाया गया। जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर संबंधित धनराशि की रिकवरी के भी आदेश दिए गए हैं।
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मढ़ेया झाऊ गांव की जांच हुई थी। जांच के बाद प्रधान के अधिकार सीज कर दिए हैं और एडीओ पंचायत सुरेश सिंह को प्रशासक बनाया गया है। जांच अब भी चल रही है। -धीरेंद्रपाल सिंह, बीडीओ, शाहबाद
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मढ़ेया झाऊ गांव निवासी शंकर सिंह, जाने आलम, रिजवान, गंभीर सिंह, धर्मपाल सिंह, महबूब समेत अन्य ग्रामीणों ने जिला पंचायत राज अधिकारी से शिकायत की थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि ग्राम पंचायत में कराए गए कई विकास कार्यों में नियमों की अनदेखी कर सरकारी धन का भुगतान कराया गया है।
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शिकायत में आरोप लगाया गया था कि प्राथमिक विद्यालय में जिस शौचालय निर्माण को वर्तमान कार्य के रूप में दर्शाकर भुगतान कराया गया, वह वर्ष 2020 में तत्कालीन ग्राम प्रधान के कार्यकाल में बनवाया गया था। आरटीआई के जरिए भी इस मामले से संबंधित जानकारी सामने आने का दावा किया गया।
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इसके अलावा सीसी रोड और नालों की मरम्मत समेत कई कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाया गया। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान के सगे छोटे भाई के खाते में करीब दो लाख रुपये का भुगतान किए जाने पर भी सवाल उठाए थे। भुगतान में कॉमर्शियल ट्रैक्टर दर्शाया गया, जबकि शिकायतकर्ताओं के अनुसार संबंधित व्यक्ति के पास कृषि कार्य में इस्तेमाल होने वाला ट्रैक्टर है।
शिकायत में मनरेगा के जॉब कार्ड को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए। ग्रामीणों का कहना था कि गांव से बाहर रहकर मजदूरी करने वाले करीब 10 लोगों के कथित तौर पर फर्जी जॉब कार्ड बनाकर मनरेगा से भुगतान कराया गया। ग्रामीणों ने सभी मामलों की जांच कराकर सरकारी धन की रिकवरी कराने की मांग की थी।
शिकायत के आधार पर अधिकारियों ने जिला ग्रामोद्योग अधिकारी से जांच कराई। जांच में शिकायतों में लगाए गए आरोपों में तथ्य पाए जाने के बाद रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी गई। इसके बाद डीएम के आदेश पर 12 अगस्त को ग्राम प्रधान के अधिकार सीज कर दिए गए।
डीपीआरओ नत्थूलाल गंगवार ने बताया कि इन दिनों प्रधान नहीं बल्कि प्रशासक हैं, इसलिए उन्हें प्रशासक पद से हटाकर एडीओ (पंचायत) को प्रशासक बनाया गया। जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर संबंधित धनराशि की रिकवरी के भी आदेश दिए गए हैं।
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मढ़ेया झाऊ गांव की जांच हुई थी। जांच के बाद प्रधान के अधिकार सीज कर दिए हैं और एडीओ पंचायत सुरेश सिंह को प्रशासक बनाया गया है। जांच अब भी चल रही है। -धीरेंद्रपाल सिंह, बीडीओ, शाहबाद