फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   Two years after independence, Sardar Patel merged the princely state of Rampur with India.

Rampur News: आजादी के दो साल बाद सरदार पटेल ने रामपुर रियासत का भारत में कराया था विलय

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 31 Oct 2023 02:20 AM IST
विज्ञापन
Two years after independence, Sardar Patel merged the princely state of Rampur with India.
रामपर। देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल का रामपुर की आजादी में बड़ा योगदान रहा। उनके प्रयासों से देश की 565 रियासतों का भारत गणराज्य में विलय हुुआ था, इनमें से एक रामपुर रियासत थी। सरदार पटेल ने इसके लिए नवाब परिवार से कई दौर की वार्ता के साथ पत्राचार भी किया। इसके बाद रामपुर नवाब रजा अली खां विलय के राजी हो गए। देश की आजादी के करीब दो साल बाद रामपुर को आजादी मिली थी। भारत अंग्रेजों की हुकूमत से 15 अगस्त 1947 को आजाद हो गया था, जिसका जश्न देश भर में मनाया गया था, लेकिन रामपुर के हालात उस समय अलग थे। रामपुर का इतिहास लिखने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता शौकत अली खां ने अपनी पुस्तक में लिखा है कि रामपुर में 15 अगस्त, 1947 को लोग आजादी की मांग करते हुए आंदोलन कर रहे थे। इससे पहले चार अगस्त को रामपुर में बवाल हुआ था। तब रजा अली खां यहां के नवाब थे। बशीर हुसैन जैदी रामपुर रियासत के मुख्यमंत्री थे।
विज्ञापन

नवाब रजा अली खां के बड़े बेटे मुर्तजा अली खां आर्मी चीफ थे। नवाब और उनके बेटे में भी कुछ अनबन रहती थी। इसको लेकर मुख्यमंत्री बशीर हुसैन जैदी ने कुछ लोगों को उकसा दिया और बवाल हो गया। लोगों ने कोर्ट, तहसील और मालखाना फूंक दिया था। 12 आंदोलनकारियों की मौत हुई और अनेक लोगों को जेल में बंद कर दिया गया था। आजादी के बाद देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को 565 से ज्यादा रियासतों को स्वतंत्र भारत में विलय करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। जिसके बाद सरदार पटेल ने रामपुर रियासत का विलय नवाब परिवार से बातचीत के बाद भारत में कराया। एक जुलाई 1949 को रामपुर का भारत में विलय हुआ था। इसके बाद रामपुर केंद्र सरकार के अधीन हो गया था। एक दिसंबर, 1949 को रामपुर को उत्तर प्रदेश का जिला घोषित किया गया।
विज्ञापन


ये है रामपुर का इतिहास
1300 ईसवीं में कटेहर राजा राम सिंह ने रामपुर बसाया।

7 अक्तूबर 1774 को नवाब फैजुल्ला खां रामपुर के पहले नवाब बने।
15 मई 1949 नवाब रजा अली खां ने विलय के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए।
30 जून 1949 रामपुर के नवाब की हुकूमत का आखिरी दिन।

1 जुलाई 1949 रामपुर रियासत का आजाद भारत में विलय।
30 नवंबर 1949 तक विलय के बाद रामपुर केंद्र सरकार के अधीन रहा।

1 दिसंबर 1949 को रामपुर उत्तर प्रदेश का जिला बना।
-------------------
देश आजाद होने के बाद से ही रामपुर को स्वतंत्र भारत में विलय कराने के लिए वार्ता शुरू हो गई थी। नवाब रजा अली के सामने विलय का प्रस्ताव लाया गया, जिस पर उन्होंने सहमति जताई। कुछ मुद्दों पर सहमति होने के बाद रामपुर का स्वतंत्र भारत में विलय हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


नफीसउद्दीन सिद्दीकी, इतिहासकार।

--------------------

नवाबी राज से पहले था राजा कटेहर राजपूत का शासन
इतिहासकार बताते हैं कि नवाबों के शासन से पहले रामपुर में कटेहर राजपूत का शासन था। 1200-1300 ईसवीं के बीच रामपुर के राजा राम सिंह रहे। इन्हीं के नाम पर चार छोटे-छोटे गांवों के समूह बनाए गए, जिसको राजा राम सिंह ने रामपुर का नाम दिया। शासन बदलने के बाद 1774 में पहले नवाब फैजुल्ला खां को रामपुर का नाम पसंद नहीं आया, जिस पर इसका नाम फैजाबाद कर दिया। मगर, बताया गया कि फैजाबाद नाम का शहर भारत में है। इसके बाद उसका नाम मुस्तफाबाद कर दिया गया। मगर, बाद में जब उन्हें यह पता चला कि मुस्तफाबाद नाम से भी भारत में शहर है तो उन्होंने फिर नाम बदलकर रामपुर ही कर दिया। तब से यही नाम देश दुनिया में प्रसिद्ध हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed