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Rampur News: 27 करोड़ की जीएसटी चोरी में फंसीं तीन फर्म, केस दर्ज
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रामपुर। राज्य कर विभाग ने रामपुर में जीएसटी की बड़ी चोरी पकड़ी है। जीएसटी की समीक्षा के दौरान जीएसटी चोरी करने के साथ ही धोखाधड़ी कर टैक्स जमा करने में हेराफेरी करने का मामला पकड़ में आने के बाद विभाग ने इस मामले में तीन फर्मों के स्वामियों और एक अधिवक्ता के खिलाफ छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। तीनों केस में करीब 27 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी करने का आरोप लगाया है।
डीएम ने पिछले दिनों जीएसटी कलेक्शन की समीक्षा करते हुए टैक्स चोरी करने वालों पर शिकंजा कसने के आदेश दिए थे। प्रशासन के संज्ञान में यह बात भी सामने आई थी कि फर्म संचालक जीएसटी की चोरी कर रहे हैं और टैक्स जमा करने में लापरवाही कर रहे हैं। डीएम के आदेश के बाद राज्य कर विभाग ने अपने स्तर से मामले की पड़ताल शुरू की। इसमें जिले के तीन लकड़ी की फर्मोंं के संचालक टैक्स चोरी के मामले में फंस गए हैं।
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि बोगस फर्मों के नाम पर टैक्स की चोरी की जा रही है। इसमें फर्म संचालकों के साथ ही अधिवक्ता व ट्रांसपोर्टर भी शामिल हैं। जांच के बाद इस मामले में शहर कोतवाली, गंज और अजीमनगर थाने में तीन अलग-अलग केस दर्ज कराए हैं।
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शहर कोतवाली में राज्य कर उपायुक्त प्रथम डिवीजन संदेश कुमार जैन की ओर शहर के मोहल्ला खटकान निवासी हारिस व जिया के साथ ही अधिवक्ता समर्पण जैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। तीनों पर फर्जी तरीके से किरायानामा बनवाने के साथ ही धोखाधड़ी करने समेत जीएसटी के दस करोड़ 52 लाख रुपये जमा न करने का आरोप है। जीएसटी को लेकर जो अपील दाखिल की गई थी, वह भी खारिज की गई थी। इसके बाद भी बकाया जमा नहीं किया गया।
इसी तरह गंज थाने में उपायुक्त की ओर से पंखेवलान निवासी आकिल मियां, जिया व अधिवक्ता समर्पण जैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस मुकदमे में इन सभी पर आठ करोड़ 35 लाख की जीएसटी चोरी का आरोप है। अजीमनगर थाने में भी प्रधान सहायक आदित्य प्रताप सिंह ने रईस उद्दीन, बहरादुदीन व अन्य फर्मों के व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। इन सभी पर आठ करोड़ 47 लाख रुपये की टैक्स चोरी का आरोप है। पुलिस ने तीनों केस में करीब 27.35 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
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डीएम ने पिछले दिनों जीएसटी कलेक्शन की समीक्षा करते हुए टैक्स चोरी करने वालों पर शिकंजा कसने के आदेश दिए थे। प्रशासन के संज्ञान में यह बात भी सामने आई थी कि फर्म संचालक जीएसटी की चोरी कर रहे हैं और टैक्स जमा करने में लापरवाही कर रहे हैं। डीएम के आदेश के बाद राज्य कर विभाग ने अपने स्तर से मामले की पड़ताल शुरू की। इसमें जिले के तीन लकड़ी की फर्मोंं के संचालक टैक्स चोरी के मामले में फंस गए हैं।
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जांच के दौरान यह बात सामने आई कि बोगस फर्मों के नाम पर टैक्स की चोरी की जा रही है। इसमें फर्म संचालकों के साथ ही अधिवक्ता व ट्रांसपोर्टर भी शामिल हैं। जांच के बाद इस मामले में शहर कोतवाली, गंज और अजीमनगर थाने में तीन अलग-अलग केस दर्ज कराए हैं।
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शहर कोतवाली में राज्य कर उपायुक्त प्रथम डिवीजन संदेश कुमार जैन की ओर शहर के मोहल्ला खटकान निवासी हारिस व जिया के साथ ही अधिवक्ता समर्पण जैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। तीनों पर फर्जी तरीके से किरायानामा बनवाने के साथ ही धोखाधड़ी करने समेत जीएसटी के दस करोड़ 52 लाख रुपये जमा न करने का आरोप है। जीएसटी को लेकर जो अपील दाखिल की गई थी, वह भी खारिज की गई थी। इसके बाद भी बकाया जमा नहीं किया गया।
इसी तरह गंज थाने में उपायुक्त की ओर से पंखेवलान निवासी आकिल मियां, जिया व अधिवक्ता समर्पण जैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस मुकदमे में इन सभी पर आठ करोड़ 35 लाख की जीएसटी चोरी का आरोप है। अजीमनगर थाने में भी प्रधान सहायक आदित्य प्रताप सिंह ने रईस उद्दीन, बहरादुदीन व अन्य फर्मों के व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। इन सभी पर आठ करोड़ 47 लाख रुपये की टैक्स चोरी का आरोप है। पुलिस ने तीनों केस में करीब 27.35 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।