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धनतेरस पर दूसरे दिन भी जमकर हुई खरीदारी
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धनतेरस पर दूसरे दिन भी जमकर हुई खरीदारी
रामपुर। धनतेरस के मौके पर दूसरे दिन रविवार को भी जमकर खरीदारी हुई। बाजारों में सुबह से ही चलह-पहल रही जो देर तक बनी रही। लोगों ने ज्वेलरी, इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स, दोपहिया वाहन. बर्तन, गिफ्ट आइटम्स व पूजन सामग्री की खरीदारी की। दो दिनों के अंदर लगभग 400 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है।
इस साल धनतेरस दो दिन मनाई गई। कार्तिक माह की त्रयोदशी तिथि शनिवार को शाम 6 बजकर 2 मिनट से शुरू हो गई थी, जो रविवार को शाम 06 बजकर तीन मिनट तक रही। ऐसे में रविवार को पूरे दिन खरीदारी करने का मुहूर्त था। इस दौरान लोगों ने जमकर खरीदारी की। रविवार को ज्यादातर लोगों ने बर्तन से लेकर आभूषण की खरीदारी की। इसके अलावा लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, पटाखा, मिठाई की दुकानों पर भी काफी भीड़ रही। रविवार को सुबह से खरीदारी का सिलसिला शुरू हो गया। शाम होते ही बाजार रंग-बिरंगी रोशनी से नहा उठी। आभूषण और बर्तन की दुकानों पर लोगोें की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई धनतेरस के मौके पर कुछ न कुछ खरीद लेना चाहता था। बाजार में खील बतासे की दुकानें भी सज गई थीं।धनतेरस पर सबसे अधिक महत्व बर्तन खरीदने का होता है, लिहाजा बर्तनों की दुकानों पर सबसे अधिक भीड़ रही और बिक्री भी सबसे अधिक बर्तनों की हुई। बर्तन बाजार के अलावा कई स्थानों पर बर्तनों की अस्थायी दुकानें लगी हुई थीं। इसके साथ ही सजावट के सामान, झालर, रंगोली, मूर्तियां, कंडील आदि की भी खूब बिक्री हुई। शहर के गुरुद्वारा रोड, सिविल लाइंस, मिस्टन गंज, राजद्वारा, ज्वाला नगर, अजीतपुर में भीड़भाड़ रही। सराफा कारोबारियों का कहना है कि इस साल अच्छा कारोबार हुआ है। कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले सालों से कुछ मंदी थी। मंदी का असर इस साल नहीं दिखा। वहीं दोपहिया वाहनों की भी बिक्री अच्छी रही। लोगों का ई-बाइक्स के प्रति अधिक रूझान रहा। इसके अलावा मिठाई और गिफ्ट आइटम्स की बिक्री अधिक रही। मिठाई में सोहनपापड़ी की बिक्री सबसे अधिक हुई। कई कंपनियों ने लोगों को उपहार में देने के लिए सोहनपापड़ी के 250 ग्राम, 500 ग्राम और एक किलो के पैकेट बाजार में उतारे हैं। ब्रांडेड सोहन पापड़ी की बिक्री अधिक रही।
लंबी दूरी की बसों के लिए करना पड़ा इंतजार
त्योहार पर घर जाने के लिए लोगों को लंबी दूरी की बसों का इंतजार करना पड़ा। वैसे रोडवेज ने दिल्ली, हल्द्वानी सहित अन्य शहरों के लिए बसों के फेरे बढ़ाए हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या के मुकाबले बसें कम होने की वजह से लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। बसों के आते ही उसमें चढ़ने के लिए यात्रियों में आपाधापी मच जाती थी। इस वजह से कई यात्री बस में नहीं चढ़ पाए।
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जीआरपी ने चलाया चेकिंग अभियान
त्योहारी सीजन के मद्देनजर जीआरपी ने रविवार को रेलवे स्टेशन पर चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के इंतजार में बैठे यात्रियों की चेकिंग की गई। साथ ही कई ट्रेनों में भी जीआरपी ने चेकिंग की। खासतौर पर जनरल कोच में सफर करने वाले यात्रियों को ताकीद की गई कि वो किसी अंजान व्यक्ति से खानेपीने की वस्तु न लें।
शाम होते ही पूरा शहर रोशनी से नहाया
दिवाली के मौके पर लोगों ने अपने घरों की शानदार सजावट की और लाइटें लगाईं है। रविवार की शाम जब लाइटें जलीं तो पूरा शहर रंग बिरंगी रोशनी में नहाया नजर आया। रंग बिरंगी लाइट की रोशनी में शहर छटा देखते ही बन रही थी।
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रामपुर। धनतेरस के मौके पर दूसरे दिन रविवार को भी जमकर खरीदारी हुई। बाजारों में सुबह से ही चलह-पहल रही जो देर तक बनी रही। लोगों ने ज्वेलरी, इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स, दोपहिया वाहन. बर्तन, गिफ्ट आइटम्स व पूजन सामग्री की खरीदारी की। दो दिनों के अंदर लगभग 400 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है।
इस साल धनतेरस दो दिन मनाई गई। कार्तिक माह की त्रयोदशी तिथि शनिवार को शाम 6 बजकर 2 मिनट से शुरू हो गई थी, जो रविवार को शाम 06 बजकर तीन मिनट तक रही। ऐसे में रविवार को पूरे दिन खरीदारी करने का मुहूर्त था। इस दौरान लोगों ने जमकर खरीदारी की। रविवार को ज्यादातर लोगों ने बर्तन से लेकर आभूषण की खरीदारी की। इसके अलावा लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, पटाखा, मिठाई की दुकानों पर भी काफी भीड़ रही। रविवार को सुबह से खरीदारी का सिलसिला शुरू हो गया। शाम होते ही बाजार रंग-बिरंगी रोशनी से नहा उठी। आभूषण और बर्तन की दुकानों पर लोगोें की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई धनतेरस के मौके पर कुछ न कुछ खरीद लेना चाहता था। बाजार में खील बतासे की दुकानें भी सज गई थीं।धनतेरस पर सबसे अधिक महत्व बर्तन खरीदने का होता है, लिहाजा बर्तनों की दुकानों पर सबसे अधिक भीड़ रही और बिक्री भी सबसे अधिक बर्तनों की हुई। बर्तन बाजार के अलावा कई स्थानों पर बर्तनों की अस्थायी दुकानें लगी हुई थीं। इसके साथ ही सजावट के सामान, झालर, रंगोली, मूर्तियां, कंडील आदि की भी खूब बिक्री हुई। शहर के गुरुद्वारा रोड, सिविल लाइंस, मिस्टन गंज, राजद्वारा, ज्वाला नगर, अजीतपुर में भीड़भाड़ रही। सराफा कारोबारियों का कहना है कि इस साल अच्छा कारोबार हुआ है। कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले सालों से कुछ मंदी थी। मंदी का असर इस साल नहीं दिखा। वहीं दोपहिया वाहनों की भी बिक्री अच्छी रही। लोगों का ई-बाइक्स के प्रति अधिक रूझान रहा। इसके अलावा मिठाई और गिफ्ट आइटम्स की बिक्री अधिक रही। मिठाई में सोहनपापड़ी की बिक्री सबसे अधिक हुई। कई कंपनियों ने लोगों को उपहार में देने के लिए सोहनपापड़ी के 250 ग्राम, 500 ग्राम और एक किलो के पैकेट बाजार में उतारे हैं। ब्रांडेड सोहन पापड़ी की बिक्री अधिक रही।
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लंबी दूरी की बसों के लिए करना पड़ा इंतजार
त्योहार पर घर जाने के लिए लोगों को लंबी दूरी की बसों का इंतजार करना पड़ा। वैसे रोडवेज ने दिल्ली, हल्द्वानी सहित अन्य शहरों के लिए बसों के फेरे बढ़ाए हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या के मुकाबले बसें कम होने की वजह से लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। बसों के आते ही उसमें चढ़ने के लिए यात्रियों में आपाधापी मच जाती थी। इस वजह से कई यात्री बस में नहीं चढ़ पाए।
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जीआरपी ने चलाया चेकिंग अभियान
त्योहारी सीजन के मद्देनजर जीआरपी ने रविवार को रेलवे स्टेशन पर चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के इंतजार में बैठे यात्रियों की चेकिंग की गई। साथ ही कई ट्रेनों में भी जीआरपी ने चेकिंग की। खासतौर पर जनरल कोच में सफर करने वाले यात्रियों को ताकीद की गई कि वो किसी अंजान व्यक्ति से खानेपीने की वस्तु न लें।
शाम होते ही पूरा शहर रोशनी से नहाया
दिवाली के मौके पर लोगों ने अपने घरों की शानदार सजावट की और लाइटें लगाईं है। रविवार की शाम जब लाइटें जलीं तो पूरा शहर रंग बिरंगी रोशनी में नहाया नजर आया। रंग बिरंगी लाइट की रोशनी में शहर छटा देखते ही बन रही थी।