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छह माह से नहीं आए सचिव, गांव का विकास रुका
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छह माह से नहीं आए सचिव, गांव का विकास रुका
डीपीआरओ के निरीक्षण में खुली पोल, एडीओ पंचायत और ग्राम प्रधान को लगाई लताड़
रामपुर। शाहबाद की एक ग्राम पंचायत में पंचायत भवन का निर्माण वर्षों से लंबित है। ग्राम प्रधान के पुराने कार्यकाल से लेकर अब तक पंचायत भवन का निर्माण नींव से आगे नहीं बढ़ सका है। उसके निर्माण पर अब तक 1.75 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं, उसका भी भुगतान नहीं हो सका है। वहीं, ग्राम पंचायत सचिव छह माह से गांव में नहीं आए हैं। ऐसे में गांव का विकास कैसे हो? जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) के निरीक्षण के दौरान गांव के विकास कार्यों की यह पोल खुल गई, जिसके बाद डीपीआरओ ने ग्राम प्रधान और एडीओ पंचायत को जमकर लताड़ लगाई।
मामला ग्राम पंचायत उदयपुर जागीर का है। डीपीआरओ दुर्गा प्रसाद तिवारी ने ग्राम पंचायत में निर्माणाधीन पंचायत भवन के निरीक्षण के लिए पहुंचे। उन्होंने देखा तो पता लगा कि पंचायत भवन का निर्माण अब तक नींव के आगे नहीं बढ़ सका है, जबकि यह काम वर्तमान प्रधान के पूर्व कार्यकाल में शुरू हुआ था। जिस पर डीपीआरओ का पारा चढ़ गया। उन्होंने ग्राम प्रधान को तलब कर लिया। प्रधान ने बताया कि पंचायत भवन के निर्माण पर अब तक 1.75 लाख रुपये खर्च हो गए, किंतु, इसका भी भुगतान नहीं हो सका। जिसके बाद काम रुक गया। तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव लोकमन सिंह एडीओ पंचायत के पद पर पदोन्नत होने के बाद चित्रकूट चले गए, जिसके ग्राम पंचायत सचिव संजीव कुमार गौतम को तैनाती दे दी गई, लेकिन ग्राम पंचायत सचिव छह माह से तो गांव ही नहीं हैं। ऐसे में विकास कार्य किस तरह हो सकेंगे। एडीओ पंचायत भी निर्माण कार्य की प्रगति रिपोर्ट नहीं दी। जिस पर डीपीआरओ ने एडीओ पंचायत शाहबाद, ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए कहा। साथ ही ग्राम प्रधान की लापरवाही पर वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारी सीज करने की चेतावनी दी।
पांच लाख रुपये की लागत से बनी पंचायत भवन की बाउंड्री
रामपुर। डीपीआरओ ने शाहबाद की ग्राम पंचायत दनियापुर का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पंचायत भवन का निर्माण अधूरा मिला और वहां टाईल्स लगाने का काम किया जा रहा है। किंतु, अब काम काफी समय से बंद है। पंचायत भवन की बाउंड्री के लिए भी करीब पांच लाख रुपये निकाले गए हैं, लेकिन बाउंड्री का इतना काम नजर नहीं आया। पंचायत सचिव भी इस्टीमेट और मापी लेकर मौके पर उपस्थित नहीं हुए। डीपीआरओ ने पंचायत सचिव का जबाव तलब किया है।
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-शाहबाद क्षेत्र की दो ग्राम पंचायतों का निरीक्षण किया था। जहां तमाम कमियां मिलीं थीं। ऐसे में संबंधित ग्राम पंचायतों के सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-दुर्गा प्रसाद तिवारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, रामपुर।
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डीपीआरओ के निरीक्षण में खुली पोल, एडीओ पंचायत और ग्राम प्रधान को लगाई लताड़
रामपुर। शाहबाद की एक ग्राम पंचायत में पंचायत भवन का निर्माण वर्षों से लंबित है। ग्राम प्रधान के पुराने कार्यकाल से लेकर अब तक पंचायत भवन का निर्माण नींव से आगे नहीं बढ़ सका है। उसके निर्माण पर अब तक 1.75 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं, उसका भी भुगतान नहीं हो सका है। वहीं, ग्राम पंचायत सचिव छह माह से गांव में नहीं आए हैं। ऐसे में गांव का विकास कैसे हो? जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) के निरीक्षण के दौरान गांव के विकास कार्यों की यह पोल खुल गई, जिसके बाद डीपीआरओ ने ग्राम प्रधान और एडीओ पंचायत को जमकर लताड़ लगाई।
मामला ग्राम पंचायत उदयपुर जागीर का है। डीपीआरओ दुर्गा प्रसाद तिवारी ने ग्राम पंचायत में निर्माणाधीन पंचायत भवन के निरीक्षण के लिए पहुंचे। उन्होंने देखा तो पता लगा कि पंचायत भवन का निर्माण अब तक नींव के आगे नहीं बढ़ सका है, जबकि यह काम वर्तमान प्रधान के पूर्व कार्यकाल में शुरू हुआ था। जिस पर डीपीआरओ का पारा चढ़ गया। उन्होंने ग्राम प्रधान को तलब कर लिया। प्रधान ने बताया कि पंचायत भवन के निर्माण पर अब तक 1.75 लाख रुपये खर्च हो गए, किंतु, इसका भी भुगतान नहीं हो सका। जिसके बाद काम रुक गया। तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव लोकमन सिंह एडीओ पंचायत के पद पर पदोन्नत होने के बाद चित्रकूट चले गए, जिसके ग्राम पंचायत सचिव संजीव कुमार गौतम को तैनाती दे दी गई, लेकिन ग्राम पंचायत सचिव छह माह से तो गांव ही नहीं हैं। ऐसे में विकास कार्य किस तरह हो सकेंगे। एडीओ पंचायत भी निर्माण कार्य की प्रगति रिपोर्ट नहीं दी। जिस पर डीपीआरओ ने एडीओ पंचायत शाहबाद, ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए कहा। साथ ही ग्राम प्रधान की लापरवाही पर वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारी सीज करने की चेतावनी दी।
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पांच लाख रुपये की लागत से बनी पंचायत भवन की बाउंड्री
रामपुर। डीपीआरओ ने शाहबाद की ग्राम पंचायत दनियापुर का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पंचायत भवन का निर्माण अधूरा मिला और वहां टाईल्स लगाने का काम किया जा रहा है। किंतु, अब काम काफी समय से बंद है। पंचायत भवन की बाउंड्री के लिए भी करीब पांच लाख रुपये निकाले गए हैं, लेकिन बाउंड्री का इतना काम नजर नहीं आया। पंचायत सचिव भी इस्टीमेट और मापी लेकर मौके पर उपस्थित नहीं हुए। डीपीआरओ ने पंचायत सचिव का जबाव तलब किया है।
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-शाहबाद क्षेत्र की दो ग्राम पंचायतों का निरीक्षण किया था। जहां तमाम कमियां मिलीं थीं। ऐसे में संबंधित ग्राम पंचायतों के सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-दुर्गा प्रसाद तिवारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, रामपुर।
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