फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   The case went on in the court for 26 years, the police could not present even a single witness, the accused was acquitted.

Rampur News: 26 साल तक कोर्ट में चला मुकदमा, एक भी गवाह पेश नहीं कर पाई पुलिस, आरोपी बरी

Thu, 05 Dec 2024 02:00 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर Updated Thu, 05 Dec 2024 02:00 AM IST
विज्ञापन
The case went on in the court for 26 years, the police could not present even a single witness, the accused was acquitted.
रामपुर। महिलाओं के प्रति अपराध के खिलाफ भले ही सरकार गंभीर हो, लेकिन पुलिस की पैरवी न्यायालय में काफी कमजोर है। इसका ताजा उदाहरण बुधवार को देखने को मिला है। छेड़खानी और मारपीट के मामले में 26 साल तक मुकदमे की सुनवाई होती रही और इस बीच में पुलिस आरोपी के विरुद्ध एक भी गवाह न्यायालय में पेश नहीं कर सकी। लिहाजा कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में तीनों आरोपियों को बरी कर दिया है। अब चौथे आरोपी दिल्ली निवासी अविनाश चुंग पर अभी कोर्ट का फैसला आना बाकी है। चूंकि, अविनाश चुंग की पत्रावली अन्य तीनों आरोपियों से अलग है। इसमें सुनवाई चल रही है।
विज्ञापन

मामला सिविल लाइंस क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा हुआ है। मुरादाबाद के एक गांव निवासी महिला ने पांच मार्च 1998 को सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। महिला का आरोप था कि वह चार मार्च 1998 के दिन सिविल लाइंस क्षेत्र के एक गांव से होकर गुजर रही थी, जहां पर चार लोगों ने उसके साथ छेड़खानी की थी। उसने छेड़खानी का विरोध किया तो आरोपियों ने उसे धमकाया भी था।
विज्ञापन

पुलिस ने इस मामले की रिपोर्ट दर्ज करते हुए चारों आरोपियों के खिलाफ 13 अप्रैल 1998 को आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। कोर्ट में इस मामले की सुनवाई लगातार चलती रही। जिसमें आरोपी धर्मपाल, बब्लू उर्फ पप्पू, राजन जमानत पर रिहा हो गए थे और दिल्ली निवासी अविनाश चुंग कोर्ट में नहीं आया। उसके खिलाफ लगातार वारंट भी जारी होते रहे। इस दौरान तीनों आरोपियों के अधिवक्ता ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया कि सभी चार आरोपियों की पत्रावली में से अविनाश चुंग के मामले को अलग कर दिया जाए। जिस पर कोर्ट ने प्रार्थनापत्र स्वीकार करते हुए अविनाश चुंग की पत्रावली अलग कर दी थी। उसके बाद गवाहों को तलब करना शुरू कर दिया था। लेकिन, पुलिस कोर्ट में बार-बार गवाह पेश करने में असफल होती रही। जिस पर आरोपियों के अधिवक्ता ने फिर कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया और कहा कि मुकदमा काफी पुराना है और पुलिस कोई गवाह पेश नहीं कर पा रही है। जिससे आरोपियों को आर्थिक व मानसिक हानि हो रही है। जिस पर कोर्ट ने पुलिस की गवाही बंद करते हुए तीनों आरोपियों (धर्मपाल, बब्लू उर्फ पप्पू और राजन) के बयान दर्ज किए।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन तीनों आरोपियों ने कोर्ट में पुलिस की ओर से दाखिल की गई चार्जशीट और घटना को झूठा बताया। उन्होंने अपने बयानों में कहा कि पुलिस ने उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज किया है। उन्होंने किसी भी तरह की घटना को अंजाम नहीं दिया है। इस तरह कोर्ट ने बुधवार को साक्ष्य के अभाव में धर्मपाल, बब्लू उर्फ पप्पू और राजन को बरी कर दिया है। हालांकि, चौथे आरोपी दिल्ली निवासी अविनाश चुंग का फैसला अभी कोर्ट से आना बाकी है। चूंकि, अविनाश चुंग की पत्रावली अन्य तीनों आरोपियों से अलग है।


कोर्ट ने हमें दिया इन्साफ, पैरवी में बीती जवानी
छेड़खानी और मारपीट के मुकदमे से बरी हुए धर्मपाल, बब्लू उर्फ पप्पू और राजन ने कोर्ट से बाहर आने पर बताया कि 26 साल बाद आज उन्हें इन्साफ मिला है। पुलिस ने उनके विरुद्ध झूठा मुकदमा दर्ज कर लिया था और उन्हें लगातार 26 साल तक परेशान होना पड़ा। आए दिन कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। इससे उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान होना पड़ रहा था।
आरोप से बरी हुए राजन ने बताया कि जब उसके विरुद्ध सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी तो वह 18 साल के थे और अब उनकी आयु 44 साल की हो गई है। इसी तरह धर्मपाल का कहना है कि वह 29 साल के युवा थे, उस समय छेड़खानी और मारपीट के फर्जी मामले में आरोपी बना दिए गए थे। इसके बाद थाने से लेकर कोर्ट के चक्कर काटते रहे हैं। पूरी जवानी इसी केस की पैरवी में बीत गई।

बब्लू उर्फ पप्पू के विरुद्ध जब यह आरोप लगा था तो वह 24 साल के थे। ये तीनों आरोपी एक ही गांव आगापुर के निवासी हैं। इन लोगों ने कहा कि बुधवार को उनके जीवन का सबसे बड़ा दाग मिट गया है। ये तीनों पुलिस की कार्यशैली से भी आहत दिखे। कहा, यदि पुलिस मामले की जांच कर आरोपों का पता लगाती तो उन्हें अपनी पूरी जवानी मुकदमे में नहीं उलझानी पड़ती। इस मुकदमे में उन्हें आर्थिक हानि भी हुई है। समाज में भी प्रतिष्ठा प्रभावित होती रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed