Rampur By-Election: आजम कल कर सकते हैं अपनी रणनीति का एलान, सपा कार्यालय पर बुलाई गई बैठक
उप-चुनाव को लेकर अभी किसी राजनीतिक दल ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। आजम खां भी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। हालांकि कुछ चुनिंदा कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर उन्होंने इस बारे में शनिवार को विचार-विमर्श किया था।
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रामपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उप-चुनाव को लेकर सपा नेता आजम खां मंगलवार को रणनीति का एलान कर सकते हैं। मंगलवार की शाम छह बजे से होने वाली बैठक में रामपुर नगर सहित जिले भर के कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया गया है। बैठक को सपा नेता आजम खां और विधायक अब्दुल्ला आजम संबोधित करेंगे। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि कार्यकर्ताओं की राय जानने के बाद आजम खां उप-चुनाव को लेकर रणनीति का एलान कर सकते हैं। यह भी संभव है कि उप-चुनाव में प्रत्याशी बनाए जाने को लेकर किसी नाम पर बैठक में चर्चा हो।
रामपुर विधानसभा सीट को आजम खां के गढ़ के रूप में जाना जाता है। वो इस सीट से दस बार विधानसभा का चुनाव जीत चुके हैं। नफरती भाषण के एक मामले में कोर्ट से सजा मिलने के बाद आजम खां की विधायकी रद्द कर दी गई है। इसके बाद इस सीट पर उप-चुनाव का एलान किया गया है। उप चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 11 नवंबर से चल रही है।
उप-चुनाव को लेकर अभी किसी राजनीतिक दल ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। आजम खां भी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। हालांकि कुछ चुनिंदा कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर उन्होंने इस बारे में शनिवार को विचार-विमर्श किया था। उप-चुनाव के मुद्दे पर आजम खां की चुप्पी को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गरम था। अब आजम खां ने मंगलवार को बैठक बुलाई है। राजनीतिक के जानकारों का कहना है कि इस बैठक में उप-चुनाव को लेकर आजम खां कुछ अप्रत्याशित एलान भी कर सकते हैं।
रामपुर में आजम के कारण ही हो रहा सपा का अंत : नवेद
सपा में टिकट को लेकर चल रहे असमंजस पर पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने कहा है कि 1993 में सपा का रामपुर में खाता खुला था, जो 2022 में बंद हो जाएगा। रामपुर में सपा का यह हाल आजम खां की नीतियों के कारण हुआ है। नवेद मियां ने कहा कि आजम ने सपा में किसी को नेता बनने ही नहीं दिया। अब स्थिति यह हो गई है कि आजम परिवार के अलावा रामपुर में सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाला कोई शख्स ही नहीं बचा है। परिवारवाद का खामियाजा अब इस पार्टी को भुगतना पड़ेगा। सपा किसी को भी उम्मीदवार बना दे, इस बार हार तय है।
उन्होंने कहा कि रामपुर शहर के लोगों का विधानसभा में प्रतिनिधित्व फ़जल उल हक़, असलम खां, बेगम किश्वर आरा, नवाब मुर्तजा अली खां, मंजूर अली खां उर्फ शन्नू खां और अफरोज अली
खान जैसी शानदार शख्सियतों ने किया है। आजम का इस सीट से चुना जाना काला अध्याय है। आजम का नेतृत्व विफल साबित हुआ। नवेद मियां ने कहा कि जिस पार्टी की रामपुर में शुरूआत आजम से हुई अब उस पार्टी का अंत भी इसी आदमी की वजह से होना तय है। कई अच्छे लोग नूरमहल से नाता तोड़कर आजम के साथ गए। आज उन लोगों का सियासत में कोई वजूद नहीं है। देहात की लीडरशिप को भी आजम ने ही खत्म किया। कई नेता जो विधायक और चेयरमैन होते, वे अपने घरों में बैठकर तमाशा देख रहे हैं। रामपुर में सपा अब डूबता हुआ जहाज है। अखिलेश यादव को अगर रामपुर में अपनी पार्टी को बचाना है तो उनको नई लीडरशिप तैयार करनी पड़ेगी।
कांग्रेसियों ने हाईकमान को उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी उतारने का प्रस्ताव भेजा
जिला कांग्रेस की बैठक में सर्वसम्मति से रामपुर विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी उतारने का प्रस्ताव पारित किया गया। यह प्रस्ताव पार्टी हाईकमान को भेजकर रामपुर में पार्टी द्वारा प्रत्याशी नहीं उतारने के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया है।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र देव गुप्ता का कहना है कि इस मुद्दे पर अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान को लेना है। हमने कार्यकर्ताओं की राय से पार्टी को अवगत करा दिया है। पार्टी हाईकमान से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए आग्रह किया गया है। जिला कांग्रेस कार्यालय में सोमवार को हुई इस बैठक में रामपुर विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव के साथ निकाय चुनाव को लेकर भी चर्चा की गई। बैठक में सभी पदाधिकारियों ने उपचुनाव में पार्टी की ओर से प्रत्याशी उतारे जाने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास किया।
गुप्ता ने कहा कि भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस उपचुनाव लड़ने के लिए तैयार है। प्रस्ताव में हाईकमान को अवगत कराया गया है कि सपा को रामपुर विधानसभा सीट पर प्रत्याशी नहीं मिल रहा है। सपा असमंजस की स्थिति में है कि वह उपचुनाव में प्रत्याशी उतारेगी या नहीं। ऐसी स्थिति में भाजपा को फायदा हो सकता है। भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस ही एक मात्र विकल्प है। शहर अध्यक्ष नोमान खां ने कहा पार्टी के आदेश का इंतजार है। हमें पूरी उम्मीद है कि कांग्रेस हाईकमान रामपुर संगठन के प्रस्ताव को मंजूर करके यहां कांग्रेस प्रत्याशी उतारेगी और रामपुर में कांग्रेस मजबूती से चुनाव लड़ेगी जिसके लिए हम पूरी तरह तैयार हैं। बैठक में पूर्व विधायक अफरोज अली खां, प्रमिल कुमार शर्मा, मामून शाह खां, अकरम सुल्तान, शारिब अली खां, जगमोहन मोना, हाजी नादिश खां, जुबैर खां, महफूज मंसूरी, मास्टर फिरोज, तारिक खां अब्दुल जब्बार खां, शैजी सैफी,सुहैल खां, दिव्यांश सिंघल,जगत सिंह, ताबिश खां, तंजील खां,सैय्यद शिराज मियां और सैय्यद अजीम मियां सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।