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जेल में भाइयों को राखी बांधने पहुंची बहनें, नहीं हो सकी मुलाकात
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रामपुर। जेल की बंदियों को उनकी बहनें रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए पहुंच गईं, लेकिन जेल प्रशासन ने कोरोना की वजह से बहनों की उनके भाइयों से मुलाकात नहीं कराई। राखियां लेकर गेट पर ही जमा करा लीं। बहनों को बताया गया कि उनके भाइयों को राखियां मुहैया करा दी जाएंगी, जिसके बाद बहने मायूस होकर वापस लौट गईं।
कोरोना संक्रमण की वजह से जेल में बंदियों से मिलाई बंद है। उम्मीद थी कि संक्रमण समाप्त होगा तो मुलाकात शुरू हो जाएगी। लेकिन, वर्तमान में तो कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम होने के बजाए और बढ़ती जा रही है। लिहाजा, जेल प्रशासन की ओर से पहले ही यह घोषणा कर दी गई थी कि बहनें रक्षाबंधन से पूर्व ही अपनी राखियां जेल के काउंटर पर जमा करा दें। ऐसे में सोमवार को बहनें आईं, तो उन्होंने अपने भाइयों से मिलकर राखी बांधने की इच्छा जताई, लेकिन किसी भी बहन को इजाजत नहीं दी गई। सभी की राखियां काउंटर पर ही जमा करा दीं। बहनों को बताया गया कि उनकी राखियां उनके भाइयों को उपलब्ध करा दी जाएंगी। डिप्टी जेलर विजय कुमार गुप्ता ने बताया कि बहनों से राखियां लेकर जमा करा ली गईं थीं, जिन्हें सैनेटाइज करने के बाद उनके भाइयों को दे दिया गया।
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कोरोना संक्रमण की वजह से जेल में बंदियों से मिलाई बंद है। उम्मीद थी कि संक्रमण समाप्त होगा तो मुलाकात शुरू हो जाएगी। लेकिन, वर्तमान में तो कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम होने के बजाए और बढ़ती जा रही है। लिहाजा, जेल प्रशासन की ओर से पहले ही यह घोषणा कर दी गई थी कि बहनें रक्षाबंधन से पूर्व ही अपनी राखियां जेल के काउंटर पर जमा करा दें। ऐसे में सोमवार को बहनें आईं, तो उन्होंने अपने भाइयों से मिलकर राखी बांधने की इच्छा जताई, लेकिन किसी भी बहन को इजाजत नहीं दी गई। सभी की राखियां काउंटर पर ही जमा करा दीं। बहनों को बताया गया कि उनकी राखियां उनके भाइयों को उपलब्ध करा दी जाएंगी। डिप्टी जेलर विजय कुमार गुप्ता ने बताया कि बहनों से राखियां लेकर जमा करा ली गईं थीं, जिन्हें सैनेटाइज करने के बाद उनके भाइयों को दे दिया गया।
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