{"_id":"216e6068414f9913063b0b92112de85a","slug":"seminor-in-raja-college-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुधार के लिए ठोस योजना की जरूरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुधार के लिए ठोस योजना की जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो/रामपुर
Updated Sun, 21 Feb 2016 11:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजकीय रजा पीजी कालेज में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में शिक्षाविदें ने उच्चशिक्षा के गिरते स्तर पर चिंता जताई। सुझाव दिया कि ठोस योजना बनाकर उच्च शिक्षा की स्थिति को सुधारना होगा। बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन कालेज में शिक्षक ही नहीं है। ऐसे में शिक्षा में सुधार कैसे हो सकता है। ये चिंता का विषय है।
कालेज में उच्च शिक्षा की प्रदेश में स्थिति विषय पर आयोजित सेमिनार में कई शिक्षाविदें ने भाग लिया। एक सुर में उच्च शिक्षा के गिरते स्तर पर चिंता जाहिर की। इसमें सुधार की जरूरत बताई। अलग-अलग सुझाव पेश किए। हिंदू कालेज मुरादाबाद के विभागाध्यक्ष डा. योगेश कुमार गुप्ता ने कहा कि शिक्षक-छात्र का अनुपात कालेज में सबसे बड़ी समस्या है।
लंबे समय से शिक्षकों की नियुक्तियां बंद हैं। दूरस्थ शिक्षा भी गर्त में जा रही है। शिक्षा में क्वांटिटी बढ़ रही है और क्वालिटी गिर रही है। शिक्षा स्वरूप को बदलने की जरूरत है। डा .संजय बरनवाल ने सेमिनार के औचित्य पर ही सवालिया निशान लगाया। कहा कि सेमिनार का उद्देश्य पीछे छूट गया है और कट पेस्ट का दौर रहा है।
विज्ञापन
डा. विजय राय ने शिक्षा पद्धति में सुधार पर जोर दिया। राष्ट्रीय सेमिनार में 35 साल से कम आयु के शोधार्थियों ने शोध-पत्र पढ़कर अपनी सोच का प्रदर्शन किया। सभी युवा शोधार्थियों को यंग रिसर्च अवार्ड दिया गया। इनमें डा .हरपाल सिंह, नीरज कुमार, फैजा नईम, इशरत अजीम, राना परवीन, कमलेश कुमरा, उजमा खानम शामिल थीं।
इशरत को पहला, नीरज कुमार को दूसरा और फैजा नईम को तीसरा स्थान दिया गया। प्राचार्या डा. सईदा बेगम रिजवी ने सभी का आभार व्यक्त किया। अध्यक्षता ललित कुमार ने और संचालन डा. तबस्सुम शुहेब ने किया। डा. एपी सिंह, डा. नरेश कुमार, डा. इंदु भूषण महापात्रा, डा. जोगेंद्र कुमार, डा. दीपक शर्मा, डा. अब्दुल लतीफ आदि ने विचार रखे।
विज्ञापन
कालेज में उच्च शिक्षा की प्रदेश में स्थिति विषय पर आयोजित सेमिनार में कई शिक्षाविदें ने भाग लिया। एक सुर में उच्च शिक्षा के गिरते स्तर पर चिंता जाहिर की। इसमें सुधार की जरूरत बताई। अलग-अलग सुझाव पेश किए। हिंदू कालेज मुरादाबाद के विभागाध्यक्ष डा. योगेश कुमार गुप्ता ने कहा कि शिक्षक-छात्र का अनुपात कालेज में सबसे बड़ी समस्या है।
विज्ञापन
लंबे समय से शिक्षकों की नियुक्तियां बंद हैं। दूरस्थ शिक्षा भी गर्त में जा रही है। शिक्षा में क्वांटिटी बढ़ रही है और क्वालिटी गिर रही है। शिक्षा स्वरूप को बदलने की जरूरत है। डा .संजय बरनवाल ने सेमिनार के औचित्य पर ही सवालिया निशान लगाया। कहा कि सेमिनार का उद्देश्य पीछे छूट गया है और कट पेस्ट का दौर रहा है।
विज्ञापन
डा. विजय राय ने शिक्षा पद्धति में सुधार पर जोर दिया। राष्ट्रीय सेमिनार में 35 साल से कम आयु के शोधार्थियों ने शोध-पत्र पढ़कर अपनी सोच का प्रदर्शन किया। सभी युवा शोधार्थियों को यंग रिसर्च अवार्ड दिया गया। इनमें डा .हरपाल सिंह, नीरज कुमार, फैजा नईम, इशरत अजीम, राना परवीन, कमलेश कुमरा, उजमा खानम शामिल थीं।
इशरत को पहला, नीरज कुमार को दूसरा और फैजा नईम को तीसरा स्थान दिया गया। प्राचार्या डा. सईदा बेगम रिजवी ने सभी का आभार व्यक्त किया। अध्यक्षता ललित कुमार ने और संचालन डा. तबस्सुम शुहेब ने किया। डा. एपी सिंह, डा. नरेश कुमार, डा. इंदु भूषण महापात्रा, डा. जोगेंद्र कुमार, डा. दीपक शर्मा, डा. अब्दुल लतीफ आदि ने विचार रखे।