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धान खरीद और खाद वितरण में सहयोग करेंगे सचिव
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रामपुर। सहकारी समितियों पर ताले डालकर हड़ताल पर बैठे सहकारी समितियों के सचिवों के बीच जिलाधिकारी पहुंच गए। डीएम सचिवों के साथ ही दरी पर बैठ गए, जहां उनकी समस्याओं को सुना। डीएम की बात सुनने के बाद सचिवों ने आश्वासन दिया कि जिले में किसानों को धान खरीद और खाद वितरण में किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। इसमें पूरा सहयोग करेंगे। हालांकि, सचिवों की हड़ताल जारी रहेगी।
वेतन और पदोन्नति की मांग को लेकर संयुक्त सहकारी समिति कर्मचारी समन्वय समिति के सदस्यों ने हड़ताल कर दी है। एक नवंबर से चल रही हड़ताल के कारण सबसे अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। क्योंकि, समितियां बंद होने से न तो किसानों को खाद आसानी से मिल पा रही है और न ही धान की खरीद हो पा रही है। हालांकि, प्रशासन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था कर खाद का वितरण एवं धान की खरीद शुरू करा दी है। बावजूद इसके कई समितियों पर काम शुरू नहीं हो सका है। सचिव विकास भवन में धरने पर बैठे रहे।
ऐसे में मंगलवार को खुद जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ विकास भवन पहुंच गए और सचिवों के साथ दरी पर ही बैठ गए। डीएम ने सचिवों की पूरी बात सुनी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जनपद में बाढ़ के उपरांत की परिस्थितियों के दृष्टिगत विशेष रूप से किसानों को सहज तरीके से खाद, बीज एवं उर्वरक की उपलब्धता होना बेहद जरूरी है। साथ ही उनके धान की खरीद भी नियमानुसार हो जाए, ताकि किसानों को आर्थिक समस्याओं का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि अधिकार एवं कर्तव्य एक सिक्के के दो पहलू हैं। कर्तव्य करने से अधिकार स्वत: ही प्राप्त हो जाते हैं। मौजूदा स्थितियों में हमारा कर्तव्य यह है कि हम अग्रणी भूमिका निभाते हुए किसानों के हित में धान खरीद और उर्वरक बिक्री प्रक्रिया को निर्बाध रूप से बनाए रखें। यह अत्यन्त संवेदनशील विषय है। सहकारी समिति के सचिवों ने जिलाधिकारी को आश्वस्त किया कि वे धान खरीद व खाद वितरण में सहयोग करेंगे।
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वेतन और पदोन्नति की मांग को लेकर संयुक्त सहकारी समिति कर्मचारी समन्वय समिति के सदस्यों ने हड़ताल कर दी है। एक नवंबर से चल रही हड़ताल के कारण सबसे अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। क्योंकि, समितियां बंद होने से न तो किसानों को खाद आसानी से मिल पा रही है और न ही धान की खरीद हो पा रही है। हालांकि, प्रशासन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था कर खाद का वितरण एवं धान की खरीद शुरू करा दी है। बावजूद इसके कई समितियों पर काम शुरू नहीं हो सका है। सचिव विकास भवन में धरने पर बैठे रहे।
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ऐसे में मंगलवार को खुद जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ विकास भवन पहुंच गए और सचिवों के साथ दरी पर ही बैठ गए। डीएम ने सचिवों की पूरी बात सुनी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जनपद में बाढ़ के उपरांत की परिस्थितियों के दृष्टिगत विशेष रूप से किसानों को सहज तरीके से खाद, बीज एवं उर्वरक की उपलब्धता होना बेहद जरूरी है। साथ ही उनके धान की खरीद भी नियमानुसार हो जाए, ताकि किसानों को आर्थिक समस्याओं का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि अधिकार एवं कर्तव्य एक सिक्के के दो पहलू हैं। कर्तव्य करने से अधिकार स्वत: ही प्राप्त हो जाते हैं। मौजूदा स्थितियों में हमारा कर्तव्य यह है कि हम अग्रणी भूमिका निभाते हुए किसानों के हित में धान खरीद और उर्वरक बिक्री प्रक्रिया को निर्बाध रूप से बनाए रखें। यह अत्यन्त संवेदनशील विषय है। सहकारी समिति के सचिवों ने जिलाधिकारी को आश्वस्त किया कि वे धान खरीद व खाद वितरण में सहयोग करेंगे।
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