{"_id":"64b8f0025baa9e3ed80082e5","slug":"satish-became-saeed-in-love-married-widow-girlfriend-in-temple-in-rampur-2023-07-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रेम में सईद बन गया सतीश: मंदिर में मांग भर विधवा प्रेमिका को बनाया जीवनसाथी, प्यार के लिए किया धर्म परिवर्तन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रेम में सईद बन गया सतीश: मंदिर में मांग भर विधवा प्रेमिका को बनाया जीवनसाथी, प्यार के लिए किया धर्म परिवर्तन
Thu, 20 Jul 2023 02:25 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 20 Jul 2023 02:25 PM IST
सार
अखंड भारत अखाड़ा परिषद के प्रदेश सचिव प्रमोद सक्सेना ने बताया कि बुधवार रात करीब आठ बजे कोतवाली क्षेत्र के गांव धनोरा स्थित मंदिर में सतीश और शारदा की शादी हो गई। शारदा देवी विधवा थीं। उनके पति अर्जुन वाल्मीकि की कुछ समय पहले मौत हो गई थी। वहीं सईद से सतीश बने युवक की अब तक शादी नहीं हुई थी।
विज्ञापन
प्रेम में सईद बन गया सतीश
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रामपुर की बिलासपुर कोतवाली इलाके के मोहल्ला भट्ठी टोला निवासी सईद अहमद ने प्यार के लिए धर्म परिवर्तन कर लिया। सईद से सतीश बनकर युवक ने विधवा प्रेमिका शारदा देवी वाल्मीकि की सूनी मांग में सिंदूर की चमक भर दी। बुधवार रात अखंड भारत अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों की मौजूदगी में मंदिर में दोनों का विवाह हुआ।
सईद ने शारदा से शादी करने के लिए अपना धर्म परिवर्तन करने की इच्छा जाहिर करते हुए शपथपत्र और प्रार्थनापत्र तीन दिन पूर्व एसडीएम अमन देओल को दिया था। अखंड भारत परिषद अखाड़ा के कार्यकर्ताओं के साथ एसडीएम के सामने वह अपनी प्रेमिका के साथ पहुंचा था। एसडीएम ने उच्चाधिकारियों से बात करके दो दिन में स्थिति स्पष्ट करने की बात कही थी।
अखंड भारत अखाड़ा परिषद के प्रदेश सचिव प्रमोद सक्सेना ने बताया कि बुधवार रात करीब आठ बजे कोतवाली क्षेत्र के गांव धनोरा स्थित मंदिर में सतीश और शारदा की शादी हो गई। शारदा देवी विधवा थीं। उनके पति अर्जुन वाल्मीकि की कुछ समय पहले मौत हो गई थी।
विज्ञापन
तब से वह अकेले रहती थीं। वहीं सईद से सतीश बने युवक की अब तक शादी नहीं हुई थी। मुलाकात के बाद दोनों के बीच प्रेम पनप गया था। प्रेम को शादी का मुकाम देने के लिए सईद ने न विधवा का हाथ थामने में संकोच किया, न धर्म बदलकर सतीश बनने में।
विज्ञापन
सईद ने शारदा से शादी करने के लिए अपना धर्म परिवर्तन करने की इच्छा जाहिर करते हुए शपथपत्र और प्रार्थनापत्र तीन दिन पूर्व एसडीएम अमन देओल को दिया था। अखंड भारत परिषद अखाड़ा के कार्यकर्ताओं के साथ एसडीएम के सामने वह अपनी प्रेमिका के साथ पहुंचा था। एसडीएम ने उच्चाधिकारियों से बात करके दो दिन में स्थिति स्पष्ट करने की बात कही थी।
विज्ञापन
अखंड भारत अखाड़ा परिषद के प्रदेश सचिव प्रमोद सक्सेना ने बताया कि बुधवार रात करीब आठ बजे कोतवाली क्षेत्र के गांव धनोरा स्थित मंदिर में सतीश और शारदा की शादी हो गई। शारदा देवी विधवा थीं। उनके पति अर्जुन वाल्मीकि की कुछ समय पहले मौत हो गई थी।
विज्ञापन
तब से वह अकेले रहती थीं। वहीं सईद से सतीश बने युवक की अब तक शादी नहीं हुई थी। मुलाकात के बाद दोनों के बीच प्रेम पनप गया था। प्रेम को शादी का मुकाम देने के लिए सईद ने न विधवा का हाथ थामने में संकोच किया, न धर्म बदलकर सतीश बनने में।