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बच्चों के पोषण संवर्धन के लिए संचालित होगा संभव अभियान
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रामपुर। जिलाधिकारी के निर्देशन में वजन दिवस का सफलतापूर्वक आयोजन होने के बाद अब एक जुलाई से दो अक्तूबर के बीच संभव पोषण संवर्धन के लिए विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। इसमें विभिन्न प्रकार की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि शासन स्तर से वजन सप्ताह के आयोजन के दौरान जिले के प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर पांच वर्ष तक के बच्चों का वजन करके कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को चिह्नित करने की कार्यवाही कराई गई। वजन सप्ताह के दौरान चिह्नित कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों का डाटा एकत्रित किया जा रहा है। इस डाटा के अनुसार ही उन्हें कुपोषण की श्रेणी से बाहर लाने के लिए शासन द्वारा निर्धारित अग्रिम रणनीति के अनुसार कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि वजन सप्ताह के दौरान आईसीडीएस के अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण करके सतत निगरानी की गई, ताकि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक केंद्र पर बच्चों का वजन लिया जा सके। बताया कि चिन्हांकन कार्य के उपरान्त सभी जिलों में कुपोषण की रोकथाम के लिए एक विशेष अभियान संभव-पोषण संवर्धन की ओर एक कदम एक जुलाई से दो अक्तूबर बीच चलाया जाएगा। इसके तहत साप्ताहिक गृह भ्रमण, स्वास्थ्य जांच, चिकित्सीय उपचार, पोषण पुनर्वास केन्द्र आयोजित होंगे।
तीन माह के इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सैम, मैम, गंभीर अल्प वजन बच्चों की पोषण स्थिति में सुधार लाना है। इसके लिए सितंबर माह में 20 से 25 सितंबर के मध्य पुन: वजन सप्ताह का आयोजन करते हुए प्रगति का निर्धारण किया जाएगा, क्योंकि कुपोषण की रोकथाम एक समग्र रणनीति से ही संभव है, इसलिए कुपोषित बच्चों के साथ-साथ पोषण प्रोत्साहन के अन्य थीम पर भी जन जागरूकता सम्बन्धी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि अभियान की समाप्ति पर पोषण की श्रेणी में आए हुए बदलाव का पुन: आंकलन कराया जाएगा तथा जनपद के तीन आंगनबाड़ी, तीन मुख्य सेविका तथा तीन बाल विकास परियोजना अधिकारियों को शासन द्वारा पुरस्कृत भी किया जाएगा।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि शासन स्तर से वजन सप्ताह के आयोजन के दौरान जिले के प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर पांच वर्ष तक के बच्चों का वजन करके कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को चिह्नित करने की कार्यवाही कराई गई। वजन सप्ताह के दौरान चिह्नित कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों का डाटा एकत्रित किया जा रहा है। इस डाटा के अनुसार ही उन्हें कुपोषण की श्रेणी से बाहर लाने के लिए शासन द्वारा निर्धारित अग्रिम रणनीति के अनुसार कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि वजन सप्ताह के दौरान आईसीडीएस के अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण करके सतत निगरानी की गई, ताकि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक केंद्र पर बच्चों का वजन लिया जा सके। बताया कि चिन्हांकन कार्य के उपरान्त सभी जिलों में कुपोषण की रोकथाम के लिए एक विशेष अभियान संभव-पोषण संवर्धन की ओर एक कदम एक जुलाई से दो अक्तूबर बीच चलाया जाएगा। इसके तहत साप्ताहिक गृह भ्रमण, स्वास्थ्य जांच, चिकित्सीय उपचार, पोषण पुनर्वास केन्द्र आयोजित होंगे।
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तीन माह के इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सैम, मैम, गंभीर अल्प वजन बच्चों की पोषण स्थिति में सुधार लाना है। इसके लिए सितंबर माह में 20 से 25 सितंबर के मध्य पुन: वजन सप्ताह का आयोजन करते हुए प्रगति का निर्धारण किया जाएगा, क्योंकि कुपोषण की रोकथाम एक समग्र रणनीति से ही संभव है, इसलिए कुपोषित बच्चों के साथ-साथ पोषण प्रोत्साहन के अन्य थीम पर भी जन जागरूकता सम्बन्धी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि अभियान की समाप्ति पर पोषण की श्रेणी में आए हुए बदलाव का पुन: आंकलन कराया जाएगा तथा जनपद के तीन आंगनबाड़ी, तीन मुख्य सेविका तथा तीन बाल विकास परियोजना अधिकारियों को शासन द्वारा पुरस्कृत भी किया जाएगा।
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