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रामपुर में ही हो सकेगी आरटीपीसीआर जांच, लैब का निर्माण शुरू
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रामपुर। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका के बीच जिले में इसको लेकर तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। जिले में अब जल्द ही आरटी-पीसीआर जांच की सुविधा भी होगी। इसके लिए शासन से मंजूरी मिलने के बाद लैब निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है। तीसरी लहर में जिले में ऑक्सीजन से लेकर बेड तक की किल्लत न हो इसके लिए इंतजाम किए गए हैं। साथ ही तीसरी लहर में सबसे अधिक जोखिम बच्चों पर होने की आशंका को लेकर भी इंतजाम किए गए हैं।
जिले में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को लेकर जिला अस्पताल से लेकर मिलक, बिलासपुर और स्वार सीएचसी पर बच्चों के लिए पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट स्थापित की गई है। इन यूनिटों के संचालन के लिए चिकित्सकों व अन्य स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया है। बिलासपुर में तीन सौ एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लग चुका है। इसके साथ ही जिला अस्पताल में एक हजार एलपीएम क्षमता के ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण चल रहा है। जो कि 15 अगस्त तक पूरा होना प्रस्तावित है। इसके साथ ही जिला अस्पताल में एक 150 एलपीएम का ऑक्सीजन प्लांट संचालित भी हो रहा है।
इसके साथ ही अब आरटी-पीसीआर जांच के लिए बीएसएल-2 लैब का निर्माण भी किया जा रहा है। जबकि ट्रूनेट मशीन व एंटीजन से जांच की सुविधा पहले से ही है। आरटी-पीसीआर जांच की सुविधा भी जिला मुख्यालय पर होने पर कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने पर आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। क्योंकि अभी अन्य जनपदों को सैंपल भेजा जाता है, जिसकी रिपोर्ट सैंपल अधिक होने पर सप्ताह भर तक का समय ले लेती है।
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जिले में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को लेकर जिला अस्पताल से लेकर मिलक, बिलासपुर और स्वार सीएचसी पर बच्चों के लिए पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट स्थापित की गई है। इन यूनिटों के संचालन के लिए चिकित्सकों व अन्य स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया है। बिलासपुर में तीन सौ एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लग चुका है। इसके साथ ही जिला अस्पताल में एक हजार एलपीएम क्षमता के ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण चल रहा है। जो कि 15 अगस्त तक पूरा होना प्रस्तावित है। इसके साथ ही जिला अस्पताल में एक 150 एलपीएम का ऑक्सीजन प्लांट संचालित भी हो रहा है।
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इसके साथ ही अब आरटी-पीसीआर जांच के लिए बीएसएल-2 लैब का निर्माण भी किया जा रहा है। जबकि ट्रूनेट मशीन व एंटीजन से जांच की सुविधा पहले से ही है। आरटी-पीसीआर जांच की सुविधा भी जिला मुख्यालय पर होने पर कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने पर आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। क्योंकि अभी अन्य जनपदों को सैंपल भेजा जाता है, जिसकी रिपोर्ट सैंपल अधिक होने पर सप्ताह भर तक का समय ले लेती है।
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