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तीन पशुओं के अवशेष मिले, जांच के लिए लैब भेजे
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शाहबाद (रामपुर)। गांव भरतपुर में पशुओं का वध कर उसके अवशेषों को जंगल में ही फेंक दिया गया। शुक्रवार सुबह किसानों ने अवशेषों को देखा तो हड़कंप मच गया। घटना स्थल पर भारी पुलिस बल पहुंच गया। सूचना पाकर उप पशु चिकित्सधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अवशेषों को दफन कराया और नमूना जांच के लिए मथुरा लैब भेज दिया है।
शाहबाद कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत गांव भरतपुर के जंगल में शुक्रवार सुबह तीन पशुओं के अवशेष मिलने से हड़कंप मच गया। किसान सुबह अपने खेतों की ओर रवाना हुए तो मामले का पता चला। मैंथा के एक खेत में पशुओं के अवशेष पड़े हुए थे, जिसकी सूचना आग की तरह गांव में फैल गई। लोगों में गोकशी की चर्चा होने लगी। मामले की सूचना पाकर कोतवाल शिवचरन सिंह, उप निरीक्षक जाकिर अली और उप निरीक्षक कमलेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पंहुचे।
पुलिस ने पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरपी माहौर को फोन कर मौके पर बुलाया। पशु चिकित्साधिकारी द्वारा पशुओं के अवशेष देखने के बाद पता नहीं चला कि अवशेष किस पशु के हैं। इस पर पुलिस ने अवशेष का नमूना बायोकेमिकल जांच के लिए मथुरा लैब भेज दिए हैं। जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि बरामद अवशेष गोवंश के हैं या किसी अन्य पशु के।
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शाहबाद कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत गांव भरतपुर के जंगल में शुक्रवार सुबह तीन पशुओं के अवशेष मिलने से हड़कंप मच गया। किसान सुबह अपने खेतों की ओर रवाना हुए तो मामले का पता चला। मैंथा के एक खेत में पशुओं के अवशेष पड़े हुए थे, जिसकी सूचना आग की तरह गांव में फैल गई। लोगों में गोकशी की चर्चा होने लगी। मामले की सूचना पाकर कोतवाल शिवचरन सिंह, उप निरीक्षक जाकिर अली और उप निरीक्षक कमलेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पंहुचे।
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पुलिस ने पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरपी माहौर को फोन कर मौके पर बुलाया। पशु चिकित्साधिकारी द्वारा पशुओं के अवशेष देखने के बाद पता नहीं चला कि अवशेष किस पशु के हैं। इस पर पुलिस ने अवशेष का नमूना बायोकेमिकल जांच के लिए मथुरा लैब भेज दिए हैं। जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि बरामद अवशेष गोवंश के हैं या किसी अन्य पशु के।
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