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सरल एप से परखी जाएगी ऑनलाइन शिक्षा की हकीकत
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रामपुर। कोरोना संक्रमण काल में बंद चल रहे परिषदीय विद्यालयों के बच्चों की ऑनलाइन शिक्षा की अब निगरानी होगी। जिसके लिए विभाग द्वारा सरल एप तैयार किया गया है। इसके माध्यम से ऑनलाइन शिक्षा की हकीकत परखी जा सकेगी। प्रत्येक 15 दिनों में कराई गई पढ़ाई का मूल्यांकन भी किया जाएगा।
अभी परिषदीय स्कूलों में बच्चों की शैक्षिक दक्षता का आंकलन हर तीन महीने पर सावधि परीक्षा के माध्यम से कराया जाता था। परीक्षा के बाद बच्चों की उत्तर पुस्तिकाएं एकत्र कर ब्लाक संसाधन केंद्र पर भेजी जाती हैं। वहां उनका मूल्यांकन होता है। फिर बच्चों के परीक्षा परिणाम की डाटा फीडिंग होती है। इन परीक्षाओं के आयोजन और पूरी प्रक्रिया में काफी समय लगता है।
लिहाजा इसमें बदलाव करते हुए अब परिषदीय स्कूलों के बच्चों की सावधि परीक्षा नई व्यवस्था के अंतर्गत हर महीने होगी। जिसमें उत्तर पुस्तिकाओं की जगह ओएमआर (ऑप्टिकल मार्क रीडर) शीट का प्रयोग होगा। परीक्षा के बाद शिक्षक ओएमआर सीट को सरल एप पर अपलोड करेंगे। जिससे तुरंत बच्चों की शैक्षिक दक्षता का परिणाम जारी हो सकेगा। बच्चों के सीखने समझने के स्तर का मूल्यांकन अब असेसमेंट टेस्ट के जरिये किया जा सकेगा।
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मूल्यांकन के बाद होगा सुधार का प्रयास
रामपुर। सरल एप से मूल्यांकन के पश्चात ऐसे बच्चे जो पढ़ाई में कमजोर होंगे। उनकी सूची बनाई जाएगी। इसके बाद शिक्षकों और एआरपी की मदद से ऐसे बच्चों के शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए कार्य किया जाएगा।
इस सत्र से सरल एप के जरिये बच्चों का मूल्यांकन किया जाएगा। पहले बच्चों का मूल्यांकन करने के लिए उत्तर पुस्तिकाएं ब्लॉक संसाधन केंद्र पर भेजी जाती थी। जहां डायट में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्राध्यापक उनको जांचते थे। जिसमें समय भी ज्यादा लगता था। सरल एप बनने से जहां मूल्यांकन सटीक हो सकेगा बड़ी समय की भी बचत होगी। सरल एप से परिणाम तुरंत प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड हो जाएगा।
- एश्वर्या लक्ष्मी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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अभी परिषदीय स्कूलों में बच्चों की शैक्षिक दक्षता का आंकलन हर तीन महीने पर सावधि परीक्षा के माध्यम से कराया जाता था। परीक्षा के बाद बच्चों की उत्तर पुस्तिकाएं एकत्र कर ब्लाक संसाधन केंद्र पर भेजी जाती हैं। वहां उनका मूल्यांकन होता है। फिर बच्चों के परीक्षा परिणाम की डाटा फीडिंग होती है। इन परीक्षाओं के आयोजन और पूरी प्रक्रिया में काफी समय लगता है।
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लिहाजा इसमें बदलाव करते हुए अब परिषदीय स्कूलों के बच्चों की सावधि परीक्षा नई व्यवस्था के अंतर्गत हर महीने होगी। जिसमें उत्तर पुस्तिकाओं की जगह ओएमआर (ऑप्टिकल मार्क रीडर) शीट का प्रयोग होगा। परीक्षा के बाद शिक्षक ओएमआर सीट को सरल एप पर अपलोड करेंगे। जिससे तुरंत बच्चों की शैक्षिक दक्षता का परिणाम जारी हो सकेगा। बच्चों के सीखने समझने के स्तर का मूल्यांकन अब असेसमेंट टेस्ट के जरिये किया जा सकेगा।
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मूल्यांकन के बाद होगा सुधार का प्रयास
रामपुर। सरल एप से मूल्यांकन के पश्चात ऐसे बच्चे जो पढ़ाई में कमजोर होंगे। उनकी सूची बनाई जाएगी। इसके बाद शिक्षकों और एआरपी की मदद से ऐसे बच्चों के शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए कार्य किया जाएगा।
इस सत्र से सरल एप के जरिये बच्चों का मूल्यांकन किया जाएगा। पहले बच्चों का मूल्यांकन करने के लिए उत्तर पुस्तिकाएं ब्लॉक संसाधन केंद्र पर भेजी जाती थी। जहां डायट में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्राध्यापक उनको जांचते थे। जिसमें समय भी ज्यादा लगता था। सरल एप बनने से जहां मूल्यांकन सटीक हो सकेगा बड़ी समय की भी बचत होगी। सरल एप से परिणाम तुरंत प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड हो जाएगा।
- एश्वर्या लक्ष्मी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी