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शिक्षा और ज्ञान के प्रसार में रजा लाइब्रेरी का सार्थक योगदान : मोदी
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रामपुर। रजा लाइब्रेरी के 251वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रजा लाइब्रेरी के निदेशक को पत्र भेजकर बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि रजा लाइब्रेरी शिक्षा और ज्ञान के प्रसार में सार्थक योगदान दे रही है। लाइब्रेरी में विश्वस्तरीय अध्ययन एवं अनुवाद संस्थान की आधार शिला रखे जाने की योजना पर प्रसन्नता व्यक्त की। कहा कि विश्वस्तरीय अध्ययन एवं अनुवाद संस्थान भारत की वैचारिक और सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक पटल तक पहुंचाने में विशिष्ट योगदान देगा।
रजा लाइब्रेरी के निदेशक को भेजे पत्र में कहा कि रामपुर रजा पुस्तकालय की ढाई सदी की लंबी व गौरवशाली यात्रा स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर देश के सामाजिक, शैक्षिक और वैचारिक विकास की अनेक ऐतिहासिक घटनाओं की गाथा है। भारतीय ज्ञान, संस्कृति और इतिहास की यह अनमोल निधि अरबी, फारसी, पश्तो, संस्कृत, उर्दू, हिन्दी और तुर्की जैसी विभिन्न भाषाओं की हजारों पांडुलिपियों के माध्यम से हमारी बहुभाषिक और बहुसांस्कृतिक विरासत का जीवंत स्वरूप प्रस्तुत करती है।
उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ ज्ञान, शोध, कला और नवप्रवर्तन के अद्भुत संगम रामपुर रजा लाइब्रेरी की परंपरा को सहेजते हुए इसकी सुविधाओं को बढ़ाकर इसे आधुनिक बनाने के प्रयास सराहनीय हैं। इस कड़ी में विश्वस्तरीय अध्ययन एवं अनुवाद संस्थान भारत की वैचारिक और सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक पटल तक पहुंचाने में विशिष्ट योगदान देगा। निदेशक डाॅ. पुष्कर मिश्र संदेश के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि पीएम ने कहा है कि उन्हें विश्वास है कि रजा लाइब्रेरी में महोत्सव के दौरान होने वाले विभिन्न कार्यक्रम कर्मचारियों, शोधार्थियों व पाठकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बनेंगे।
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रजा लाइब्रेरी के निदेशक को भेजे पत्र में कहा कि रामपुर रजा पुस्तकालय की ढाई सदी की लंबी व गौरवशाली यात्रा स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर देश के सामाजिक, शैक्षिक और वैचारिक विकास की अनेक ऐतिहासिक घटनाओं की गाथा है। भारतीय ज्ञान, संस्कृति और इतिहास की यह अनमोल निधि अरबी, फारसी, पश्तो, संस्कृत, उर्दू, हिन्दी और तुर्की जैसी विभिन्न भाषाओं की हजारों पांडुलिपियों के माध्यम से हमारी बहुभाषिक और बहुसांस्कृतिक विरासत का जीवंत स्वरूप प्रस्तुत करती है।
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उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ ज्ञान, शोध, कला और नवप्रवर्तन के अद्भुत संगम रामपुर रजा लाइब्रेरी की परंपरा को सहेजते हुए इसकी सुविधाओं को बढ़ाकर इसे आधुनिक बनाने के प्रयास सराहनीय हैं। इस कड़ी में विश्वस्तरीय अध्ययन एवं अनुवाद संस्थान भारत की वैचारिक और सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक पटल तक पहुंचाने में विशिष्ट योगदान देगा। निदेशक डाॅ. पुष्कर मिश्र संदेश के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि पीएम ने कहा है कि उन्हें विश्वास है कि रजा लाइब्रेरी में महोत्सव के दौरान होने वाले विभिन्न कार्यक्रम कर्मचारियों, शोधार्थियों व पाठकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बनेंगे।
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