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राष्ट्रीय लोक अदालत में टूटने से बची रिश्तों की डोर
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रामपुर। रिश्तों में पड़ी दरार राष्ट्रीय लोक अदालत में आकर मिट गई। अदालत के माध्यम से किसी को भरण पोषण का अधिकार मिला, तो किसी का परिवार टूटने से बच गया। सुलह समझौतों के आधार पर एक दिन में 6895 वादों का निस्तारण कराया गया। इसमें फौजदारी, पारिवारिक, भरण-पोषण, बैंक, एमवी एक्ट, एनआई एक्ट, बिजली, टेलीफोन जैसे वाद शामिल हैं।
शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जजी परिसर में स्थित न्याय वाटिका में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जिला जज गौरव कुमार श्रीवास्तव ने किया। इसके बाद न्यायिक अधिकारियों ने अपनी अपनी अदालतों में वादों की सुनवाई की। प्रधान न्यायधीश परिवार न्यायालय सैय्यद सरवर हुसैन रिजवी ने 56 पारिवारिक वादों का निस्तारण किया।
पीठासीन अधिकारी मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ध्रुव कुमार तिवारी ने घायल व मृतकों के आश्रितों को प्रतिकर के रूप में 57.29 लाख रुपये दिलाते हुए 23 वादों का निस्तारण किया। एडीजे प्रथम धीरेंद्र कुमार ने तीन फौजदारी वाद, एडीजे अमित वीर सिंह ने छह फौजदारी वाद, विशेष न्यायधीश ईसी एक्ट मोहम्मद रफी ने 178 फौजदारी, 148 बिजली के वादों का निस्तारण का 1.84 लाख रुपये का अर्थदंड वसूला। एडीजे द्वितीय विजय कुमार ने एक वाद निस्तारण किया। एडीजे तृतीय निशांत देव ने तीन वादों का निस्तारण किया। एडीजे चतुर्थ आलोक दूबे ने एक वाद का निस्तारण किया। एडीजे पंचम प्रदीप कुमार ने एक वाद का निस्तारण किया। एडीजे षष्ठम अर्चना यादव ने एक वाद का निस्तारण किया। एफटीसी द्वितीय रश्मि रानी ने एक वाद का निस्तारण किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शमीम अहमद अंसारी ने 705 फौजदारी वादों का निस्तारण कर अर्थदंड के रूप में 5.22 लाख रुपये वसूले। न्यायिक अधिकारी सतेंद्र सिंह ने 26 वादों का निस्तारण कर 66.96 लाख रुपये अर्थदंड के रूप में प्राप्त किए। एसीजेएम प्रथम निशांत मान ने 585 फौजदारी वादों का निस्तारण किया। न्यायिक अधिकारी पूनम कर्णवाल ने 204 फौजदारी वाद, सात अन्य प्रकति के वादों का निस्तारण किया। न्यायिक अधिकारी वीरेश चंद्र ने 350 फौजदारी वाद, न्यायिक अधिकारी दीप्ति यादव ने 250 फौजदारी वाद, न्यायिक अधिकारी आंचल कसाना ने 138 फौजदारी वाद, न्यायिक अधिकारी ब्रह्मपाल सिंह ने 152 फौजदारी वाद, न्यायिक अधिकारी आशीष थिरानिया ने 27 वाद, न्यायिक विद्या भटनागर ने 414 फौजदारी वाद, न्यायिक अधिकारी रूपाली सिंह ग्राम न्यायालय बिलासपुर ने 16 फौजदारी वाद, न्यायिक अधिकारी आशुतोष वर्मा ने तीन एनआईएक्ट वाद, न्यायिक अधिकारी साधना सिंह ने 26 फौजदारी वाद, न्यायिक अधिकारी आदर्श कुमार सिंह ने 12 फौजदारी वाद, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 54 फौजदारी वाद कलक्ट्रेट न्यायालयों में 2382 वादों का निस्तारण किया गया। जबकि, बैंकों, ई-चालान, बिजली, टेलीफोन के बिल से संबंधित प्री-लेटिगेशन स्तर पर 1071 वादों का निस्तारण कर 6.17 करोड़ रुपये का समझौता कराया गया। इस प्रकार राष्ट्रीय लोक ीअदालत में एक दिन में 6895 वादों का निस्तारण किया गया।
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शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जजी परिसर में स्थित न्याय वाटिका में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जिला जज गौरव कुमार श्रीवास्तव ने किया। इसके बाद न्यायिक अधिकारियों ने अपनी अपनी अदालतों में वादों की सुनवाई की। प्रधान न्यायधीश परिवार न्यायालय सैय्यद सरवर हुसैन रिजवी ने 56 पारिवारिक वादों का निस्तारण किया।
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पीठासीन अधिकारी मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ध्रुव कुमार तिवारी ने घायल व मृतकों के आश्रितों को प्रतिकर के रूप में 57.29 लाख रुपये दिलाते हुए 23 वादों का निस्तारण किया। एडीजे प्रथम धीरेंद्र कुमार ने तीन फौजदारी वाद, एडीजे अमित वीर सिंह ने छह फौजदारी वाद, विशेष न्यायधीश ईसी एक्ट मोहम्मद रफी ने 178 फौजदारी, 148 बिजली के वादों का निस्तारण का 1.84 लाख रुपये का अर्थदंड वसूला। एडीजे द्वितीय विजय कुमार ने एक वाद निस्तारण किया। एडीजे तृतीय निशांत देव ने तीन वादों का निस्तारण किया। एडीजे चतुर्थ आलोक दूबे ने एक वाद का निस्तारण किया। एडीजे पंचम प्रदीप कुमार ने एक वाद का निस्तारण किया। एडीजे षष्ठम अर्चना यादव ने एक वाद का निस्तारण किया। एफटीसी द्वितीय रश्मि रानी ने एक वाद का निस्तारण किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शमीम अहमद अंसारी ने 705 फौजदारी वादों का निस्तारण कर अर्थदंड के रूप में 5.22 लाख रुपये वसूले। न्यायिक अधिकारी सतेंद्र सिंह ने 26 वादों का निस्तारण कर 66.96 लाख रुपये अर्थदंड के रूप में प्राप्त किए। एसीजेएम प्रथम निशांत मान ने 585 फौजदारी वादों का निस्तारण किया। न्यायिक अधिकारी पूनम कर्णवाल ने 204 फौजदारी वाद, सात अन्य प्रकति के वादों का निस्तारण किया। न्यायिक अधिकारी वीरेश चंद्र ने 350 फौजदारी वाद, न्यायिक अधिकारी दीप्ति यादव ने 250 फौजदारी वाद, न्यायिक अधिकारी आंचल कसाना ने 138 फौजदारी वाद, न्यायिक अधिकारी ब्रह्मपाल सिंह ने 152 फौजदारी वाद, न्यायिक अधिकारी आशीष थिरानिया ने 27 वाद, न्यायिक विद्या भटनागर ने 414 फौजदारी वाद, न्यायिक अधिकारी रूपाली सिंह ग्राम न्यायालय बिलासपुर ने 16 फौजदारी वाद, न्यायिक अधिकारी आशुतोष वर्मा ने तीन एनआईएक्ट वाद, न्यायिक अधिकारी साधना सिंह ने 26 फौजदारी वाद, न्यायिक अधिकारी आदर्श कुमार सिंह ने 12 फौजदारी वाद, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 54 फौजदारी वाद कलक्ट्रेट न्यायालयों में 2382 वादों का निस्तारण किया गया। जबकि, बैंकों, ई-चालान, बिजली, टेलीफोन के बिल से संबंधित प्री-लेटिगेशन स्तर पर 1071 वादों का निस्तारण कर 6.17 करोड़ रुपये का समझौता कराया गया। इस प्रकार राष्ट्रीय लोक ीअदालत में एक दिन में 6895 वादों का निस्तारण किया गया।
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