{"_id":"62ff5dabd179b13d2c47c115","slug":"rampur-the-procession-was-to-be-known-on-september-3-died-in-the-accident","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामपुर : तीन सितंबर को जानी थी बरात, हादसे में हो गई मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामपुर : तीन सितंबर को जानी थी बरात, हादसे में हो गई मौत
Fri, 19 Aug 2022 03:23 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहबाद(रामपुर)
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहबाद(रामपुर)
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Fri, 19 Aug 2022 03:23 PM IST
विज्ञापन
Accident demo
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शादी की खुशियों के बीच युवक की मौत की खबर ने घर में मातम कर दिया। बिना किसी कानूनी कार्रवाई के शव के अंतिम संस्कार में परिवार के लोग जुट गए। शाहबाद के मोहल्ला खटपुर निवासी शन्नू (25) किसी दूसरे के यहां ट्रैक्टर पर चालक था। रोज़ाना की तरह बृहस्पतिवार को शन्नू ट्रैक्टर ट्रॉली में लदी लकड़ी लेकर रामपुर जा रहे थे। देर रात साढ़े ग्यारह बजे शाहबाद के आंवला रोड पर ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया।
विज्ञापन
ट्रैक्टर को अनितंत्रित होता देख चालक शन्नू जान बचाने को जैसे ही कूदे, वैसे ही ट्रॉली में लदी सारी लकड़ी ट्रैक्टर चालक के ऊपर गिर पड़ीं। जिसमें शन्नू दब गए। मौके पर हादसे को देख रहे लोगों ने आनन-फानन में लकड़ी के नीचे दबे चालक को निकाला और सीएचसी लेकर पहुंचे। लेकिन हालत को बेहद गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने चालक को मृत घोषित कर दिया। इस अचानक मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। बिना कानूनी कार्रवाई के परिजन।शव का अंतिम संस्कार करने में जुटे हुए थे।
विज्ञापन
तीन सितंबर को जानी थी शन्नू की बारात
लकड़ी के नीचे दबकर ट्रैक्टर चालक युवक की मौत हो गई। दरअसल तीन सितंबर को शन्नू की बरात जनपद संभल के भवानीपुर गांव जानी थी। भवानीपुर निवासी गुलिस्ता से उसकी शादी होनी थी। इसी बीच शादी को लेकर घर मे जोर-शोर से तैयारियां भी चल रही थी। लेकिन बृहस्पतिवार की रात को उसकी मौत की खबर ने खुशियों को मातम में बदल दिया। अचानक हुई इस मौत से मां का रो-रो कर बुरा हाल है। तो वही परिवार वाले भी सदमे से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं
विज्ञापन