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रोजगार देने के मामले में पहले स्थान पर रामपुर
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रामपुर। मनरेगा के तहत ग्रामीणों को रोजगार दिलाने के मामले में रामपुर मंडल में पहले स्थान पर आया है, जबकि प्रदेश में रामपुर को चौथा स्थान मिला है। जबकि, मंडल का कोई भी जिला टॉप टेन में भी स्थान नहीं बना सका है। मनरेगा के तहत जिले में 72 हजार परिवारों को रोजगार दिलाया गया है, जिन्हें मजदूरी के रूप में 24.10 करोड़ रुपयों का भुगतान किया गया है।
लॉकडाउन के दौरान घरों में कैद गरीबों को रोजी-रोटी दिलाने के लिए सरकार ने मनरेगा योजना के तहत गांवों में विकास कार्यों को अनुमति प्रदान कर दी थी। शासन के फरमान के बाद कोरोना संक्रमण के बचाव के मानकों का पालन कराते हुए जिले में मनरेगा के तहत काम शुरू हुआ। शुरूआत में रफ्तार धीमी रही, लेकिन उच्चाधिकारियों की सक्रियता के चलते मजदूरों की तादात बढ़ी। शासन ने योजना के तहत नए मजदूरों को जोड़ने के मानक पर प्रदेश के जिलों की समीक्षा की। इसमें रामपुर को प्रदेश में चौथा स्थान मिला, जबकि मंडल में रामपुर पहले स्थान पर है। डीसी मनरेगा प्रभुदयाल ने बताया कि मनरेगा के तहत जिले में 866806 मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य था, जबकि रामपुर में 1190059 मानव दिवस सृजित किए गए हैं। इसमें 72 हजार परिवारों को रोजगार मिला। उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत मजदूरों को जिले में 24.10 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
शासन के निर्देश पर जिले में मनरेगा के तहत लोगों को गांव में रोजगार देने के लिए कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिले में लक्ष्य से अधिक मानव दिवस सृजित किए गए हैं, जिसकी वजह से मजदूरों को काम मिला और 72 हजार परिवारों को आर्थिक सहूलियत प्राप्त हुई। आने वाले दिनों में मनरेगा के तहत किए जाने वाले कार्यों को और तेज किया जाएगा।
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- गजल भारद्वाज, मुख्य विकास अधिकारी, रामपुर
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लॉकडाउन के दौरान घरों में कैद गरीबों को रोजी-रोटी दिलाने के लिए सरकार ने मनरेगा योजना के तहत गांवों में विकास कार्यों को अनुमति प्रदान कर दी थी। शासन के फरमान के बाद कोरोना संक्रमण के बचाव के मानकों का पालन कराते हुए जिले में मनरेगा के तहत काम शुरू हुआ। शुरूआत में रफ्तार धीमी रही, लेकिन उच्चाधिकारियों की सक्रियता के चलते मजदूरों की तादात बढ़ी। शासन ने योजना के तहत नए मजदूरों को जोड़ने के मानक पर प्रदेश के जिलों की समीक्षा की। इसमें रामपुर को प्रदेश में चौथा स्थान मिला, जबकि मंडल में रामपुर पहले स्थान पर है। डीसी मनरेगा प्रभुदयाल ने बताया कि मनरेगा के तहत जिले में 866806 मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य था, जबकि रामपुर में 1190059 मानव दिवस सृजित किए गए हैं। इसमें 72 हजार परिवारों को रोजगार मिला। उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत मजदूरों को जिले में 24.10 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
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शासन के निर्देश पर जिले में मनरेगा के तहत लोगों को गांव में रोजगार देने के लिए कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिले में लक्ष्य से अधिक मानव दिवस सृजित किए गए हैं, जिसकी वजह से मजदूरों को काम मिला और 72 हजार परिवारों को आर्थिक सहूलियत प्राप्त हुई। आने वाले दिनों में मनरेगा के तहत किए जाने वाले कार्यों को और तेज किया जाएगा।
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- गजल भारद्वाज, मुख्य विकास अधिकारी, रामपुर