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रामपुर में अंधड़ से सेब की फसल को लाखों का नुकसान
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रामपुर बुशहर। देर रात प्रदेश में आए अंधड़ और बारिश बागवानी पर कहर बनकर बरपी। तेज हवाओं की वजह से जहां सेब सहित अन्य नकदी फसलें झड़कर जमीन पर गिर गई तो वहीं कई जगह पेड़ ही टूट गए। इससे बागवानों की साल भर की फसलों पर पानी फिर गया है। इस साल कुदरत ने बागवानों को गहरे जख्म दिए हैं, जिनकी भरपाई करना मुमकिन नहीं है। रामपुर उपमंडल के कई इलाकों में शुक्रवार देर रात को आंधी के साथ-साथ बारिश और बिजली ने ,
खूब कहर बरपाया।
लोगों ने डर के साये में पूरी रात काटी। सुबह जब लोग बगीचों में पहुंचे तो उनके होश फाख्ता हो गए। सेब और नाशपती की तैयार हो रही फसल को अंधड़ ने पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। वहीं ननखड़ी की ग्राम पंचायत कलेडा-मझेवटी में अंधड़ ने सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। यह नुकसान किसी गांव में आंशिक तो किसी गांव और क्षेत्र के बगीचों में बहुत अधिक रहा। करीब एक घंटे तक चले अंधड़ ने बगीचों में सेब की फसल को कई जगह पूरी तरह से तबाह कर दिया है। कुछ बगीचों में सेब के पौधे तक उखड़ गए हैं। इससे प्रभावित बागीचों में सेब की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
कलेडा गांव के बागवान अश्वनी शर्मा ने बताया कि तूफान से कलेडा, ब्यूंथल, ऐरली, फौला, घाट और मझेवटी के साथ लगते बगीचों में नुकसान हुआ है। कुछ समय पहले ही बागबानों की फसल ओलावृष्टि से नष्ट हुई थी। क्षेत्र के बागवानों ने प्रदेश सरकार, प्रशासन और बागवानी विभाग से अंधड़ के कारण हुए नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने का आग्रह किया है।
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नोगली के साथ लगते खखरोला में बागवान कुलवंत ठाकुर ने कहा कि अगली सुबह उन्हें तुड़ान करना था। मगर रात को ही अंधड़ ने प्लम की फसल को पूरी तरह से तबाह कर दिया। अंधड़ से सेंटा रोजा प्लम की करीब 450 से 500 पेटियों का नुकसान पहुंचा है। वहीं भद्राश में भी अंधड़ ने प्लम के पेड़ों को जड़ से उखाड़कर निचे गिरा दिए, जिससे बागवान अनिता ग्रेक को भी खासा नुकसान पहुंचा है। कुदरत की मार से किसान-बागवान खासे चिंतित हैं।
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खूब कहर बरपाया।
लोगों ने डर के साये में पूरी रात काटी। सुबह जब लोग बगीचों में पहुंचे तो उनके होश फाख्ता हो गए। सेब और नाशपती की तैयार हो रही फसल को अंधड़ ने पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। वहीं ननखड़ी की ग्राम पंचायत कलेडा-मझेवटी में अंधड़ ने सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। यह नुकसान किसी गांव में आंशिक तो किसी गांव और क्षेत्र के बगीचों में बहुत अधिक रहा। करीब एक घंटे तक चले अंधड़ ने बगीचों में सेब की फसल को कई जगह पूरी तरह से तबाह कर दिया है। कुछ बगीचों में सेब के पौधे तक उखड़ गए हैं। इससे प्रभावित बागीचों में सेब की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
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कलेडा गांव के बागवान अश्वनी शर्मा ने बताया कि तूफान से कलेडा, ब्यूंथल, ऐरली, फौला, घाट और मझेवटी के साथ लगते बगीचों में नुकसान हुआ है। कुछ समय पहले ही बागबानों की फसल ओलावृष्टि से नष्ट हुई थी। क्षेत्र के बागवानों ने प्रदेश सरकार, प्रशासन और बागवानी विभाग से अंधड़ के कारण हुए नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने का आग्रह किया है।
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नोगली के साथ लगते खखरोला में बागवान कुलवंत ठाकुर ने कहा कि अगली सुबह उन्हें तुड़ान करना था। मगर रात को ही अंधड़ ने प्लम की फसल को पूरी तरह से तबाह कर दिया। अंधड़ से सेंटा रोजा प्लम की करीब 450 से 500 पेटियों का नुकसान पहुंचा है। वहीं भद्राश में भी अंधड़ ने प्लम के पेड़ों को जड़ से उखाड़कर निचे गिरा दिए, जिससे बागवान अनिता ग्रेक को भी खासा नुकसान पहुंचा है। कुदरत की मार से किसान-बागवान खासे चिंतित हैं।