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Rampur: सरकारी नियंत्रण में ली जाएगी जौहर शोध संस्थान की जमीन, कैबिनेट से लीज निरस्त होने पर आदेश जारी
Wed, 01 Feb 2023 12:20 AM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला ब्यूरो, रामपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रामपुर
Published by: Digvijay Singh
Updated Wed, 01 Feb 2023 12:20 AM IST
सार
यह जमीन सपा शासन में मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को 100 रुपये के वार्षिक शुल्क पर 33 साल के लिए लीज पर दी गई थी। तय हुआ था कि लीज की अवधि 33-33 साल के लिए दो बार बढ़ाई जा सकती है।
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मौलाना मोहम्मद अली जौहर शोध संस्थान...
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
यूपी कैबिनेट के फैसले के बाद शासन ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान के भवन और जमीन को सरकारी नियंत्रण में लेने का आदेश जारी कर दिया है। 13 हजार वर्गमीटर वाले इस परिसर पर कब्जे की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ ने चार सदस्यीय कमेटी गठित की है।
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यह जमीन सपा शासन में मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को 100 रुपये के वार्षिक शुल्क पर 33 साल के लिए लीज पर दी गई थी। तय हुआ था कि लीज की अवधि 33-33 साल के लिए दो बार बढ़ाई जा सकती है। सपा नेता आजम खां ट्रस्ट के आजीवन सदस्य हैं। लीज के समय इस जमीन पर मौलाना मोहम्मद अली जौहर प्रशिक्षण व शोध संस्थान के संचालन की योजना बताई गई थी।
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कहा गया था कि संस्थान अरबी-फारसी की पढ़ाई के साथ शोध कार्य कराएगा। बाद में इस शर्त में बदलाव करते हुए उच्च शिक्षा के स्थान पर सभी विषयों में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा शब्द जुड़वा दिया गया था। इसके बाद शोध संस्थान के भवन में रामपुर पब्लिक स्कूल के नाम से विद्यालय का संचालन शुरू करा दिया गया था। लखनऊ में 28 जनवरी को हुई कैबिनेट की बैठक में शर्तों के उल्लंघन के आधार पर लीज निरस्त कर दी गई। मंगलवार को अल्पसंख्यक कल्याण निदेशक जे रीभा ने जौहर प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान की जमीन और भवन पर सरकारी कब्जा लेने का आदेश जारी कर दिया है।
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औलख ने की थी शिकायत, एसआईटी ने दी थी रिपोर्ट
प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने इस मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। इस मामले की जांच एसआईटी को सौंपी गई थी। एसआईटी ने लीज की शर्तों के उल्लंघन की रिपोर्ट दी थी। इसके बाद अल्पसंख्यक विभाग ने लीज निरस्त करने का प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखा था।
शासन से मार्गदर्शन लेंगे : डीएम
डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि शोध संस्थान पर कब्जा लेने का आदेश मिलने के बाद एडीएम (प्रशासन), जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, एसडीएम सदर और सीओ सिटी की टीम बनाई है। यह टीम प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। परिसर में बच्चों का स्कूल चल रहा है और परीक्षा हो रही हैं, लिहाजा शासन से मार्गदर्शन लिया जाएगा।