{"_id":"61ba37b692f8ed20eb38b95d","slug":"rampur-first-in-fish-production-rampur-news-mbd412760944","type":"story","status":"publish","title_hn":"मत्स्य उत्पादन में रामपुर को मिला प्रथम स्थान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मत्स्य उत्पादन में रामपुर को मिला प्रथम स्थान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर। मत्स्य उत्पादन एवं वितरण में जनपद रामपुर को प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। सहायक निदेशक मत्स्य अनीता टम्टा ने बताया कि वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत विभिन्न परियोजनाओं में 20 मत्स्य पालकों को 38.14 लाख रुपये का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया गया है। मत्स्य पालन के लिए किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत जनपद के लघु एवं सीमांत मत्स्य पालकों को 32 लाख रुपये का मत्स्य पालन ऋण बैंकों से मत्स्य पालकों को उपलब्ध कराया गया है।
जनपद के मत्स्य गतिविधियों में लगे 7765 व्यक्तियों को लाभान्वित किया जाना है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना में मत्स्य पालन क्षेत्र में नवीन तकनीक का प्रयोग कर जनपद में एक वृहद रीसर्कुलेटरी सिस्टम का निर्माण, दो मत्स्य बीज हैचरियों को निर्माण, पांच रियरिंग यूनिट निर्माण तथा 10 निजी क्षेत्र के तालाबों का निर्माण कराया गया है। वर्तमान में जिले में मत्स्य बीज आपूर्ति के लिए जनपद में 47 मत्स्य बीज हैचरियां स्थापित हैं। आर्थिक एवं सामाजिक रूप से पिछड़े मत्स्य पालकों के उत्थान के लिए लिवलीहुड परियोजनांतर्गत तीन हजार रुपये तक की सहायता राशि मत्स्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। जिसमें जनपद में 55 मत्स्य आखेट/मछुआरों को लाभान्वित किए जाने का लक्ष्य है। छोटी एवं बड़ी मत्स्य बीज हैचरियों को एक मंच उपलब्ध कराने के लिए जिले के ग्राम धनौरा तहसील मिलक में एक मत्स्य पालक उत्पादक समूह का गठन भी रामपुर फिश प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड नाम से किया गया है।
विज्ञापन
जनपद के मत्स्य गतिविधियों में लगे 7765 व्यक्तियों को लाभान्वित किया जाना है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना में मत्स्य पालन क्षेत्र में नवीन तकनीक का प्रयोग कर जनपद में एक वृहद रीसर्कुलेटरी सिस्टम का निर्माण, दो मत्स्य बीज हैचरियों को निर्माण, पांच रियरिंग यूनिट निर्माण तथा 10 निजी क्षेत्र के तालाबों का निर्माण कराया गया है। वर्तमान में जिले में मत्स्य बीज आपूर्ति के लिए जनपद में 47 मत्स्य बीज हैचरियां स्थापित हैं। आर्थिक एवं सामाजिक रूप से पिछड़े मत्स्य पालकों के उत्थान के लिए लिवलीहुड परियोजनांतर्गत तीन हजार रुपये तक की सहायता राशि मत्स्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। जिसमें जनपद में 55 मत्स्य आखेट/मछुआरों को लाभान्वित किए जाने का लक्ष्य है। छोटी एवं बड़ी मत्स्य बीज हैचरियों को एक मंच उपलब्ध कराने के लिए जिले के ग्राम धनौरा तहसील मिलक में एक मत्स्य पालक उत्पादक समूह का गठन भी रामपुर फिश प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड नाम से किया गया है।
विज्ञापन