आजम को राहत के साथ झटका: सात-सात साल की सजा में कोर्ट ने खारिज की अपील, पड़ोसी पर हमले में बेटे समेत बरी
जेल में बंद सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला को दो मुकदमों में पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। दो जन्म प्रमाणपत्र में सात-सात साल की सजा के खिलाफ की गई अपील को कोर्ट ने बरकरार रखा है। दूसरे मामले में उन्हें बरी कर दिया है।
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सपा नेता आजम खां से जुड़े दो मामलों में एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने शनिवार को फैसला सुनाया। सपा नेता को एक मामले में राहत मिली तो दूसरे में झटका लगा। पड़ोसी पर हमला करने के मामले में आजम, उनके बेटे अब्दुल्ला, भाई शरीफ अहमद और भतीजे बिलाल खां को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
वहीं अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाणपत्र मामले में मिली सात साल की सजा के खिलाफ दायर आजम, उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और अब्दुल्ला की अपील को कोर्ट ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा है। गंज थाने में दर्ज पड़ोसी पर हमले के मामले में एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट के जज डाॅ. विजय कुमार ने सपा नेता आजम खां को उनके भाई, भतीजे और बेटे समेत बरी कर दिया।
यह मुकदमा जेल रोड निवासी मोहम्मद अहमद ने 29 अगस्त 2019 को दर्ज कराया था। इसमें घर में घुसकर जानलेवा हमला करने, रंगदारी मांगने और आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगाया था। वहीं कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के मामले में मिली सात साल की सजा के खिलाफ दायर आजम, अब्दुल्ला और तजीन फात्मा की अपील को खारिज कर दिया।
सेशन कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा है। एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट ट्रायल कोर्ट ने 18 अक्तूबर को आजम खां, अब्दुल्ला और तजीन फात्मा को सात-सात साल की कैद व पचास हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई थी।
तभी से आजम खां सीतापुर, अब्दुल्ला हरदोई और तजीन फात्मा रामपुर जेल में बंद हैं। शनिवार को सुनवाई के लिए आजम खां को सीतापुर और अब्दुल्ला को कड़ी सुरक्षा के बीच हरदोई जेल से लाया गया। कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया।
कोर्ट में आजम बोले- मैं बीमार, पेशी पर लाएं तो करें एंबुलेंस की व्यवस्था
रामपुर कोर्ट पहुंचे समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां ने कोर्ट के सामने अपना दर्द बयां किया। आजम ने कहा कि मैं बीमार हूं।इतना लंबा सफर अब नहीं हो पाता। इसलिए जब भी कोर्ट में उन्हें लाया जाए तो एंबुलेंस की व्यवस्था की जाए। कोर्ट ने उनकी बात को गंभीरता से सुना और अफसरों को हिदायत दी कि पेशी के समय एंबुलेंस की व्यवस्था की जाए।
सपा नेता आजम खां पड़ोसी पर हमले के मामले में सीतापुर जेल से रामपुर कोर्ट लाए गए थे, जबकि उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को हरदोई जेल से पेश किया गया था। केस की सुनवाई के दौरान सपा नेता ने कोर्ट के सामने अपना दर्द बयां किया। कहा कि पेश के दौरान एंबुलेंस की व्यवस्था कर दी जाए। इस पर कोर्ट ने अफसरों को आदेश दिए कि पेशी के वक्त एंबुलेंस की व्यवस्था रखें। किसी भी तरह की लापरवाही न करें।
पिता से नहीं मिल पाए अदीब, समर्थक भी हुए निराश
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते सपा नेता आजम खां के बड़े बेटे अदीब आजम अपने पिता से मिलने को बेताब दिखे, लेकिन वह सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें मिलने नहीं दिया। इससे वह काफी निराश दिखे। इसके अलावा समर्थक भी आजम से मिलने के प्रयास में थी, लेकिन वह भी नहीं मिल सके।
कोर्ट में नहीं मिला वकीलों को प्रवेश
सपा नेता आजम खां और बेटे अब्दुल्ला आजम की कोर्ट में पेशी के वक्त सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। इस वजह से वकीलों को भी पुलिस ने अंदर जाने से रोक दिया। इससे वह भड़क गए। उन्होंने मामले की शिकायत जिला जज से की। सपा नेता आजम खां से जुड़े दो मामलों में शनिवार को फैसला आना है।
इसके लिए कचहरी परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पेशी से पहले ही पुलिस ने वकीलों को भी कोर्ट से दूर रखा। इससे उनमें गुस्सा छा गया। वकीलों का कहना है कि उनके केस भी लगे हुए हैं। इसकी वजह से वह पैरवी नहीं कर पा रहे हैं।