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खासबाग कोठी की कीमत आंकने से पीडब्लूडी का इंकार
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रामपुर। रियासत में बनी कोठी खासबाग की बिल्डिंग कीमत का आकलन करने से लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने इंकार कर दिया है। विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि यह बिल्डिंग एक सौ साल से अधिक पुरानी है। पुरानी बिल्डिंग का कीमत आंकने का फार्मूला हमारे पास नहीं है, क्योंकि एक तरह से स्क्रैप में तब्दील हो चुकी है।
रामपुर के आखिरी नवाब रजा अली खां की संपत्ति का विभाजन शरीयत कानून के मुताबिक उनके वारिसों में किए जाने की प्रक्रिया कोर्ट के आदेश पर चल रही है। आखिरी नवाब की संपत्ति का विभाजन उनके 18 वारिसों में किया जाना है। विभाजन की प्रक्रिया के तहत आखिरी नवाब की अचल संपत्ति का मूल्य निकलवाया जा रहा है, ताकि उस हिसाब से उसका विभाजन किया जा सके। इसके लिए कोर्ट के आदेश पर एडवोकेट कमिश्नर तैनात किए गए हैं, जिनको नवाब की संपत्ति की एक वस्तु का मूल्य निकालकर उसकी रिपोर्ट कोर्ट को सौंपना है। नवाब की अचल संपत्ति में कोठी खासबाग में काफी अहम है। कोठी खासबाग का कुल एरिया लगभग 350 एकड़ है, जिसमें बाग लगे हैं और खेती लायक जमीन है। कोठी का एरिया 45 हजार गज है। इसके निर्माण के इटली से संगमरमर और वर्मा (म्यांमार) से टिक की लकड़ी मंगाई गई थी। कोर्ट के आदेश पर कोठी खासबाग की बिल्डिंग का मूल्य निकालने का काम लोक निर्माण विभाग को सौंपा गया था। विभाग की ओर कहा गया है कि एक बिल्डिंग काफी पुरानी हो चुकी है। बिल्डिंग का वास्तविक मूल्य निकालना काफी कठिन होगा। लोनिवि के इंकार के बाद इस मुद्दे पर कोठी खासबाग की बिल्डिंग का मूल्य निकालने के दूसरे फार्मूले पर अमल किया जा सकता है, लेकिन पहले इसके लिए कोर्ट की अनुमति लेनी होगी।
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रामपुर के आखिरी नवाब रजा अली खां की संपत्ति का विभाजन शरीयत कानून के मुताबिक उनके वारिसों में किए जाने की प्रक्रिया कोर्ट के आदेश पर चल रही है। आखिरी नवाब की संपत्ति का विभाजन उनके 18 वारिसों में किया जाना है। विभाजन की प्रक्रिया के तहत आखिरी नवाब की अचल संपत्ति का मूल्य निकलवाया जा रहा है, ताकि उस हिसाब से उसका विभाजन किया जा सके। इसके लिए कोर्ट के आदेश पर एडवोकेट कमिश्नर तैनात किए गए हैं, जिनको नवाब की संपत्ति की एक वस्तु का मूल्य निकालकर उसकी रिपोर्ट कोर्ट को सौंपना है। नवाब की अचल संपत्ति में कोठी खासबाग में काफी अहम है। कोठी खासबाग का कुल एरिया लगभग 350 एकड़ है, जिसमें बाग लगे हैं और खेती लायक जमीन है। कोठी का एरिया 45 हजार गज है। इसके निर्माण के इटली से संगमरमर और वर्मा (म्यांमार) से टिक की लकड़ी मंगाई गई थी। कोर्ट के आदेश पर कोठी खासबाग की बिल्डिंग का मूल्य निकालने का काम लोक निर्माण विभाग को सौंपा गया था। विभाग की ओर कहा गया है कि एक बिल्डिंग काफी पुरानी हो चुकी है। बिल्डिंग का वास्तविक मूल्य निकालना काफी कठिन होगा। लोनिवि के इंकार के बाद इस मुद्दे पर कोठी खासबाग की बिल्डिंग का मूल्य निकालने के दूसरे फार्मूले पर अमल किया जा सकता है, लेकिन पहले इसके लिए कोर्ट की अनुमति लेनी होगी।
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